PM Modi को मिला 33वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर वैश्विक मंच पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। यूरोपीय देश स्लोवाकिया ने उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से सम्मानित किया है।
स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने राजधानी ब्रातिस्लावा में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रधानमंत्री मोदी को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। खास बात यह है कि यह सम्मान प्राप्त करने वाले नरेंद्र मोदी पहले भारतीय नेता बन गए हैं।
यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व, वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने और भारत-स्लोवाकिया संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उनके योगदान के लिए दिया गया है। इसके साथ ही मोदी को मिलने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है।
सम्मान मिलने पर PM मोदी ने क्या कहा?
सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि वह इस सम्मान को पाकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं और इसके लिए स्लोवाकिया की सरकार, राष्ट्रपति तथा वहां के नागरिकों के आभारी हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि भारत के 140 करोड़ नागरिकों का सम्मान है। उन्होंने इस पुरस्कार को भारत और स्लोवाकिया के बीच अटूट, मजबूत और स्थायी मित्रता को समर्पित किया।
‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस’ क्या है?
‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस’ स्लोवाकिया का सर्वोच्च राजकीय सम्मान माना जाता है। यह सम्मान उन विदेशी नेताओं और प्रतिष्ठित व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है
जिन्होंने स्लोवाकिया के साथ अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत बनाने और वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान दिया हो।
इस सम्मान को प्राप्त करना किसी भी विदेशी नेता के लिए बेहद प्रतिष्ठित माना जाता है। प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान मिलना न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का भी प्रतीक माना जा रहा है।
भारत-स्लोवाकिया संबंधों को मिला नया आयाम
PM Modi को मिला 33वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान: प्रधानमंत्री मोदी और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप’ यानी व्यापक साझेदारी के स्तर तक अपग्रेड करने का ऐतिहासिक फैसला लिया।
इस दौरान दोनों देशों के बीच प्रवासन, डिजिटल तकनीक, रक्षा, शिक्षा, विज्ञान, नवाचार, ऊर्जा और आर्थिक सहयोग से जुड़े कुल 11 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन समझौतों से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के नए अवसर खुलेंगे।
रक्षा, व्यापार और तकनीक पर विशेष फोकस
ब्रातिस्लावा में हुई बैठक के दौरान रक्षा सहयोग, आधुनिक तकनीक, रेलवे, ऑटोमोबाइल सेक्टर, ऊर्जा, आईटी और स्वास्थ्य सेवाओं में साझेदारी बढ़ाने पर विशेष चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाकिया के कई बिजनेस लीडर्स और उद्योगपतियों से भी मुलाकात कर उन्हें भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रण दिया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री ने भारत में चल रहे आर्थिक सुधारों, विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार, डिजिटल इंडिया और नई निवेश नीतियों की जानकारी देते हुए स्लोवाक कंपनियों को भारत में मौजूद विशाल अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
स्लोवाकिया के राष्ट्रपति के साथ योग कार्यक्रम में भी शामिल हुए PM
अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी के साथ राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष योग कार्यक्रम में भी भाग लिया।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले योग के महत्व का संदेश दिया गया।
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कला प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। दोनों नेताओं ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी चर्चा की।
पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया यात्रा
PM Modi को मिला 33वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान: यह यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है। भारत की स्वतंत्रता के बाद यह पहली बार है जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री आधिकारिक दौरे पर स्लोवाकिया पहुंचा है।
ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत और उन्हें देश का सर्वोच्च सम्मान मिलना दोनों देशों के रिश्तों की मजबूती को दर्शाता है।
विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख और यूरोप में उसके मजबूत होते प्रभाव के चलते कई यूरोपीय देश भारत के साथ साझेदारी को नए आयाम देना चाहते हैं।
33 अंतरराष्ट्रीय सम्मान और बढ़ता भारत का वैश्विक प्रभाव
प्रधानमंत्री मोदी को अब तक दुनिया के विभिन्न देशों द्वारा 33 अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्रदान किए जा चुके हैं। इनमें खाड़ी देशों, अफ्रीका, एशिया, प्रशांत क्षेत्र और यूरोप के कई प्रतिष्ठित पुरस्कार शामिल हैं।
इन सम्मानों को भारत की मजबूत होती अर्थव्यवस्था, बढ़ते वैश्विक प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी सक्रिय भागीदारी की पहचान के तौर पर देखा जाता है।
बीते वर्षों में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति को और सशक्त किया है तथा कई अहम अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
G-7 शिखर सम्मेलन में भी लेंगे हिस्सा
PM Modi को मिला 33वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान: स्लोवाकिया दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 52वें G-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रवाना होंगे।
इस दौरान वे कई वैश्विक नेताओं से मुलाकात करेंगे और व्यापार, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी सहयोग तथा वैश्विक शांति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
स्लोवाकिया का सर्वोच्च सम्मान प्राप्त करना और उसके साथ ही G-7 जैसे वैश्विक मंच पर भारत की सक्रिय मौजूदगी यह संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में विश्व राजनीति और अर्थव्यवस्था में भारत की भूमिका और अधिक प्रभावशाली होने वाली है।
यह भी पढ़ें: इजरायल ने खारिज की ट्रंप ईरान की डील, मध्य पूर्व में फिर गहराया युद्ध का खतरा

