विनोद खन्ना बायोग्राफी: सोचिए एक ऐसे नौजवान को जिसके पास ऐशो-आराम की कोई कमी नहीं थी, लेकिन उसके दिल में एक अलग ही आग दहक रही थी।
क्या आप यकीन करेंगे कि जिस सुपरस्टार को दुनिया ने पलकों पर बिठाया, उसे अपनों से ही सबसे बड़ी चुनौती मिली थी?
जब उसने अभिनय की दुनिया में कदम रखने की बात की, तो उसके पिता ने गुस्से में यहाँ तक कह दिया था, "अगर फिल्मों में गए, तो गोली मार दूँगा!"
यह कहानी एक ऐसे विद्रोही की है जिसने बिजनेस की गद्दी छोड़कर मुंबई की गलियों का संघर्ष चुना।
पिता ने उसे खुद को साबित करने के लिए सिर्फ 730 दिन...
सदानंदन मास्टर के कटे पैरों और वी.एस. अच्युतानंदन को पद्म विभूषण की राजनीति: रक्तरंजित बलिदानों का अपमान और सत्ता का 'मास्टरस्ट्रोक'
लोकतंत्र के सर्वोच्च मंदिर...
सिलीगुड़ी कॉरिडोर: सिलीगुड़ी के पास स्थित चिकन नेक यानी सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत के लिए केवल एक भौगोलिक हिस्सा नहीं, बल्कि एक रणनीतिक जीवनरेखा है।
लगभग...
धुरंधर: 'द रिवेंज'
'धुरंधर: द रिवेंज' का खौफ: पर्दे पर उतरा आतंकवाद का नंगा सच, तो बौखला उठा वामपंथी इकोसिस्टम
विकिपीडिया पर आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' को 'प्रोपेगेंडा'...