अहिल्याबाई होल्कर
18वीं शताब्दी के मध्य में, जब भारत में मुगल साम्राज्य का पतन हो रहा था और मराठा शक्ति का उदय हो रहा था, तब एक ऐसी शासिका ने इतिहास में अपना नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित किया, जिनकी शासन शैली और व्यक्तित्व आज उनके जन्म के त्रिशती वर्ष में भी प्रासंगिक बने हुए हैं। यह महिला थीं – गंगा के समान पवित्र राजमाता महामहिम देवी अहिल्याबाई होल्कर।
वनगमन के समय माँ सीता को वल्कल वस्त्र धारण किए हुए देख गुरु वशिष्ठ के नेत्र सजल हो उठे थे। उन्होंने माँ सीता को रोकते हुए व कैकेयी को कठोर फटकार लगाते हुए कहा कि, “सीता वन में नहीं जाएंगी, श्रीराम के लिए...
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Pagalmovies 2026: आजकल युवाओं में फिल्मों और वेब सीरीज को मोबाइल, लैपटॉप और स्मार्ट टीवी पर देखने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है।
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