पिता की आखिरी विदाई: आज के दौर में पैसा जिंदगी की जरूरत है, लेकिन क्या पैसा रिश्तों से भी ज्यादा जरूरी हो गया है?
हरियाणा के सोनीपत से सामने आया एक मामला इस सवाल को और गंभीर बना देता है।
एक 74 वर्षीय पिता की चिता जलती रही, अंतिम संस्कार की रस्में होती रहीं और उनकी बेटियां श्मशान घाट पहुंचने के बजाय वीडियो कॉल पर पूरी प्रक्रिया देखती रहीं।
पिता की आखिरी विदाई के लिए ऑनलाइन 5100 रुपये जरूर भेजे गए, लेकिन कंधा देने के लिए कोई बेटी वहां मौजूद नहीं थी।
https://twitter.com/priyarajputlive/status/2085013966988956125
डेढ़ साल से वृद्धाश्रम में रह रहे थे पिता
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