DHURANDHAR 2 REVIEW: पहले पार्ट की जबरदस्त सफलता के बाद ‘धुरंधर: द रिवेंज’ को लेकर दर्शकों में अलग ही उत्साह था। उम्मीद थी कि इस बार कहानी और भी ज्यादा तीखी, एक्शन और भी ज्यादा दमदार और ट्विस्ट पहले से बड़े होंगे। लेकिन क्या यह फिल्म उन उम्मीदों पर खरी उतरती है? जवाब थोड़ा मिला-जुला है।
फिल्म रिलीज से पहले ही जबरदस्त चर्चा में थी, लेकिन कई शहरों में प्रीव्यू शो कैंसिल होने से फैंस को निराशा झेलनी पड़ी। जिन दर्शकों को फिल्म देखने का मौका मिला, उनके अनुभव भी पूरी तरह एक जैसे नहीं रहे।
फिल्म का ओवरऑल अनुभव
करीब चार घंटे लंबी इस फिल्म में एंटरटेनमेंट है, लेकिन लगातार नहीं।...
सदानंदन मास्टर के कटे पैरों और वी.एस. अच्युतानंदन को पद्म विभूषण की राजनीति: रक्तरंजित बलिदानों का अपमान और सत्ता का 'मास्टरस्ट्रोक'
लोकतंत्र के सर्वोच्च मंदिर...
सिलीगुड़ी कॉरिडोर: सिलीगुड़ी के पास स्थित चिकन नेक यानी सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत के लिए केवल एक भौगोलिक हिस्सा नहीं, बल्कि एक रणनीतिक जीवनरेखा है।
लगभग...