अयोध्या
श्रीअयोध्यान्यास द्वारा दिल्ली में आयोजित वार्षिक महोत्सव के आठवें वर्ष में मुख्यवक्ता के रूप में आचार्य श्री मिथिलेशनन्दिनीशरण जी महाराज (सिद्धपीठ श्रीहनुमन्निवास, अयोध्या) का उद्बोधन। अयोध्या पर्व के आठवें संस्करण के सातवें विमर्श सत्र में पूज्य महाराज ने “भविष्य की अयोध्या-शासन और समाज” विषय के अन्तर्गत अयोध्या के पुनरुद्धार में होने वाली व्यवस्था चिन्ताओं को स्पष्ट किया।
आचार्य श्री मिथिलेशनन्दिनीशरण जी महाराज का यह उद्बोधन यथावत यहाँ उद्धृत किया जा रहा है,
आचार्य श्री मिथिलेशनन्दिनीशरण जी महाराज का सम्पूर्ण उद्बोधन
ॐ नमो भगवते उत्तमश्लोकाय नम: आर्यलक्षणशीलव्रताय नम: उपशिक्षितात्मन उपासितलोकाय नम: साधुवादनिक्षाय नमो ब्रह्मण्यदेवाय महापुरुषाय महाराजाय नमः।यः पृथ्वीभरवारणाय दिविजैः संप्रार्थितरिचन्मयः संजातः पृथ्वीतले रविकुले मायामनुष्योऽव्ययः निश्चक्रं हतराक्षसान् पुनरगाद् ब्रह्मत्वमाद्यं स्थिरां कीर्तिं पापहरां विधाय जगतां...
धुरंधर: 'द रिवेंज'
'धुरंधर: द रिवेंज' का खौफ: पर्दे पर उतरा आतंकवाद का नंगा सच, तो बौखला उठा वामपंथी इकोसिस्टम
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