अखिलेश यादव पर राजनीतिक खतरा
अखिलेश यादव की ममता बनर्जी से हालिया मुलाकात उनकी राजनीतिक समझ पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
यह कदम उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनकी स्थिति को कमजोर करने वाला साबित होगा। राजनीतिक विश्लेषक इसे रणनीतिक भूल मान रहे हैं।
IPAC समझौता और वित्तीय व्यवस्था
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि ममता बनर्जी और अखिलेश यादव दोनों का IPAC कंपनी से समझौता था।
चुनाव प्रबंधन कंपनी की फीस हजारों करोड़ रुपये की बताई जाती है। समाजवादी पार्टी का मानना था कि पश्चिम बंगाल में ममता की जीत के बाद कोयला कारोबार से यह राशि जुटाई जा सकेगी।
किरणमय नंदा की अनसुनी चेतावनी
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