परीक्षा और AI
डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तेज विस्तार ने शिक्षा व्यवस्था के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। स्कूलों और शिक्षकों के लिए यह चिंता बढ़ती जा रही है कि विद्यार्थी पढ़ाई के बजाय एआई उपकरणों पर निर्भर होते जा रहे हैं। इससे वास्तविक सीखने की प्रक्रिया प्रभावित होने का खतरा बढ़ रहा है।
एआई उपकरणों के माध्यम से बढ़ती नकल
एक हालिया सर्वेक्षण के अनुसार लगभग 60 प्रतिशत किशोर छात्रों का मानना है कि स्कूलों में विद्यार्थी अक्सर चैटजीपीटी और कोपायलट जैसे एआई प्लेटफॉर्म का उपयोग करके पढ़ाई से संबंधित कार्यों में नकल करते हैं। शिक्षकों के सामने इस प्रवृत्ति को रोकना लगातार कठिन होता जा...
अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला
अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए सार्वजनिक स्कूलों द्वारा बच्चों के लिंग पहचान परिवर्तन...
सदानंदन मास्टर के कटे पैरों और वी.एस. अच्युतानंदन को पद्म विभूषण की राजनीति: रक्तरंजित बलिदानों का अपमान और सत्ता का 'मास्टरस्ट्रोक'
लोकतंत्र के सर्वोच्च मंदिर...
सिलीगुड़ी कॉरिडोर: सिलीगुड़ी के पास स्थित चिकन नेक यानी सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत के लिए केवल एक भौगोलिक हिस्सा नहीं, बल्कि एक रणनीतिक जीवनरेखा है।
लगभग...