Delhi: भारत में पारिवारिक विवादों और भरण-पोषण (मेंटेनेंस) से जुड़े मामलों में अदालतें समय-समय पर महत्वपूर्ण फैसले देती रही हैं।
हाल ही में Delhi High Court ने दो ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय दिए हैं, जिनका असर लाखों परिवारों और महिला कर्मचारियों पर पड़ सकता है।
अदालत ने स्पष्ट किया है कि नौकरी न होने का दावा करके कोई पति अपनी पत्नी और बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी से नहीं बच सकता।
वहीं, निजी स्कूलों में कार्यरत महिला शिक्षकों को भी चाइल्ड केयर लीव (CCL) का अधिकार देने का रास्ता साफ कर दिया गया है।
पत्नी और बच्चों की जिम्मेदारी से नहीं बच सकता पति
दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा कि यदि...
Delhi: भारत में पारिवारिक विवादों और भरण-पोषण (मेंटेनेंस) से जुड़े मामलों में अदालतें समय-समय पर महत्वपूर्ण फैसले देती रही हैं।
हाल ही में Delhi High...
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