विजय देवरकोंडा बायोग्राफी: क्या आप एक ऐसे लड़के की कल्पना कर सकते हैं, जिसे बचपन में "रॉडी" कहकर चिढ़ाया जाता था, लेकिन उसने उसी अपमान को करोड़ों डॉलर के साम्राज्य में बदल दिया?
कौन था वो गुमनाम चेहरा, जो बदरुका कॉलेज की गलियों में किसी "लक्ष्यहीन" मुसाफिर की तरह भटकता था, जबकि उसके भीतर एक सिनेमाई सुनामी जन्म ले रही थी?
बिना किसी फिल्मी खानदान या गॉडफादर के, एक संघर्षरत टीवी निर्देशक के इस बेटे के पास अगर कुछ था, तो वो था, हैदराबाद के थिएटर की घुटन भरी परछाइयों में बहाया गया सालों का गुमनाम पसीना।
जब दुनिया सो रही थी, तब वह मंच के पीछे खुद पर पत्थर...
सदानंदन मास्टर के कटे पैरों और वी.एस. अच्युतानंदन को पद्म विभूषण की राजनीति: रक्तरंजित बलिदानों का अपमान और सत्ता का 'मास्टरस्ट्रोक'
लोकतंत्र के सर्वोच्च मंदिर...
सिलीगुड़ी कॉरिडोर: सिलीगुड़ी के पास स्थित चिकन नेक यानी सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत के लिए केवल एक भौगोलिक हिस्सा नहीं, बल्कि एक रणनीतिक जीवनरेखा है।
लगभग...