रुबिका लियाकत बायोग्राफी: उदयपुर की शांत झीलों के किनारे पली-बढ़ी एक लड़की ने जब ख़ामोशी को छोड़कर हाथ में माइक थामने का फैसला किया, तो हिंदी पत्रकारिता को एक नई और निडर आवाज़ मिली।
उन्होंने 2000 के दशक की शुरुआत में पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा। यह एक ऐसा क्षेत्र था जहाँ सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं था।
अपनी मेहनत, अटूट आत्मविश्वास और काबिलियत के दम पर उन्होंने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया। उन्होंने साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो अपनी राह खुद बनाई जा सकती है।
'ताल ठोक के' और 'मास्टर स्ट्रोक' जैसे लोकप्रिय शोज के माध्यम से उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक...
सदानंदन मास्टर के कटे पैरों और वी.एस. अच्युतानंदन को पद्म विभूषण की राजनीति: रक्तरंजित बलिदानों का अपमान और सत्ता का 'मास्टरस्ट्रोक'
लोकतंत्र के सर्वोच्च मंदिर...
सिलीगुड़ी कॉरिडोर: सिलीगुड़ी के पास स्थित चिकन नेक यानी सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत के लिए केवल एक भौगोलिक हिस्सा नहीं, बल्कि एक रणनीतिक जीवनरेखा है।
लगभग...
सुनेत्रा पवार
महाराष्ट्र में राजनीतिक घटनाक्रम के बीच राज्य को आज पहली महिला उपमुख्यमंत्री मिलने जा रही हैं। राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार शनिवार 31 जनवरी...
Bulandshahr: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र स्थित गाँव गिनोरा शेख में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो...