जीवन बीमा
जीवन बीमा खरीदते समय अधिकांश लोग प्रीमियम, बीमा राशि और पॉलिसी की अवधि पर ध्यान देते हैं, लेकिन नॉमिनी का नाम दर्ज करने के बाद उसे दोबारा जांचना जरूरी नहीं समझते। यही लापरवाही परिवार के लिए गंभीर कानूनी और आर्थिक विवाद पैदा कर सकती है।
मामला तब अधिक पेचीदा हो जाता है, जब किसी व्यक्ति ने अविवाहित रहते हुए अपनी माँ को जीवन बीमा का नॉमिनी बनाया हो और शादी के बाद पत्नी तथा बच्चों के नाम शामिल नहीं किए हों। उसकी मृत्यु होने पर बीमा राशि का अधिकार किसे मिलेगा?
सवाल केवल बीमा कंपनी से मिलने वाले पैसे का नहीं है। इसके साथ विधवा पत्नी की आर्थिक सुरक्षा, बच्चों...
करुणानिधि
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