यूरिक एसिड: आज के समय में यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या तेजी से लोगों को प्रभावित कर रही है। पहले इसे बढ़ती उम्र से जुड़ी परेशानी माना जाता था, लेकिन अब युवा भी इसकी चपेट में आने लगे हैं।
खराब खान-पान, शारीरिक गतिविधियों की कमी, बढ़ता वजन और अनियमित जीवनशैली इसके प्रमुख कारण हैं।
यदि समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह जोड़ों में दर्द, सूजन, गठिया (गाउट) और किडनी से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है।
अच्छी बात यह है कि सही खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर यूरिक एसिड के स्तर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
क्या होता है यूरिक एसिड?
यूरिक एसिड शरीर में बनने वाला एक प्राकृतिक अपशिष्ट पदार्थ (वेस्ट प्रोडक्ट) है। यह तब बनता है जब शरीर प्यूरिन (Purine) नामक तत्व को तोड़ता है।
प्यूरिन कुछ खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है और शरीर की कोशिकाओं में भी पाया जाता है।
सामान्य परिस्थितियों में किडनी यूरिक एसिड को फिल्टर करके पेशाब के माध्यम से शरीर से बाहर निकाल देती है,
लेकिन जब शरीर में इसकी मात्रा जरूरत से ज्यादा बनने लगे या किडनी इसे सही तरीके से बाहर न निकाल पाए,
तब रक्त में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है। यही स्थिति आगे चलकर कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।
किन वजहों से बढ़ता है यूरिक एसिड?
यूरिक एसिड बढ़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण असंतुलित खान-पान और खराब जीवनशैली मानी जाती है।
रेड मीट, ऑर्गन मीट जैसे लीवर और किडनी, साथ ही कुछ प्रकार के सी-फूड में प्यूरिन की मात्रा अधिक होती है।
इनका अधिक सेवन करने से शरीर में यूरिक एसिड तेजी से बनने लगता है।
इसके अलावा मीठे पेय पदार्थ, खासकर फ्रुक्टोज युक्त कोल्ड ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक और पैकेज्ड जूस भी यूरिक एसिड का स्तर बढ़ा सकते हैं।
शराब, विशेष रूप से बीयर, इस समस्या को और गंभीर बना सकती है क्योंकि यह शरीर से यूरिक एसिड बाहर निकालने की प्रक्रिया को धीमा कर देती है।
कम पानी पीना भी एक महत्वपूर्ण कारण है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो किडनी अतिरिक्त यूरिक एसिड को प्रभावी ढंग से बाहर नहीं निकाल पाती।
इसके अलावा लंबे समय तक बैठे रहना, व्यायाम न करना, मोटापा, तनाव और पर्याप्त नींद न लेना भी यूरिक एसिड बढ़ने के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
कुछ मामलों में आनुवंशिक कारण, किडनी की बीमारी या कुछ दवाओं का लंबे समय तक सेवन भी इसकी वजह बन सकता है।
बढ़े हुए यूरिक एसिड के लक्षण
शुरुआत में कई लोगों को कोई खास लक्षण महसूस नहीं होते, लेकिन जब यूरिक एसिड का स्तर काफी बढ़ जाता है, तब शरीर संकेत देना शुरू कर देता है।
पैरों के अंगूठे, घुटनों, टखनों या उंगलियों के जोड़ों में अचानक तेज दर्द होना इसका सामान्य लक्षण है।
इसके साथ ही जोड़ों में सूजन, लालपन, अकड़न और चलने-फिरने में परेशानी भी हो सकती है।
कुछ लोगों को सुबह उठते समय जोड़ों में जकड़न महसूस होती है।
यदि लंबे समय तक इसका इलाज न किया जाए, तो यह गाउट और किडनी स्टोन जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।
यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के आसान उपाय
यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने के लिए सबसे पहले अपनी डाइट पर ध्यान देना जरूरी है। हाई-प्यूरिन फूड्स जैसे रेड मीट, ऑर्गन मीट और अधिक मात्रा में सी-फूड का सेवन सीमित करें।
इसके बजाय हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, साबुत अनाज और फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करें।
सेब, पपीता, खीरा, संतरा और चेरी जैसे फल कई लोगों के लिए लाभकारी माने जाते हैं।
दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी बेहद जरूरी है। पर्याप्त पानी शरीर से अतिरिक्त यूरिक एसिड को बाहर निकालने में मदद करता है।
मीठे पेय पदार्थों की जगह सादा पानी, नारियल पानी, छाछ या नींबू पानी जैसे हेल्दी विकल्प चुनना बेहतर होता है।
नियमित रूप से कम से कम 30 मिनट तक पैदल चलना, योग करना या हल्की एक्सरसाइज करना भी फायदेमंद है।
इससे मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और वजन नियंत्रित रहता है। यदि वजन अधिक है, तो धीरे-धीरे उसे कम करने का प्रयास करें,
क्योंकि मोटापा भी यूरिक एसिड बढ़ने का एक प्रमुख कारण माना जाता है। साथ ही धूम्रपान और शराब से दूरी बनाना भी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।
कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है?
यदि जोड़ों में बार-बार दर्द, सूजन, लालपन या अकड़न बनी रहती है, पैरों के अंगूठे में अचानक तेज दर्द होता है।
यूरिक एसिड की रिपोर्ट लगातार सामान्य सीमा से ऊपर आ रही है, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
डॉक्टर आवश्यक जांच के बाद उचित दवा, खान-पान और जीवनशैली में बदलाव की सलाह देते हैं। बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई भी दवा शुरू या बंद नहीं करनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी बीमारी के इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

