Sunday, August 23, 2026

सर्जियो गोर ने देखी कश्मीर की खूबसूरती, आप भी घूमने जाएं तो परी महल और डल झील जरूर देखें

सर्जियो गोर ने देखी कश्मीर की खूबसूरती: अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर श्रीनगर का दौरा किया। यह उनका श्रीनगर का पहला दौरा था। यात्रा के दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर को भारत का एक अहम हिस्सा बताया।

उनके इस बयान पर पाकिस्तान की ओर से आपत्ति जताई गई, वहीं भारत में इसे जम्मू-कश्मीर को लेकर नई दिल्ली के रुख के समर्थन के तौर पर देखा गया।

सर्जियो गोर का यह दौरा इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि साल 2019 में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों में बदलाव और जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद किसी मौजूदा अमेरिकी राजदूत की ओर से घाटी का यह पहला अलग दौरा बताया गया।

अपने प्रवास के दौरान उन्होंने श्रीनगर के दो प्रमुख पर्यटन स्थलों परी महल और डल झील का भी रुख किया।

अगर आप आने वाले दिनों में कश्मीर घूमने की योजना बना रहे हैं, तो इन दोनों जगहों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकते हैं।

परी महल जहां अपने इतिहास, पहाड़ी लोकेशन और मुगल वास्तुकला के लिए खास है, वहीं डल झील श्रीनगर की पहचान और यहां आने वाले पर्यटकों के सबसे पसंदीदा आकर्षणों में शामिल है।

परी महल: इतिहास और खूबसूरत नजारों का संगम

श्रीनगर की जबरवान पर्वत श्रृंखला की पहाड़ी पर स्थित परी महल कश्मीर के प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों में से एक है। सर्जियो गोर ने भी अपने श्रीनगर दौरे के दौरान यहां पहुंचकर इस ऐतिहासिक परिसर को देखा।

परी महल को अंग्रेजी में ‘द एंजल्स एबोड’ यानी ‘फरिश्तों का ठिकाना’ भी कहा जाता है। पहाड़ी पर बने इस परिसर में सात सीढ़ीनुमा बाग हैं।

ऊंचाई पर स्थित होने की वजह से यहां से श्रीनगर शहर और डल झील का शानदार नजारा दिखाई देता है।

इस जगह की वास्तुकला पर मुगल दौर की छाप साफ नजर आती है। इतिहास के अनुसार, मुगल राजकुमार दारा शिकोह ने 17वीं सदी के मध्य में इस स्थान का निर्माण कराया था।

शुरुआती दौर में इसका इस्तेमाल उनके निवास और पुस्तकालय के रूप में किया जाता था। माना जाता है कि दारा शिकोह 1640, 1645 और 1654 के दौरान इस क्षेत्र में रहे थे।

बाद के समय में परी महल का इस्तेमाल खगोल विज्ञान और ज्योतिष से जुड़ी शिक्षा के लिए भी किया गया।

इसी वजह से इस स्थान का इतिहास केवल वास्तुकला तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे उस दौर के ज्ञान और अध्ययन से भी जोड़कर देखा जाता है।

परी महल का इतिहास और भी पुराना है

जिस जगह पर आज परी महल दिखाई देता है, वहां मुगल काल से पहले बौद्ध मठ के अवशेष मौजूद होने की बात कही जाती है।

बाद में दारा शिकोह ने इसी स्थान को विकसित कर एक खूबसूरत ऐतिहासिक परिसर का रूप दिया।

परी महल को ‘हाउस ऑफ फेयरीज’ के नाम से भी जाना जाता है। इसे ‘कुंटिलोन’ नाम से भी संदर्भित किया जाता है।

परिसर में हरे-भरे लॉन और पानी की व्यवस्था इसकी खूबसूरती को और बढ़ाती है।

यह स्थान चश्मे शाही गार्डन के काफी करीब है और वहां से सड़क मार्ग द्वारा कुछ ही मिनटों में परी महल पहुंचा जा सकता है।

श्रीनगर के मुख्य शहर से इसकी दूरी करीब 10 किलोमीटर बताई जाती है।

परी महल कैसे पहुंचें?

श्रीनगर घूमने के लिए हवाई मार्ग चुनने वाले पर्यटक शेख उल आलम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सड़क मार्ग से परी महल जा सकते हैं। एयरपोर्ट से इसकी दूरी लगभग 24 किलोमीटर है।

अगर आप ट्रेन से श्रीनगर पहुंचते हैं तो रेलवे स्टेशन से परी महल करीब 22 किलोमीटर दूर है। वहीं, लाल चौक से सड़क के रास्ते इसकी दूरी लगभग 10 किलोमीटर है।

एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या लाल चौक से टैक्सी, कैब अथवा स्थानीय परिवहन की मदद से परी महल तक पहुंचा जा सकता है।

स्थानीय वाहन लेते समय सफर शुरू करने से पहले किराया तय कर लेना बेहतर रहता है।

कुल खर्च इस बात पर निर्भर करेगा कि आप किस स्थान से यात्रा शुरू कर रहे हैं और किस प्रकार का वाहन चुनते हैं।

डल झील: श्रीनगर की सबसे खास पहचान

श्रीनगर आएं और डल झील न देखें तो कश्मीर की यात्रा अधूरी सी लगती है। सर्जियो गोर ने भी अपने दौरे के दौरान डल झील का रुख किया।

यह झील श्रीनगर के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में गिनी जाती है और कश्मीर की पर्यटन अर्थव्यवस्था में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

डल को आमतौर पर ‘कश्मीर के ताज का गहना’ और ‘श्रीनगर का गहना’ जैसे नामों से भी जाना जाता है।

झील के आसपास बने हाउसबोट, होटल, पार्क और मुगलकालीन बाग इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं।

डल झील का किनारा लगभग 15.5 किलोमीटर लंबा है। झील के आसपास से शालीमार बाग और निशात बाग जैसे प्रसिद्ध मुगल गार्डन के खूबसूरत दृश्य भी देखे जा सकते हैं।

शिकारा की सवारी है खास अनुभव

डल झील की सबसे लोकप्रिय गतिविधियों में शिकारा की सवारी शामिल है। रंग-बिरंगी शिकारा में बैठकर झील के शांत पानी के बीच घूमना पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव माना जाता है।

झील का क्षेत्रफल लगभग 18 वर्ग किलोमीटर है। इसके अलावा यह एक बड़े प्राकृतिक वेटलैंड सिस्टम का हिस्सा है,

जिसका कुल क्षेत्रफल करीब 21.1 वर्ग किलोमीटर बताया जाता है।

डल झील की एक और खासियत यहां मौजूद तैरते हुए बगीचे हैं। इन्हें कश्मीरी भाषा में ‘राद’ कहा जाता है।

जुलाई और अगस्त के महीनों में इन तैरते बगीचों में कमल के फूल खिलते हैं, जिससे झील का नजारा और भी आकर्षक हो जाता है।

झील के आसपास हाउसबोट में ठहरने का विकल्प भी मिलता है। शांत पानी, पहाड़ों का दृश्य और झील पर मौजूद पारंपरिक हाउसबोट कश्मीर की यात्रा को खास बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

डल झील कैसे पहुंचें और कितना खर्च आएगा?

शेख उल आलम इंटरनेशनल एयरपोर्ट से डल झील की दूरी करीब 17 किलोमीटर है।

श्रीनगर रेलवे स्टेशन से यह लगभग 14 किलोमीटर दूर है। वहीं, लाल चौक से सड़क मार्ग द्वारा डल झील करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

पर्यटक एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या शहर के अलग-अलग हिस्सों से टैक्सी, कैब और स्थानीय परिवहन के जरिए झील तक पहुंच सकते हैं।

डल झील पहुंचने के बाद शिकारा की सवारी और हाउसबोट में ठहरने जैसे विकल्प उपलब्ध रहते हैं। इनकी कीमत मौसम, पर्यटकों की संख्या, समय और चुनी गई सेवा के अनुसार बदल सकती है।

इसलिए शिकारा बुक करने या हाउसबोट में ठहरने से पहले किराया, समय और शामिल सुविधाओं की जानकारी लेना बेहतर रहेगा।

कश्मीर घूमने जाएं तो इन जगहों को न करें मिस

श्रीनगर की यात्रा में परी महल और डल झील दो ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जहां आपको कश्मीर के इतिहास और प्राकृतिक खूबसूरती दोनों का अनुभव मिल सकता है।

परी महल आपको मुगल दौर की वास्तुकला, इतिहास और ऊंचाई से दिखाई देने वाले श्रीनगर के शानदार नजारों से रूबरू कराता है,

जबकि डल झील कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता और पारंपरिक जीवनशैली की झलक दिखाती है।

अगर आपकी कश्मीर ट्रिप कुछ दिनों की है, तो इन दोनों जगहों के अलावा आसपास के अन्य मुगल गार्डन और प्रमुख पर्यटन स्थलों को भी यात्रा कार्यक्रम में शामिल किया जा सकता है।

हालांकि, मौसम और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाना हमेशा बेहतर रहता है।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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