हर्ष दुबे के एक महीने के आंदोलन के बाद केंद्र बातचीत के लिए तैयार
आरक्षण सुधार आंदोलन ने एक महीने के जनजागरण और 21 अगस्त के जंतर मंतर प्रदर्शन के बाद बड़ी सफलता दर्ज की है। केंद्र सरकार हर्ष दुबे की मांगों पर बातचीत के लिए तैयार हो गई है और औपचारिक वार्ता की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने हर्ष दुबे और आंदोलन से जुड़े युवाओं का पत्र केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाया है। दो दिन के भीतर केंद्रीय मंत्री के साथ हर्ष दुबे की बैठक तय है, जिसमें आरक्षण सुधार और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे रखे जाएंगे।
मोदी या अमित शाह से सीधे चर्चा की मांग
हर्ष दुबे ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन इस विषय पर सर्वोच्च राजनीतिक स्तर की चर्चा चाहता है। मांग है कि संभव हो तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या गृह मंत्री अमित शाह प्रतिनिधियों से मिलें, हालांकि किसी भी केंद्रीय मंत्री के साथ वार्ता स्वीकार्य रहेगी।
पिछले एक महीने में हर्ष दुबे ने आरक्षण सुधार के मुद्दे पर लगातार जनजागरण किया। अनेक सामाजिक संगठनों, युवाओं और छात्रों के साथ बने अभियान ने 21 अगस्त को जंतर मंतर पर बड़ा प्रदर्शन किया, जिसके अगले दिन केंद्र सरकार ने बातचीत का रास्ता खोला।
शिक्षा व्यवस्था और समान अवसर आंदोलन का प्रमुख मुद्दा
आंदोलन के पत्र में शिक्षा व्यवस्था को आधार बनाया गया है। समान स्तर की पढ़ाई के बावजूद कुछ छात्र मेरिट में ऊपर पहुंचते हैं और कुछ पीछे रह जाते हैं। इसलिए छात्रों की बौद्धिक क्षमता के समान विकास पर काम की मांग की गई है।
पत्र का केंद्रीय प्रस्ताव है कि सभी छात्रों को प्रोफेशनल कोर्स में समान अवसर मिलें। इसके लिए अवसरों की संख्या बढ़ाने, नए शैक्षिक और व्यावसायिक अवसर बनाने तथा ऐसी व्यवस्था विकसित करने की मांग है जिसमें किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो।
प्रदर्शन में हुई कथित बर्बरता का मुद्दा भी उठा
वार्ता में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और गरीब परिवारों से जुड़े युवाओं के साथ हुई कथित बर्बरता का मुद्दा उठाया गया। आंदोलन की मांग है कि भविष्य में धरनों और प्रदर्शनों को संवेदनशीलता से देखा जाए और युवाओं की शिकायतें गंभीरता से सुनी जाएं।
केंद्रीय नेतृत्व तक संदेश पहुंचने के बाद भरोसा सामने आया कि युवाओं और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार होगा, किसी भी स्थिति में उनका नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और समाधान की प्रक्रिया में सभी पक्षों को साथ लेकर आगे बढ़ा जाएगा।
दो दिन बाद बैठक, फिर तय होगी आंदोलन की अगली दिशा
दो दिन बाद बैठक में हर्ष दुबे केंद्रीय मंत्री के सामने विस्तृत मांगें रखेंगे। इसके बाद मीडिया को बातचीत, संभावित निष्कर्ष और आगे की रणनीति की जानकारी दी जाएगी। उसी आधार पर आरक्षण सुधार आंदोलन की अगली दिशा और भावी प्रदर्शन पर निर्णय होगा।
प्रेस वार्ता के अंत में आंदोलन वापस लेने और आगे प्रदर्शन जारी रखने को लेकर सवाल उठे, लेकिन तत्काल कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई। केंद्रीय मंत्री के साथ विस्तृत बातचीत के बाद ही अगली रणनीति, प्रदर्शन और आंदोलन की दिशा पर सार्वजनिक स्थिति बताई जाएगी।

