Saturday, May 23, 2026
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धर्म

वसंत पंचमी: गोविंद देव जी का पाटोत्सव, जहाँ मूर्ति नहीं, स्वयं श्रीकृष्ण विराजते हैं

गोविंद देव जी वो नाम जिसे सुनते ही मन में भगवान श्रीकृष्ण का ऐसा मनमोहक, करुणामय और सजीव स्वरूप उभर आता है, जो केवल...

सरस्वती का गूढ़ रहस्य, सौम्य वेश, रौद्र आवेश

॥ वागीश्वरी विलास ॥ जगत में चेतना का जो अजस्र स्रोत प्रवाहित है उसका मूल भगवती वागीश्वरी की कृपा दृष्टि ही तो है। उनकी उपासना...

राम मंदिर: 286 किलो का स्वर्ण कोदंड रामलला को अर्पित

राम मंदिर: रामनगरी अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में विराजमान श्रीराम लला के 2 वर्ष पुरे होने की उपलक्ष में भव्य और ऐतिहासिक भेंटस्वरूप स्वर्ण...

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी ने अविमुक्तेश्वरानंद के शंकराचार्य होने पर उठाया सवाल!

अखाड़ा परिषद प्रयागराज मौनी अमावस्या पर टकराव से मचा घमासान संगम नगरी प्रयागराज में मौनी अमावस्या के पावन स्नान पर्व पर उस समय विवाद भड़क उठा...

स्वामी जितेंन्द्रानंद: ‘आपको पालकी से जाने की चुल्ल क्यों थी…’, स्वामी जितेंन्द्रानंद और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद में हुई तीखी बहस

स्वामी जितेंन्द्रानंद VS स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद https://www.youtube.com/watch?v=AS0pcQBDPI0 अंजना ओम कश्यप: मैं शंकराचार्य जी आपके पास पहले आ रही हूँ। अभी तो शंकराचार्य पर ही सवाल खड़े...

रामलला की नगरी में दिव्य आगमन: 233 साल पुरानी संस्कृत पांडुलिपि के रूप में मिली अमूल्य धरोहर

रामलला की नगरी में दिव्य आगमन: राम नगरी अयोध्या को भारतीय सांस्कृतिक विरासत की एक अनमोल सौगात मिली है। वाल्मीकि रामायण की 233 वर्ष पुरानी...

केरल का अपना कुम्भ: 250 वर्षों बाद महामाघ महोत्सव की ऐतिहासिक शुरुआत

केरल महामाघ महोत्सव करीब ढाई सौ वर्षों के लंबे अंतराल के बाद केरल में अपने प्राचीन कुम्भ के रूप में विख्यात महामाघ महोत्सव का पुनरारंभ...

मणिकर्णिका का कायाकल्प: हिन्दू आस्था के सम्मान और विरोध के कुचक्र का यथार्थ

मणिकर्णिका मोक्षदायिनी काशी की पीड़ा और दशकों की उपेक्षा काशी केवल एक शहर नहीं है अपितु यह सनातन संस्कृति का शाश्वत केंद्र है जहां मृत्यु...

Kengal Anjaneya Swamy Temple: हर साल बढ़ रही बजरंग बली की मूर्ति, जानें वजह?

Kengal Anjaneya Swamy Temple: भारत की संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन और समृद्ध सभ्यताओं में गिनी जाती है। यहां मंदिर केवल पूजा स्थल नहीं...

सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के समय राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का ऐतिहासिक भाषण

सोमनाथ मंदिर सोमनाथ मंदिर में महादेव प्रतिष्ठा के अवसर पर तारीख 11 मई 1951 को राष्ट्रपति देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी द्वारा दिया गया भाषण...

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