NEET पेपर लीक पर बोले पीएम मोदी: NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी है।
एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी और पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित संसद मार्च को लेकर देशभर में राजनीतिक हलचल बनी हुई है।
पेपर लीक राजनीति का नहीं, छात्रों के भविष्य का मुद्दा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं केवल प्रशासनिक चुनौती नहीं हैं, बल्कि लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने NEET परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं पर तत्काल कदम उठाए।
जिन छात्रों के हित प्रभावित हुए, उन्हें ध्यान में रखते हुए दोबारा परीक्षा आयोजित की गई और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया गया।
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि सरकार छात्रों के हितों को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा
प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रणाली को कमजोर करने वाले लोगों के लिए किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि केवल केंद्र सरकार ही नहीं, बल्कि सभी राज्यों और संबंधित एजेंसियों को मिलकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना होगा।
उनके अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर कई कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में छात्रों का विश्वास बना रहे।
संसद मार्च के बाद आया बयान
प्रधानमंत्री का यह बयान उस समय सामने आया जब CJP के नेतृत्व में आयोजित संसद मार्च ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया।
इस मार्च में विपक्ष के कई नेताओं और सांसदों ने भी भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र और कार्यकर्ता संसद की ओर बढ़े, जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
मार्च के दौरान कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति भी देखने को मिली। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को तैनात किया गया।
प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बल प्रयोग और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की घटनाएं भी सामने आईं। इसके बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई।
CJP प्रतिनिधियों ने जेपी नड्डा से की मुलाकात
संसद मार्च के बाद CJP के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं।
प्रतिनिधियों में सौरव दास और आशुतोष राकां शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच दो चरणों में बातचीत हुई।
बैठक के दौरान प्रतिनिधियों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई सहित
अपनी विभिन्न मांगों को सामने रखा। हालांकि, सरकार की ओर से किसी भी मांग पर तत्काल सहमति या आश्वासन नहीं दिया गया।
बताया गया कि जेपी नड्डा ने प्रतिनिधियों से पहले अपनी मांगों को लिखित रूप में प्रस्तुत करने का अनुरोध किया।
इसके बाद CJP प्रतिनिधिमंडल ने शाम करीब चार बजे अपनी मांगों का ज्ञापन केंद्रीय मंत्री को सौंप दिया।
छात्रों का भरोसा बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती
NEET पेपर लीक विवाद ने देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
ऐसे में प्रधानमंत्री का बयान सरकार के रुख को स्पष्ट करता है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार पेपर लीक रोकने के लिए कौन-से नए सुधार लागू करती है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कितनी तेजी से आगे बढ़ती है।
साथ ही, छात्रों और अभिभावकों को भी उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पूरी तरह कायम रहेगी।

