Monday, September 7, 2026

इंडोनेशिया के अनाक क्राकाटोआ में फटा ज्वालामुखी, 50 हजार फीट तक पहुंची राख, 301 उड़ानें प्रभावित

इंडोनेशिया के माउंट अनाक क्राकाटोआ में रविवार को जोरदार विस्फोट के बाद हवाई सेवाओं पर बड़ा असर पड़ा। ज्वालामुखी से निकली राख करीब 50 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंच गई और हवा के साथ उड़कर एयरपोर्ट तक जा पहुंची।

इसके चलते 301 उड़ानें प्रभावित हुईं, जिनमें 58 इंटरनेशनल फ्लाइट शामिल हैं। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए कई उड़ानों को रद्द करना पड़ा,

जबकि कुछ के समय में बदलाव किया गया। राहत की बात यह है कि अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।

50 हजार फीट तक पहुंचा राख का गुबार

रविवार को अनाक क्राकाटोआ में हुए विस्फोट के बाद आसमान में राख का बड़ा गुबार दिखाई दिया। तेज हवा के कारण ज्वालामुखीय राख आसपास के क्षेत्रों से होते हुए एयरपोर्ट तक पहुंच गई।

रनवे पर राख के फैलने के बाद विमानों के संचालन में परेशानी आने लगी। सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए उड़ानों को रोकना पड़ा।

इसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ा। कई लोगों को अपनी यात्रा में बदलाव करना पड़ा, जबकि एयरलाइंस को भी उड़ानों के शेड्यूल में बदलाव करना पड़ा।

सिंगापुर एयरलाइंस ने रद्द की उड़ानें

स्थिति को देखते हुए सिंगापुर एयरलाइंस ने रविवार को जकार्ता आने-जाने वाली अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दीं। एयरएशिया ने भी कई उड़ानों को कैंसिल या री-शेड्यूल किया।

वहीं गरुड़ इंडोनेशिया ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति जरूर जांच लें।

एयरलाइंस की ओर से यात्रियों को आधिकारिक डिजिटल चैनलों के जरिए अपडेट लेने की सलाह दी गई है, ताकि एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

लगातार सक्रिय है अनाक क्राकाटोआ

अनाक क्राकाटोआ में शुक्रवार देर रात से लगातार विस्फोट और ज्वालामुखीय गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं।

यह ज्वालामुखी 2 जुलाई से अलर्ट लेवल-3 पर है। इंडोनेशिया में इसे दूसरा सबसे ऊंचा चेतावनी स्तर माना जाता है।

रविवार को माउंट सेमेरू में भी विस्फोट हुआ। यहां राख का गुबार ज्वालामुखी की चोटी से करीब एक किलोमीटर ऊपर तक पहुंच गया।

निगरानी एजेंसी PVMBG ने लोगों को क्रेटर से कम से कम पांच किलोमीटर दूर रहने की सलाह दी है। एजेंसी ने गर्म राख और लावा के संभावित बहाव को लेकर भी चेतावनी जारी की है।

लोगों को सावधानी बरतने की सलाह

ज्वालामुखीय राख के आसपास के इलाकों में फैलने के बाद इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी BNPB ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

लोगों से राख से बचने के लिए मास्क पहनने और आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मे का इस्तेमाल करने को कहा गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल अनाक क्राकाटोआ के इस विस्फोट से सुनामी का खतरा नहीं है।

इसके बावजूद प्रशासन ज्वालामुखी की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है।

क्राकाटोआ का इतिहास क्यों बढ़ाता है चिंता?

अनाक क्राकाटोआ उसी क्षेत्र में बना है, जहां कभी क्राकाटोआ ज्वालामुखी मौजूद था। वर्ष 1883 में क्राकाटोआ में हुए भीषण विस्फोट के बाद समुद्र में उठी सुनामी ने भारी तबाही मचाई थी।

इस आपदा में 36 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। इसके दशकों बाद 2018 में अनाक क्राकाटोआ की गतिविधि से समुद्र में सुनामी उठी,

जिसने जावा और सुमात्रा के तटीय इलाकों को प्रभावित किया। इस घटना में 400 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी।

फिलहाल इस बार सुनामी का खतरा नहीं बताया गया है, लेकिन लगातार हो रही ज्वालामुखीय गतिविधियों ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है।

वैज्ञानिकों की निगरानी के बीच अब सभी की नजर इस बात पर है कि अनाक क्राकाटोआ की गतिविधि आने वाले दिनों में किस दिशा में बढ़ती है।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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