मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा इलाके में संदिग्ध जहरीली शराब से हुई मौतों ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है।
नौराज, गूगरा खुर्द और पाटन समेत आसपास के गांवों में शराब पीने के बाद अचानक कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई।
अब तक 11 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि करीब 85 लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
हालांकि, मौतों की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम, मेडिकल जांच और शराब के सैंपल की फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।
85 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज
घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचीं और बीमार लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में 59 मरीजों का इलाज चल रहा है।
जिला अस्पताल में 17 और बंडा सिविल अस्पताल में 7 लोगों को भर्ती कराया गया है। एक मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे एयरलिफ्ट कर भोपाल के एम्स भेजा गया है।
20 लोगों पर FIR, 10 हिरासत में
मामले में पुलिस ने 20 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है और 10 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शराब कहां से आई और इसे प्रभावित गांवों तक किस माध्यम से पहुंचाया गया।
ललितपुर से जुड़ी शराब सप्लाई की कड़ी
शुरुआती जांच में शराब की सप्लाई उत्तर प्रदेश के ललितपुर से होने की बात सामने आई है।
सागर एसपी अनुराग सुजानिया के मुताबिक, पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है। ललितपुर से बंडा तक शराब पहुंचाने वाले लोगों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
कई अधिकारी और पुलिसकर्मी निलंबित
घटना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जांच के निर्देश दिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही। आबकारी विभाग में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने के बाद कई अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
बंडा थाना प्रभारी और गूगरा चौकी प्रभारी पर भी कार्रवाई हुई है। प्रभावित इलाके की कई शराब दुकानों को सील कर वहां से सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
गांवों में मातम, बंडा में चक्काजाम
मौतों के बाद नौराज और गूगरा खुर्द में मातम पसरा हुआ है। कई परिवारों ने अपनों को खोया है।
मृतकों के शव बंडा पहुंचने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भी सामने आया। लोगों ने सड़क पर शव रखकर चक्काजाम किया और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सरकार पर विपक्ष के सवाल
घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर सवाल उठाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक मदद और रोजगार की मांग की।
वहीं, बीजेपी और कांग्रेस के कई नेता प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।
फिलहाल प्रशासनिक जांच के साथ शराब के सैंपलों की जांच भी जारी है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि मौतों की वजह वास्तव में जहरीली शराब थी या कोई अन्य कारण।

