CM Yogi Core Team: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली बाकी नेताओं से बिल्कुल अलग है।
वो अपनी सख्त छवि और ताबड़तोड़ फैसलों के लिए जाने जाते हैं।
लेकिन लखनऊ के गलियारों में एक बात सब जानते हैं, योगी आदित्यनाथ भले ही अकेले फैसले लेते दिखते हों, लेकिन उनके पीछे एक बेहद मजबूत और भरोसेमंद ‘कोर टीम’ काम करती है।
राजनीति से लेकर ब्यूरोक्रेसी तक, ये वो 5 खास लोग हैं जिन्हें योगी आदित्यनाथ का ‘आंख और कान’ कहा जाता है। आइए जानते हैं कौन हैं सीएम योगी के सबसे करीबी ये 5 ‘पावर सेंटर’।
रिटायर्ड होकर भी सबसे पावरफुल, अवनीश कुमार अवस्थी
CM Yogi Core Team: जब बात योगी आदित्यनाथ के सबसे भरोसेमंद चेहरे की आती है, तो पूर्व आईएएस अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी का नाम सबसे ऊपर चमकता है।
1987 बैच के इस दमदार अफसर पर सीएम का भरोसा इस कदर है कि अगस्त 2022 में उनके रिटायर होने के बाद भी योगी जी ने उन्हें अपने से दूर नहीं होने दिया।
उन्हें तुरंत मुख्यमंत्री का ‘मुख्य प्रशासनिक सलाहकार’ बना दिया गया।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी योजनाएं हों या राज्य की कानून-व्यवस्था का कोई बड़ा यू-टर्न, अवनीश अवस्थी की सलाह के बिना सीएमओ (CMO) में पत्ता भी नहीं हिलता।
सरकार में उनकी अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके कार्यकाल को लगातार बढ़ाकर फरवरी 2027 तक के लिए फिक्स कर दिया गया है।
सीएमओ के सबसे ताकतवर चेहरे, संजय प्रसाद
CM Yogi Core Team: उत्तर प्रदेश ब्यूरोक्रेसी में आईएएस संजय प्रसाद का नाम ही काफी है।
उन्हें मुख्यमंत्री सचिवालय का सबसे मजबूत पिलर माना जाता है।

लंबे समय से मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव और सूचना विभाग जैसी सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे संजय प्रसाद सीधे सीएम योगी को रिपोर्ट करते हैं।
पूरी ब्यूरोक्रेसी पर कंट्रोल रखना, मंत्रियों और अफसरों के बीच तालमेल बिठाना और मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों को जमीन पर लागू करवाना, ये सारा जिम्मा संजय प्रसाद के कंधों पर ही टिका है।
परछाई की तरह साथ रहने वाले, बल्लू राय
CM Yogi Core Team: अगर हम राजनीति और प्रशासनिक फाइलों से हटकर बात करें, तो एक नाम ऐसा है जो सालों से साए की तरह योगी आदित्यनाथ के साथ खड़ा है तो वो हैं उनके निजी सचिव बल्लू राय।
बल्लू राय का साथ तब से है जब योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि गोरखपुर के सांसद हुआ करते थे।

गोरखपुर पीठ के दिनों से जुड़े बल्लू राय आज भी सीएम के पर्सनल स्टाफ के सबसे बड़े मुखिया हैं।
मुख्यमंत्री का दैनिक शेड्यूल क्या होगा, उनसे कब और कौन मिलेगा, यह सब बल्लू राय की रजामंदी के बाद ही तय होता है।
फाइलों के किंग और रीढ़ की हड्डी, एसपी गोयल
CM Yogi Core Team: 1989 बैच के आईएएस अधिकारी एसपी गोयल को मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की रीढ़ की हड्डी कहा जाता है।
साल 2017 में जब योगी आदित्यनाथ ने पहली बार यूपी की कमान संभाली थी, तब से लेकर आज तक एसपी गोयल लगातार उनके सबसे भरोसेमंद अफसरों की लिस्ट में बने हुए हैं।

राज्य की सभी बड़ी फाइलों की बारीकी से जांच करना, प्रशासनिक लूपहोल्स को ठीक करना और सीएम की योजनाओं को बजट के साथ फिट बैठाना एसपी गोयल का ही काम है।
संगठन और सरकार के बीच का पुल, स्वतंत्र देव सिंह और सुनील बंसल
प्रशासन के साथ-साथ राजनीति और संगठन को संभालना भी किसी सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है।
इस मोर्चे पर योगी आदित्यनाथ के सबसे खास रणनीतिकार हैं उत्तर प्रदेश के पूर्व भाजपा अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह।
वो हर राजनीतिक संकट और चुनावी रणनीति में सीएम के साथ मजबूती से खड़े नजर आते हैं।
वहीं दूसरी तरफ, सुनील बंसल भले ही अब राष्ट्रीय राजनीति में व्यस्त हों, लेकिन आज भी यूपी संगठन और मुख्यमंत्री के बीच की ट्यूनिंग को परफेक्ट बनाए रखने में उनकी पर्दे के पीछे की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है।
योगी आदित्यनाथ की सफलता का राज यही है कि उन्होंने अपनी टीम में राजनीति से ज्यादा प्रशासनिक और वफादार चेहरों को तरजीह दी है।
यही ‘पंचरत्न’ यूपी सरकार की रफ्तार और साख दोनों को बनाए रखते हैं।

