लखनऊ अग्निकांड: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार को एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई।
यह हादसा इतना गंभीर था कि कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी दूसरी मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में लगभग 15 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए।
सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों द्वारा साझा किए गए वीडियो में इमारत से घना काला धुआं उठता दिखाई दे रहा है।
आग की लपटें दूसरी मंजिल को पूरी तरह घेर चुकी थीं, जिससे अंदर मौजूद लोगों के लिए बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
ग्राउंड फ्लोर की दुकानों तक पहुंची आग
आग सिर्फ कोचिंग सेंटर तक सीमित नहीं रही। इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद पेट शॉप, गेमिंग जोन और अन्य दुकानों को भी नुकसान पहुंचा है।
आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पूरे भवन में धुआं फैल गया। इससे बचाव कार्य में भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की मदद करते हुए राहत कार्य में सहयोग दिया।
घायलों का अस्पताल में चल रहा इलाज
हादसे में घायल हुए लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। कई झुलसे हुए लोगों का इलाज लखनऊ के KGMU ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।
डॉक्टरों की टीम घायलों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
प्रशासन का कहना है कि राहत और बचाव कार्य पूरी गंभीरता के साथ जारी है और हर संभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पहुंचे मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक घटनास्थल पर पहुंचे।
उन्होंने राहत कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों से पूरी जानकारी प्राप्त की।
मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद कई शव देखे हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव (गृह) को तत्काल मौके पर पहुंचकर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अपने अन्य कार्यक्रमों में भी बदलाव किया।
अलीगढ़ में विकास परियोजनाओं के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उन्होंने अपनी प्रस्तावित हाथरस यात्रा रद्द कर दी और स्थिति पर नजर बनाए रखी।
उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लखनऊ आग हादसे पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
आग लगने के कारणों की जांच शुरू
फिलहाल आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। प्रशासन और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटे हुए हैं।
शुरुआती स्तर पर शॉर्ट सर्किट सहित कई संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आएगी।
वहीं राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।

