Saturday, August 8, 2026

RBI ने ग्रामीण सहकारी बैंकों के नियम बदले, होम लोन में राहत और फ्रॉड पर कसेगी नकेल

RBI ने ग्रामीण सहकारी बैंकों के नियम बदले: जब भी किसी को लोन लेने की जरूरत पड़ती है, तो उसके दिमाग में सबसे पहले बड़े बैंकों जैसे SBI, HDFC Bank और ICICI Bank का नाम आता है,

लेकिन देश के गांवों और छोटे शहरों में लाखों लोगों की बैंकिंग जरूरतें ग्रामीण सहकारी बैंक यानी Rural Cooperative Banks (RCBs) पूरी करते हैं।

ये बैंक किसानों, छोटे कारोबारियों, ग्रामीण परिवारों और स्थानीय व्यवसायों को कर्ज उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाते हैं।

अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) इन बैंकों के काम करने के नियमों में कुछ बड़े बदलाव करने की तैयारी में है। RBI ने इस संबंध में ड्राफ्ट निर्देश जारी किए हैं।

इन प्रस्तावों का मकसद ग्रामीण सहकारी बैंकों को कुछ मामलों में ज्यादा आजादी देना है, लेकिन साथ ही उनके जोखिम को नियंत्रित रखने के लिए नियम भी मजबूत किए जाएंगे।

RBI ने इन प्रस्तावों पर लोगों और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे हैं। इसके लिए 28 अगस्त तक राय भेजी जा सकती है। हालांकि, जब तक अंतिम नियम जारी नहीं होते, तब तक मौजूदा व्यवस्था ही लागू रहेगी।

क्यों बदलाव करना चाहता है RBI?

RBI का मानना है कि ग्रामीण सहकारी बैंकों को आज के समय की जरूरतों के हिसाब से काम करने के लिए कुछ अतिरिक्त लचीलापन मिलना चाहिए।

ग्रामीण क्षेत्रों में घर बनाने, छोटे कारोबार शुरू करने, खेती से जुड़े काम और MSME गतिविधियों के लिए कर्ज की मांग लगातार बदल रही है।

दूसरी तरफ, बैंक किसी एक बड़े ग्राहक या कारोबारी समूह को जरूरत से ज्यादा पैसा उधार देकर अपना जोखिम न बढ़ा दें,

इसका भी ध्यान रखना जरूरी है। इसी वजह से RBI ने कर्ज के जोखिम को सीमित रखने के लिए कुछ प्रस्ताव रखे हैं।

प्रस्ताव के अनुसार, किसी एक कर्जदार को बैंक की Tier-1 Capital के 20 प्रतिशत से ज्यादा कर्ज देने की अनुमति नहीं होगी।

वहीं किसी एक समूह को अधिकतम 25 प्रतिशत तक कर्ज दिया जा सकेगा। इसका उद्देश्य बैंक के पैसे को किसी एक बड़े ग्राहक या समूह में ज्यादा केंद्रित होने से रोकना है।

होम लोन की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव

RBI के प्रस्तावों में होम लोन को लेकर भी अहम बदलाव किया गया है। ग्रामीण इलाकों में अब पहले की तुलना में पक्के मकानों के निर्माण, खरीद और मरम्मत के लिए ज्यादा वित्तीय जरूरत सामने आ रही है।

इसी को देखते हुए 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जमा वाले ग्रामीण सहकारी बैंकों को 3 करोड़ रुपये तक का होम लोन देने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा गया है।

इसके अलावा ऐसे बैंकों के बोर्ड को होम लोन की अवधि और मोरेटोरियम से जुड़े नियम तय करने की ज्यादा जिम्मेदारी दी जा सकती है।

इससे बैंक अपने ग्राहकों की जरूरत और उनकी भुगतान क्षमता को ध्यान में रखते हुए लोन की शर्तें तय कर सकेंगे।

कई सेक्टर में कर्ज देने की आजादी

RBI के ड्राफ्ट में सेक्टर-वाइज लोन सीमा को लेकर भी बदलाव का प्रस्ताव है। ज्यादातर क्षेत्रों के लिए लागू मौजूदा सेक्टर-विशिष्ट एक्सपोजर लिमिट को हटाने की बात कही गई है।

हालांकि, रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए निर्धारित सीमा को बनाए रखने का प्रस्ताव है।

अगर यह बदलाव लागू होता है, तो ग्रामीण सहकारी बैंकों को स्थानीय जरूरत के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में कर्ज बांटने में ज्यादा स्वतंत्रता मिल सकती है।

मसलन, किसी इलाके में कृषि से जुड़े कारोबार की मांग ज्यादा है तो बैंक वहां ज्यादा कर्ज दे सकते हैं।

इसी तरह MSME, छोटे उद्योग और स्थानीय कारोबार को भी जरूरत के मुताबिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में आसानी हो सकती है।

आम लोगों और कारोबारियों को क्या फायदा होगा?

इन प्रस्तावों का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भविष्य में मिल सकता है। खासकर ऐसे लोग जो बड़े बैंकों की बजाय सहकारी बैंकों पर ज्यादा निर्भर रहते हैं, उनके लिए लोन के विकल्प बढ़ सकते हैं।

होम लोन की सीमा बढ़ने से बड़े घर के निर्माण या खरीद के लिए ज्यादा रकम की जरूरत रखने वाले ग्राहकों को फायदा मिल सकता है।

साथ ही, लोन की अवधि और मोरेटोरियम से जुड़े फैसलों में बैंक के बोर्ड को ज्यादा अधिकार मिलने से ग्राहकों के लिए भुगतान की शर्तें उनकी जरूरत के अनुसार तय करना आसान हो सकता है।

छोटे कारोबारी और किसान भी स्थानीय आर्थिक गतिविधियों के हिसाब से कर्ज की बेहतर उपलब्धता की उम्मीद कर सकते हैं।

अभी लागू नहीं हुए हैं नए नियम

यह समझना जरूरी है कि RBI ने फिलहाल इन बदलावों का ड्राफ्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि ये नियम अभी अंतिम रूप से लागू नहीं हुए हैं। RBI ने संबंधित पक्षों और आम लोगों से सुझाव मांगे हैं।

सुझाव मिलने के बाद RBI इन प्रस्तावों की समीक्षा करेगा और जरूरत के अनुसार बदलाव कर सकता है। इसके बाद अंतिम निर्देश जारी किए जाएंगे।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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