PM मोदी: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से जुड़े सांसद यूसुफ पठान, खलीलुर रहमान और अबू ताहिर खान ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
इस दौरान तीनों सांसदों ने अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों से जुड़े कई अहम मुद्दे प्रधानमंत्री के सामने रखे। सांसदों ने क्षेत्र के विकास,
स्थानीय स्तर पर लोगों को हो रही परेशानियों और जनता की जरूरतों से जुड़ी मांगों पर विस्तार से चर्चा की।
सांसदों ने अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने और आम लोगों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए प्रधानमंत्री के सामने अपनी बात रखी।
मुलाकात के बाद सांसदों ने बातचीत को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुना और जनहित से जुड़े मामलों में हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।
क्षेत्रीय विकास और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बैठक में सांसदों ने अपने संसदीय क्षेत्रों की प्रमुख समस्याओं और विकास से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग मुद्दों से जुड़े पत्र और मांगें भी प्रधानमंत्री को सौंपे।
सांसदों का कहना है कि उनके क्षेत्रों में कई ऐसे विषय हैं, जिन पर केंद्र सरकार के स्तर पर सहयोग की जरूरत है।
बैठक में इन्हीं मुद्दों को प्रमुखता से सामने रखा गया। सांसदों ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री की ओर से मिले आश्वासन के बाद इन मामलों में आगे सकारात्मक कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
बैठक के दौरान स्थानीय जनता की उम्मीदों और उनकी रोजमर्रा की समस्याओं को भी सांसदों ने प्रमुखता से उठाया।
सांसदों ने कहा कि उनका उद्देश्य अपने क्षेत्रों में विकास को आगे बढ़ाना और लोगों से जुड़े जरूरी मुद्दों का समाधान कराना है।
पीएम मोदी ने याद की यूसुफ पठान के पिता से मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी और यूसुफ पठान की इस मुलाकात के दौरान एक भावुक और व्यक्तिगत पल भी सामने आया। बातचीत के बीच प्रधानमंत्री ने यूसुफ पठान के पिता के साथ अपनी पुरानी मुलाकात को याद किया।
पुरानी मुलाकात का जिक्र होते ही बैठक का माहौल कुछ देर के लिए आत्मीय हो गया। प्रधानमंत्री द्वारा उनके पिता को याद किए जाने को यूसुफ पठान के लिए भी खास पल माना गया।
राजनीति और क्षेत्रीय मुद्दों से इतर इस पुरानी याद ने मुलाकात को एक व्यक्तिगत भाव भी दे दिया।
मुर्शिदाबाद में लाउडस्पीकर के मुद्दे पर भी उठा चुके हैं आवाज
इससे पहले मुर्शिदाबाद में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने के मामले को लेकर भी यूसुफ पठान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हस्तक्षेप की मांग की थी।
यूसुफ पठान समेत तीन सांसदों ने गृह मंत्रालय को ज्ञापन देकर इस मामले में कार्रवाई को रोकने की मांग रखी थी।
सांसदों ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया था कि वे ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने वाले कानूनों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सम्मान करते हैं।
उनका कहना था कि कानून और नियम सभी के लिए समान रूप से लागू होने चाहिए। साथ ही प्रशासन से यह भी सुनिश्चित करने की अपील की गई थी कि किसी भी तरह की कार्रवाई निष्पक्ष, समान और संवेदनशील तरीके से की जाए।
सांसदों ने इस बात पर भी जोर दिया था कि नियमों का पालन कराते समय धार्मिक भावनाओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
उनका तर्क था कि कानून व्यवस्था और शोर नियंत्रण के नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन कार्रवाई का तरीका ऐसा होना चाहिए जिससे किसी समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत न हों।
टीएमसी छोड़कर अलग राजनीतिक रास्ते पर आए थे सांसद
गौरतलब है कि यूसुफ पठान, खलीलुर रहमान और अबू ताहिर खान का नाम उन सांसदों में शामिल रहा है, जिन्होंने तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर नया राजनीतिक रास्ता अपनाया।
ये सांसद उन 20 सांसदों के समूह के साथ रहे थे, जिन्होंने टीएमसी से दूरी बनाई थी।
अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई इस मुलाकात को इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में जहां संसदीय क्षेत्रों के विकास और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई,
वहीं यूसुफ पठान के पिता से जुड़ी पुरानी याद ने मुलाकात को एक अलग भावनात्मक पहलू भी दिया।
तीनों सांसदों ने बैठक के दौरान अपने क्षेत्रों की जरूरतों और जनता की अपेक्षाओं को प्रधानमंत्री के सामने रखा।
सांसदों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने सभी मुद्दों को ध्यान से सुना और जनकल्याण से जुड़े मामलों में आवश्यक सहयोग का भरोसा दिलाया।

