Friday, August 7, 2026

भारत के ये 8 उत्पाद विदेशों में मचा रहे हैं धूम, Export कारोबार शुरू करने वालों के लिए बड़ा मौका

भारत के ये 8 उत्पाद विदेशों में मचा रहे हैं धूम: दुनिया भर में अब लोग प्राकृतिक, ऑर्गेनिक और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

यही वजह है कि भारत का निर्यात बाजार तेजी से बढ़ रहा है। भारतीय कृषि और हस्तशिल्प से जुड़े कई उत्पाद विदेशों में अच्छी कीमत पर बिक रहे हैं।

अगर कोई उद्यमी या छोटा व्यवसाय शुरू करना चाहता है, तो इन उत्पादों का निर्यात एक बेहतरीन अवसर बन सकता है।

आइए जानते हैं ऐसे 8 भारतीय उत्पादों के बारे में, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में जबरदस्त मांग है।

1. कोको पीट (Coco Peat)

कोको पीट नारियल के छिलकों से तैयार किया जाता है। यह मिट्टी को बेहतर बनाने और पौधों की अच्छी वृद्धि के लिए उपयोग किया जाता है।

विदेशों में इसे पीट मॉस के विकल्प के रूप में काफी पसंद किया जा रहा है, क्योंकि यह पर्यावरण के लिए सुरक्षित माना जाता है।

अमेरिका, कनाडा और यूरोप के देशों में ग्रीनहाउस खेती, बागवानी और घरों में पौधे लगाने के लिए इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। भारत ने वर्ष 2025 में 14 हजार टन से अधिक कोको पीट का निर्यात किया।

दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में नारियल की भरपूर उपलब्धता होने के कारण इसका उत्पादन कम लागत में किया जा सकता है।

2. मखाना (Fox Nuts)

मखाना अब केवल भारत का पारंपरिक स्नैक नहीं रहा, बल्कि यह दुनिया में सुपरफूड के रूप में पहचान बना चुका है। कम कैलोरी, ग्लूटेन-फ्री और पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है।

अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व के देशों में लोग हेल्दी स्नैक्स को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे मखाने का बाजार लगातार बढ़ रहा है।

दुनिया के कुल मखाना उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत से ज्यादा है, इसलिए भारतीय निर्यातकों के लिए इसमें बड़ा अवसर मौजूद है।

3. बाजरा (श्री अन्न)

पिछले कुछ वर्षों में बाजरा को लेकर पूरी दुनिया में जागरूकता बढ़ी है। रागी, ज्वार और बाजरा जैसे अनाज पोषण से भरपूर होते हैं और ग्लूटेन-फ्री भी हैं।

विदेशों में लोग स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं, जिसके कारण बाजरे से बने आटे, स्नैक्स और अन्य खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ रही है।

वर्ष 2025 में भारतीय बाजरा निर्यात का मूल्य लगभग 59 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया। यह किसानों और निर्यातकों दोनों के लिए लाभदायक क्षेत्र बनता जा रहा है।

4. प्राकृतिक शहद

भारतीय शहद अपनी शुद्धता और गुणवत्ता के कारण दुनिया भर में पसंद किया जाता है। भारत में अलग-अलग फूलों और पौधों से प्राप्त शहद की कई किस्में उपलब्ध हैं, जो इसे खास बनाती हैं।

अमेरिका, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में भारतीय शहद की अच्छी मांग है।

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने करीब 1,900 करोड़ रुपये का शहद निर्यात किया। खाद्य उद्योग के अलावा दवा और कॉस्मेटिक उत्पादों में भी इसका उपयोग किया जाता है।

5. बांस से बने उत्पाद

प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने की दिशा में दुनिया के कई देश काम कर रहे हैं। ऐसे में बांस से बने उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ी है।

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बांस उत्पादक देश है। बांस से बने फर्नीचर, घरेलू सजावट की वस्तुएं,

रसोई के सामान और लाइफस्टाइल उत्पाद यूरोप और उत्तरी अमेरिका के बाजारों में काफी पसंद किए जा रहे हैं। यह क्षेत्र हस्तशिल्प और छोटे उद्योगों के लिए भी अच्छा अवसर देता है।

6. जूट के बैग

जूट को “गोल्डन फाइबर” भी कहा जाता है। प्लास्टिक पर बढ़ते प्रतिबंध के कारण जूट के बैग और पैकेजिंग उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ी है।

भारत जूट उत्पादों का दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक है। यूरोप और अमेरिका में लोग अब पुन: उपयोग किए जा सकने वाले बैगों को अपनाने लगे हैं।

इसके अलावा कंपनियां ब्रांडेड जूट बैग और कॉर्पोरेट गिफ्टिंग के लिए भी इनका उपयोग कर रही हैं, जिससे निर्यात की संभावनाएं और बढ़ रही हैं।

7. मोरिंगा (सहजन) उत्पाद

मोरिंगा को आज दुनिया के सबसे लोकप्रिय सुपरफूड्स में गिना जाता है। इसमें कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, इसलिए स्वास्थ्य उत्पादों में इसका उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।

मोरिंगा पाउडर, हर्बल चाय, कैप्सूल और बीजों से निकाला गया तेल विदेशों में काफी लोकप्रिय है।

भारत दुनिया की लगभग 80 प्रतिशत मोरिंगा मांग पूरी करता है। अमेरिका, जर्मनी और यूएई इसके प्रमुख बाजार हैं।

8. गुलाबी सेंधा नमक

गुलाबी सेंधा नमक को साधारण नमक की तुलना में अधिक प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है।

इसकी मांग केवल खाने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्पा, वेलनेस और सजावटी उत्पादों में भी इसका इस्तेमाल होता है।

भारत ने वर्ष 2021-22 में लगभग 1.39 लाख टन सेंधा नमक का निर्यात किया। प्रीमियम ब्रांडिंग के कारण इस उत्पाद में अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है।

निर्यात कारोबार शुरू करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

अगर आप निर्यात व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो केवल उत्पाद चुनना ही पर्याप्त नहीं है। कुछ जरूरी कानूनी और व्यावसायिक प्रक्रियाओं को पूरा करना भी जरूरी होता है।

आईईसी (Import Export Code): यह डीजीएफटी द्वारा जारी किया जाने वाला 10 अंकों का कोड होता है, जो निर्यात-आयात कारोबार के लिए अनिवार्य है।

व्यवसाय पंजीकरण: कारोबार को स्वामित्व, एलएलपी या प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में पंजीकृत कराना जरूरी होता है।

गुणवत्ता मानकों का पालन: जिस देश में सामान भेजा जा रहा है, वहां के नियमों और प्रमाणपत्रों जैसे FSSAI, FDA या CE मानकों का पालन करना जरूरी होता है।

खरीदारों की तलाश: APEDA और अन्य निर्यात संवर्धन परिषदों के माध्यम से भरोसेमंद विदेशी खरीदारों से संपर्क किया जा सकता है।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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