Friday, August 7, 2026

भारतीय बेटियों ने बदली आसमान की तस्वीर: भावना कंठ बनीं पहली ‘टॉप गन’, शिवानी सेहरावत ने भी रचा इतिहास

भारतीय बेटियों ने बदली आसमान की तस्वीर: एक समय ऐसा था जब भारत में ज्यादातर लड़कियों के लिए डॉक्टर, इंजीनियर या वैज्ञानिक बनना ही सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी।

बहुत कम लोग यह कल्पना कर पाते थे कि कोई भारतीय महिला लड़ाकू विमान उड़ाकर देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी संभाल सकती है।

इसकी वजह महिलाओं की क्षमता की कमी नहीं थी, बल्कि लंबे समय तक भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम महिलाओं के लिए खुली ही नहीं थी।

समय बदला और भारतीय सशस्त्र बलों ने महिलाओं के लिए नए रास्ते खोले। इसके बाद भावना कंठ, अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह ने देश की पहली महिला फाइटर पायलट बनकर इतिहास रच दिया।

वहीं भारतीय सेना में कैप्टन शिवानी सेहरावत ने भी एक ऐसी उपलब्धि हासिल की, जिसने महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को नई पहचान दी।

इन महिलाओं ने केवल अपने सपनों को पूरा नहीं किया, बल्कि देशभर की लाखों बेटियों को यह विश्वास भी दिलाया कि अगर हौसला मजबूत हो तो आसमान भी मंजिल बन सकता है।

भावना कंठ बनीं भारत की पहली महिला ‘टॉप गन’

भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है।

उन्होंने भारतीय वायुसेना के सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में गिने जाने वाले फाइटर कॉम्बैट लीडर (Fighter Combat Leader – FCL) को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

इसके साथ ही वह भारत की पहली महिला फाइटर पायलट बन गई हैं, जिन्हें ‘टॉप गन’ का दर्जा मिला है।

यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि इस कोर्स में भारतीय वायुसेना के बेहद चुनिंदा फाइटर पायलटों को ही शामिल होने का अवसर मिलता है।

अनुमान के मुताबिक कुल फाइटर पायलटों में से केवल लगभग एक प्रतिशत ही इस कठिन प्रशिक्षण तक पहुंच पाते हैं।

इस वजह से FCL कोर्स को अमेरिकी नौसेना के मशहूर ‘टॉप गन’ कार्यक्रम के समान प्रतिष्ठा दी जाती है।

FCL कोर्स इतना खास क्यों माना जाता है?

फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स केवल विमान उड़ाने तक सीमित नहीं होता। यह उन पायलटों को तैयार करता है जो युद्ध की रणनीति बनाने, बड़े सैन्य अभियानों की योजना तैयार करने और जटिल परिस्थितियों में लड़ाकू मिशनों का नेतृत्व करने की क्षमता रखते हैं।

इस प्रशिक्षण के दौरान पायलटों को एडवांस एयर कॉम्बैट टैक्टिक्स, मिशन प्लानिंग, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, आधुनिक हथियार प्रणालियों के प्रभावी उपयोग,

नेटवर्क-सेंट्रिक ऑपरेशन्स और मानव रहित प्रणालियों (Unmanned Systems) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाता है।

इस कोर्स को पूरा करने वाले अधिकारी भविष्य में भारतीय वायुसेना की रणनीतिक ताकत का महत्वपूर्ण हिस्सा बनते हैं।

कौन हैं भावना कंठ?

भावना कंठ का जन्म 1 दिसंबर 1992 को बिहार के दरभंगा में हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई डीएवी पब्लिक स्कूल, बरौनी से हुई।

इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु स्थित बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की।

18 जून 2016 को उन्हें भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला। इसी दिन भावना कंठ, अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह भारतीय वायुसेना की पहली तीन महिला फाइटर पायलट बनीं।

मई 2019 में भावना कंठ ने दिन के समय लड़ाकू मिशन उड़ाने की पूरी योग्यता हासिल कर एक और रिकॉर्ड बनाया।

इसके बाद वर्ष 2020 में उन्हें देश के प्रतिष्ठित नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

साल 2021 में वह गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बनीं। वहीं 2024 में उन्होंने गणतंत्र दिवस फ्लाईपास्ट में भी अपनी भागीदारी दर्ज कराई।

अब FCL कोर्स पूरा कर उन्होंने भारत की पहली महिला ‘टॉप गन’ बनने का गौरव हासिल कर लिया है।

अपने सैन्य करियर के दौरान भावना कंठ ने Pilatus PC-7 Mk II, Kiran Jet Trainer, Hawk Advanced Jet Trainer, MiG-21 Bison और Sukhoi Su-30MKI जैसे कई महत्वपूर्ण विमान उड़ाए हैं।

कैप्टन शिवानी सेहरावत ने भी बनाई नई पहचान

भारतीय सेना में भी महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। इसका ताजा उदाहरण कैप्टन शिवानी सेहरावत हैं,

जिन्हें भारतीय सेना प्रमुख (Chief of the Army Staff) की पहली महिला एड-डी-कैंप (ADC) नियुक्त किया गया है।

यह पद भारतीय सेना के सबसे प्रतिष्ठित दायित्वों में गिना जाता है। ADC का काम सेना प्रमुख के आधिकारिक कार्यक्रमों का समन्वय करना,

सैन्य और औपचारिक समारोहों में सहयोग देना, बैठकों और यात्राओं की व्यवस्था संभालना तथा प्रोटोकॉल से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को देखना होता है।

कैप्टन शिवानी की यह नियुक्ति इस बात का संकेत है कि भारतीय सेना अब नेतृत्व के महत्वपूर्ण पदों पर भी महिलाओं को लगातार अवसर दे रही है।

हालांकि उनकी जन्मतिथि, शिक्षा, गृह राज्य और सैन्य इकाई से जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी अभी तक आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं की गई है।

अवनी चतुर्वेदी ने खोला था महिलाओं के लिए नया रास्ता

भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलटों में शामिल अवनी चतुर्वेदी का जन्म मध्य प्रदेश के रीवा जिले में हुआ।

उनका बचपन देओलोंड कस्बे में बीता। उनके पिता राज्य के जल संसाधन विभाग में सुपरिटेंडिंग इंजीनियर थे, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं।

अवनी के बड़े भाई भारतीय सेना में कार्यरत थे। उन्हें देखकर ही अवनी के मन में वर्दी पहनने का सपना जागा, लेकिन उन्होंने जमीन की बजाय आसमान को अपना कार्यक्षेत्र चुना।

उन्होंने राजस्थान के वनस्थली विद्यापीठ से बी.टेक. की पढ़ाई पूरी की। इसी दौरान उन्हें विश्वविद्यालय के फ्लाइंग क्लब के बारे में जानकारी मिली और यहीं से फाइटर पायलट बनने का सपना आकार लेने लगा।

बाद में उन्होंने एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) पास कर भारतीय वायुसेना में चयन हासिल किया।

जब महिलाओं के लिए खुला फाइटर स्ट्रीम का रास्ता

लंबे समय तक भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम महिलाओं के लिए बंद थी। अक्टूबर 2015 में केंद्र सरकार ने प्रयोग के तौर पर पहली बार महिलाओं को फाइटर स्ट्रीम में शामिल करने का फैसला लिया।

यही निर्णय भारतीय सैन्य इतिहास का बड़ा मोड़ साबित हुआ।

इसके बाद जून 2016 में भावना कंठ, अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलट बनीं।

इस उपलब्धि ने देश की लाखों युवतियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोल दिए।

पहली सोलो उड़ान से रचा इतिहास

हर फाइटर पायलट के करियर में पहली सोलो उड़ान सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिनी जाती है।

19 फरवरी 2018 को अवनी चतुर्वेदी ने जामनगर एयर फोर्स स्टेशन से अकेले MiG-21 Bison उड़ाकर इतिहास रच दिया।

करीब 30 मिनट की इस उड़ान के बाद वह भारत की पहली महिला बनीं जिन्होंने अकेले फाइटर जेट उड़ाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया।

यह उपलब्धि केवल उनके व्यक्तिगत करियर की सफलता नहीं थी, बल्कि भारतीय महिलाओं की क्षमता और आत्मविश्वास का भी प्रतीक बन गई।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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