Air India की उड़ानों में फिर होगा इजाफा: Air India से हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। एयरलाइन 1 सितंबर से उन कई उड़ान सेवाओं को दोबारा शुरू करने की तैयारी में है, जिनकी संख्या जुलाई और अगस्त के दौरान कम कर दी गई थी।
इसके साथ ही आने वाले विंटर सीजन को देखते हुए कुछ प्रमुख इंटरनेशनल रूट्स पर फ्लाइट्स की संख्या बढ़ाने की भी योजना है।
इसका सीधा फायदा उन यात्रियों को मिल सकता है, जो सितंबर के बाद घरेलू या अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले हैं।
फ्लाइट्स की संख्या बढ़ने के बाद यात्रियों के पास अपनी यात्रा की तारीख और समय के हिसाब से विकल्प चुनने के लिए
पहले से ज्यादा ऑप्शन उपलब्ध हो सकते हैं। हालांकि, किसी भी रूट पर टिकट बुक करने से पहले एयरलाइन का लेटेस्ट शेड्यूल देखना जरूरी होगा।
इन इंटरनेशनल रूट्स पर बढ़ेंगी उड़ानें
Air India के प्लान के मुताबिक, सर्दियों के दौरान कई महत्वपूर्ण इंटरनेशनल डेस्टिनेशन के लिए उड़ानों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
इनमें फ्रैंकफर्ट, ज्यूरिख, वियना, मेलबर्न, टोक्यो और न्यूयॉर्क जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं।
इन शहरों के लिए यात्रा करने वाले लोगों को फ्लाइट्स बढ़ने से अपनी सुविधा के अनुसार समय चुनने में आसानी हो सकती है।
खासकर बिजनेस ट्रैवलर्स, स्टूडेंट्स और विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए ज्यादा फ्लाइट विकल्प उपलब्ध होना फायदेमंद साबित हो सकता है।
हालांकि, अलग-अलग रूट पर उड़ानों की संख्या और टाइमिंग अलग हो सकती है। इसलिए यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले संबंधित तारीख के लिए Air India का अपडेटेड फ्लाइट शेड्यूल जरूर चेक करना चाहिए।
जुलाई-अगस्त में क्यों घटाई गई थीं उड़ानें?
दरअसल, पिछले कुछ समय से एविएशन सेक्टर कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रहा था।
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी और ऑपरेशनल स्तर पर सामने आई परेशानियों के बीच Air India ने अपनी उड़ानों की संख्या को अस्थायी रूप से कम करने का फैसला किया था।
मई में एयरलाइन ने जून से अगस्त के बीच कुछ इंटरनेशनल फ्लाइट्स को कम करने की जानकारी दी थी। इस अवधि में अंतरराष्ट्रीय परिचालन में करीब 27 प्रतिशत तक की कटौती की गई थी।
कुछ रूट पर फ्लाइट्स की संख्या घटाई गई, जबकि कुछ सेवाओं को सीमित अवधि के लिए रोक दिया गया था।
जिन रूट्स पर असर पड़ा, उनमें दिल्ली-शिकागो, दिल्ली-न्यूयॉर्क, मुंबई-न्यूयॉर्क, दिल्ली-शंघाई, चेन्नई-सिंगापुर, मुंबई-ढाका और दिल्ली-माले जैसे रूट शामिल थे।
डोमेस्टिक फ्लाइट्स पर भी पड़ा था असर
सिर्फ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में ही कटौती नहीं हुई थी। जुलाई और अगस्त के दौरान एयरलाइन ने घरेलू उड़ानों की संख्या में भी कमी की थी।
इस दौरान डोमेस्टिक ऑपरेशन में करीब 20 से 22 प्रतिशत तक की कटौती की गई थी।
Air India सामान्य तौर पर हर सप्ताह लगभग 3,600 घरेलू उड़ानों का संचालन करती है।
अगर इसमें करीब 22 प्रतिशत की कमी की जाए, तो हर सप्ताह 790 से ज्यादा उड़ानें कम हो सकती थीं।
ऐसे में कई यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए वैकल्पिक फ्लाइट या अलग तारीख का चुनाव करना पड़ा।
एयरलाइन की ओर से उस समय यह भी कहा गया था कि ईंधन की बढ़ी हुई कीमतों का असर ऑपरेशन पर पड़ रहा है।
साथ ही, परिस्थितियों में सुधार होने पर उड़ानों को फिर से बढ़ाने की बात कही गई थी।
प्रभावित यात्रियों को दिए गए थे विकल्प
फ्लाइट्स में कटौती के कारण जिन यात्रियों की बुकिंग प्रभावित हुई थी, उन्हें एयरलाइन की तरफ से कुछ विकल्प उपलब्ध कराए गए थे।
यात्रियों को जरूरत के अनुसार दूसरी उपलब्ध उड़ान में ट्रांसफर करने, बिना अतिरिक्त शुल्क के यात्रा की तारीख बदलने या कुछ परिस्थितियों में टिकट की पूरी रकम वापस लेने का विकल्प दिया गया था।
इससे उन यात्रियों को कुछ राहत मिली, जिनकी पहले से बुक की गई फ्लाइट में बदलाव हुआ था।
सितंबर से यात्रियों को क्या फायदा होगा?
1 सितंबर से कई कम की गई सेवाओं के फिर से शुरू होने के बाद यात्रियों को पहले की तुलना में ज्यादा फ्लाइट विकल्प मिलने की उम्मीद है।
घरेलू उड़ानों के साथ-साथ इंटरनेशनल रूट पर भी उपलब्धता बेहतर हो सकती है।
खासकर फ्रैंकफर्ट, ज्यूरिख, वियना, मेलबर्न, टोक्यो और न्यूयॉर्क जैसे शहरों की यात्रा करने वाले लोगों को फ्लाइट विकल्प बढ़ने का फायदा मिल सकता है।
ज्यादा उड़ानें होने पर यात्रियों के लिए अपनी सुविधा के अनुसार समय चुनना आसान हो सकता है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि हर रूट पर फ्लाइट्स की संख्या समान नहीं होगी।
किसी खास तारीख पर सीट उपलब्धता और उड़ान का समय अलग हो सकता है।
इसलिए सितंबर या उसके बाद यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को टिकट खरीदने से पहले Air India की आधिकारिक वेबसाइट या बुकिंग प्लेटफॉर्म पर नया शेड्यूल जरूर देख लेना चाहिए।

