CJP ने सरकार से बातचीत किया इनकार: NEET परीक्षा को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच गतिरोध कम होने के बजाय और गहराता नजर आ रहा है।
सरकार लगातार यह संदेश दे रही है कि वह प्रदर्शन कर रहे छात्रों और CJP नेताओं से बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहती है, लेकिन ताजा घटनाक्रम में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती दिखाई नहीं दे रही है।
सूत्रों के अनुसार, CJP नेताओं ने केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ प्रस्तावित बातचीत से इनकार कर दिया है। इससे यह संकेत मिला है कि फिलहाल आंदोलन खत्म होने की संभावना कम नजर आ रही है।
सरकार ने दोहराया- बातचीत के लिए दरवाजे खुले
केंद्र सरकार का कहना है कि वह NEET परीक्षा से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार की ओर से कई बार यह स्पष्ट किया गया है कि प्रदर्शनकारी जिस स्थान और समय का सुझाव देंगे,
वहां बातचीत के लिए प्रतिनिधि पहुंच सकते हैं। सरकार का मानना है कि संवाद ही इस विवाद का सबसे बेहतर समाधान है और किसी भी गलतफहमी को बातचीत के जरिए दूर किया जा सकता है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सरकार चाहती है कि आंदोलन जल्द समाप्त हो और छात्रों की चिंताओं का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जाए।
हालांकि, CJP नेताओं द्वारा बातचीत से इनकार किए जाने के बाद स्थिति पहले से अधिक जटिल हो गई है।
गजेंद्र सिंह शेखावत ने विपक्ष पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस पूरे मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल छात्रों की भावनाओं का इस्तेमाल कर आंदोलन को और उग्र बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और तथ्यों के आधार पर निर्णय लें।
शेखावत ने कहा कि सरकार संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।
उनके मुताबिक, यदि कोई पक्ष बातचीत से पीछे हटता है तो समाधान निकालना कठिन हो जाता है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष चर्चा से बच रहा है, जबकि सरकार लगातार संवाद का प्रस्ताव दे रही है।
अमित शाह ने भी दिया बातचीत का संदेश
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि संसद में NEET मुद्दे पर चर्चा कराने में सरकार को कोई आपत्ति नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार हर सवाल का जवाब देने और सभी पक्षों को सुनने के लिए तैयार है। उनका मानना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में बातचीत और संसदीय चर्चा ही किसी भी विवाद का उचित समाधान है।
जेपी नड्डा और सोनम वांगचुक की हुई थी मुलाकात
इस पूरे घटनाक्रम के बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने हाल ही में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की थी।
दोनों नेताओं के बीच करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई। बैठक के बाद नड्डा ने कहा था कि सरकार किसी भी समय CJP प्रतिनिधियों से मिलने के लिए तैयार है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों और आंदोलनकारियों द्वारा उठाए गए हर मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और बातचीत के माध्यम से समाधान खोजने का प्रयास होगा।
CJP ने पहले बातचीत की जताई थी इच्छा
दिलचस्प बात यह है कि एक दिन पहले CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा था कि संगठन सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार है।
हालांकि उन्होंने कुछ शर्तें भी रखी थीं। सरकार ने उन शर्तों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा था कि आंदोलनकारी जहां चाहें, वहीं बातचीत की जा सकती है।
लेकिन अगले ही दिन सामने आई खबरों में दावा किया गया कि CJP नेताओं ने फिलहाल जेपी नड्डा से बातचीत करने से इनकार कर दिया है।
इस बदलाव ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है और अब दोनों पक्षों के बीच दूरी बढ़ती दिखाई दे रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने किया बड़ा ऐलान
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों को जल्द सजा दिलाने के लिए सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करेगी, ताकि मामलों का तेजी से निपटारा हो सके और छात्रों का भरोसा बहाल किया जा सके।
प्रधानमंत्री के इस ऐलान को सरकार की ओर से बड़ा कदम माना जा रहा है।
सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा तथा दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
आंदोलन फिलहाल जारी
प्रधानमंत्री की घोषणा और सरकार की ओर से लगातार बातचीत के प्रस्ताव के बावजूद CJP का धरना-प्रदर्शन अभी भी जारी है।
आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और सरकार से ठोस कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।
दूसरी ओर सरकार का कहना है कि संवाद का रास्ता अब भी खुला है और जैसे ही CJP बातचीत के लिए तैयार होगी, समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।

