CJP Protest Violence: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहा छात्र आंदोलन अब गंभीर कानून-व्यवस्था की चुनौती बन गया है।
20 जुलाई 2026 को संसद मार्च के आह्वान के बाद शुरू हुई हिंसा लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। बुधवार (22 जुलाई) को प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच एक बार फिर तीखी झड़प हुई, जिसमें ACP और इंस्पेक्टर सहित पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए।
हालात को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को सीमित बल प्रयोग करना पड़ा तथा आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।
कनॉट प्लेस में अचानक बिगड़े हालात
CJP Protest Violence: दिल्ली पुलिस के अनुसार बुधवार शाम लगभग 8:30 बजे कनॉट प्लेस क्षेत्र में प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया।
प्रदर्शनकारियों की भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर और बोतलें फेंकना शुरू कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
इस घटना में कनॉट प्लेस के ACP विवेक भगत घायल हो गए, जिन्हें तुरंत राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके अलावा एक इंस्पेक्टर समेत कुल पांच पुलिसकर्मियों को चोटें आईं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति कुछ समय तक तनावपूर्ण रही, लेकिन अतिरिक्त बल की तैनाती के बाद हालात को नियंत्रित कर लिया गया।
प्रदर्शनकारियों के पास लाठियां, तलवारें और खुकरी होने का दावा
CJP Protest Violence: दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि हिंसा के दौरान कई प्रदर्शनकारियों के पास लाठियां थीं, जबकि कुछ लोग तलवार और खुकरी जैसे धारदार हथियार लहराते हुए भी दिखाई दिए।
पुलिस का कहना है कि सुरक्षाबलों पर बड़े-बड़े पत्थरों से हमला किया गया, जिससे कई जवान घायल हुए। अधिकारियों के मुताबिक शुरुआत में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक हटने के लिए समझाने का प्रयास किया।
बाद में CJP नेतृत्व से भी भीड़ को शांत करने की अपील करने को कहा गया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने किसी की बात नहीं मानी। इसके बाद RAF और दिल्ली पुलिस ने सीमित बल का इस्तेमाल करते हुए आंसू गैस के दो-तीन गोले छोड़े और क्षेत्र को खाली कराया।
पुलिस का आरोप – शाम होते ही आंदोलन में शामिल हो जाते हैं अराजक तत्व
CJP Protest Violence: दिल्ली पुलिस का कहना है कि आंदोलन के दौरान शाम के समय कुछ असामाजिक और अराजक तत्व भी भीड़ का हिस्सा बन जाते हैं।
पुलिस के अनुसार यही लोग सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ भड़काऊ नारे लगाते हैं, गाली-गलौज करते हैं और हिंसा को बढ़ावा देते हैं।
पुलिस का आरोप है कि इसी भीड़ ने कई पुलिसकर्मियों को घेरकर उनके साथ मारपीट की। अधिकारियों ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
CJP ने पुलिस पर लगाए आरोप
CJP Protest Violence: दूसरी ओर CJP नेतृत्व ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। संगठन के प्रमुख अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और अनावश्यक बल प्रयोग किया।
उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मामला अदालत तक ले जाया जाएगा।
संगठन का कहना है कि आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है, जबकि पुलिस अनावश्यक दबाव बना रही है।
सरकार से बातचीत का प्रस्ताव ठुकराया
CJP Protest Violence: तीन दिनों से जारी तनावपूर्ण हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने CJP नेतृत्व से बातचीत का प्रस्ताव दिया। संगठन के प्रवक्ता सौरव दास के अनुसार पुलिस ने जानकारी दी कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा उनसे बातचीत करना चाहते हैं।
हालांकि CJP ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। संगठन का कहना है कि वह केवल बंद कमरे में बातचीत नहीं, बल्कि सार्वजनिक रूप से छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर चर्चा चाहता है।
संगठन ने सरकार के सामने यह भी शर्त रखी कि आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई नई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी और उनके विरुद्ध किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी।
क्षतिग्रस्त कार को लेकर भी नया विवाद
गुरुवार (23 जुलाई 2026) को CJP ने एक नया आरोप लगाया। संगठन ने दावा किया कि प्रदर्शन स्थल के बाहर दिल्ली पुलिस ने स्वयं एक क्षतिग्रस्त कार खड़ी की, ताकि हिंसा का दोष प्रदर्शनकारियों पर डाला जा सके।
CJP ने इस दावे के समर्थन में सोशल मीडिया पर कार की तस्वीरें भी साझा कीं। हालांकि इस आरोप पर दिल्ली पुलिस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
34वें दिन में पंहुचा आंदोलन
CJP Protest Violence: CJP का आंदोलन अब 34वें दिन में प्रवेश कर चुका है। संगठन पिछले महीने 20 जून से जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहा है।
हालांकि आंदोलन लगभग एक महीने तक शांतिपूर्ण रहा, लेकिन 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पहली बार पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई। इसके बाद से राजधानी के कई इलाकों में लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है।
16 मेट्रो स्टेशन बंद, इंटरचेंज सुविधा जारी
राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने गुरुवार को भी सेंट्रल दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद रखा।
बंद किए गए स्टेशनों में लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंबा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम शामिल हैं।
हालांकि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा पहले की तरह जारी रखी गई।
स्थिति पर सभी की नजर
CJP Protest Violence: दिल्ली में जारी यह आंदोलन अब केवल छात्र प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कानून-व्यवस्था और राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन चुका है।
एक ओर पुलिस हिंसा और अराजक तत्वों की भूमिका पर कार्रवाई की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर CJP सरकार और पुलिस पर दमनात्मक रवैये का आरोप लगा रही है।
ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या बातचीत के जरिए समाधान निकलेगा या राजधानी में तनाव का यह दौर आगे भी जारी रहेगा।
यह भी पढ़ें: CJP आंदोलन के बीच बातचीत को तैयार सरकार, जेपी नड्डा और सोनम वांगचुक के बीच हुई बात

