अमरावती कोचिंग जिहाद कांड
नाबालिग हिंदू, सिख, मातंग और ईसाई लड़कियों को कोचिंग सेंटरों में फंसाकर यौन शोषण, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल, फिर मजहबी जिहाद का जाल, महाराष्ट्र थर्रा उठा!
महाराष्ट्र के अमरावती शहर, परतवाड़ा और अचलपुर इलाके में एक बेहद खौफनाक कोचिंग जिहाद का सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
मुख्य आरोपी मोहम्मद अयान उर्फ तनवीर (परतवाड़ा निवासी) और उसके साथी मोहम्मद शाहद, इकबाल, तबरेज, उजेर उर्फ उजैर खान तथा फैज साबिर खान ने एक सुनियोजित गिरोह चलाकर विशेष रूप से हिंदू, सिख, मातंग और ईसाई समुदाय की नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाया।
इन जिहादियों ने 15, 16 और 17 साल की सैकड़ों मासूम लड़कियों को फंसाया, उनके साथ शारीरिक शोषण किया, अश्लील वीडियो रिकॉर्ड किए, ब्लैकमेल किया और फिर उन्हें मजहबी जिहाद का हथियार बनाया।
कोचिंग सेंटरों को जिहाद का अड्डा बनाया गया
ये जिहादी गिरोह अमरावती के बड़े मेडिकल कोचिंग संस्थानों, फ्यूचर हंट और आकाश, में घुसपैठ कर दाखिला लेता था।
कक्षाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं की नाबालिग छात्राओं से जान-पहचान बढ़ाई जाती थी।
फिर कैफे, सार्वजनिक जगहों पर घुमाया जाता, महंगे गिफ्ट्स दिए जाते, लग्जरी बाइक और कारों से लुभाया जाता। भरोसा जमा कर लेने के बाद लड़कियों को उर्दू नामों वाले स्नैपचैट और टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा जाता।
इन ग्रुपों में इस्लाम की सामग्री, “अल्लाह ही एकमात्र ईश्वर है” और “इस्लाम अन्य धर्मों से श्रेष्ठ है” जैसी जिहादी प्रोपेगेंडा लगातार चलाई जाती थी।
होटल, रेप, वीडियो और ब्लैकमेल, लव जिहाद का पूरा फॉर्मूला
भरोसा गहरा होने पर इन नाबालिग लड़कियों को अमरावती के महंगे होटलों में ले जाकर उनके साथ अंतरंग संबंध बनाए जाते और पूरे वाकये को अश्लील वीडियो में कैद कर लिया जाता।
आरोप है कि इस गिरोह ने 300 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों को फंसाया और 180 से अधिक अश्लील वीडियो बनाए (कुछ रिपोर्ट्स में 350 लड़कियों और 100+ वीडियो का आंकड़ा भी है)।
वीडियो बनाने के बाद लाखों रुपये की रंगदारी मांगी जाती। पैसे न देने या शर्तें न मानने पर लड़कियों को धमकी दी जाती, “वीडियो वायरल कर देंगे” या “वीडियो हटाने के बदले हमारे बताए मुस्लिम पुरुषों के साथ शारीरिक संबंध बनाओ”।
कई लड़कियों पर दबाव बनाया गया कि वे मध्यम आयु के मुस्लिम पुरुषों (गिरोह के सदस्यों और कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं) के साथ शारीरिक संबंध बनाएं।
बरूद गैंग से जुड़ा अवैध फंडिंग का जाल
ये नाबालिग लड़कियां सिर्फ शारीरिक शोषण की शिकार नहीं थीं, बल्कि कोचिंग जिहाद का पूरा नेटवर्क बरूद गैंग से जुड़ा था।
अयान और उसके साथी कथित तौर पर अवैध रेत खनन और गोमांस कारोबार से आने वाले काले धन से महंगी गाड़ियां, उपहार और होटल खर्च उठाते थे।
अयान इन लड़कियों को बरूद गैंग के लोगों तक पहुंचाता था। विरोध करने वाली लड़कियों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाते थे।

यह सिलसिला डेढ़ साल से चल रहा था। पिछले साल एक पीड़िता ने कथित तौर पर आत्महत्या भी कर ली।
नागपुर और आदिवासी इलाकों तक फैला जिहादी नेटवर्क
मामला केवल अमरावती-परतवाड़ा तक सीमित नहीं। नागपुर और आसपास के आदिवासी इलाकों से भी लड़कियों को फंसाया गया।
मुख्य आरोपी अयान की उम्र सिर्फ 19 साल है, लेकिन उसका पिता ऑटोमोबाइल कारोबारी है। इतनी छोटी उम्र में इतना बड़ा और सुनियोजित कोचिंग जिहाद चलाना साफ जताता है कि यह कोई अकेला कांड नहीं, बल्कि संगठित इस्लामी जिहाद का हिस्सा है।
AIMIM से कथित लिंक और राजनीतिक कनेक्शन
अयान ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) से जुड़ा हुआ था। वह स्थानीय स्तर पर पार्टी के सोशल मीडिया पेज संभालता था।
हालांकि पार्टी ने वर्तमान जुड़ाव से इनकार किया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर पुराने संबंधों की बात सामने आई है।
पुलिस कार्रवाई और अभी तक की पुष्टि
अमरावती ग्रामीण पुलिस ने अयान को परतवाड़ा से गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 294, पॉक्सो एक्ट और IT एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं।

अदालत ने उसे 21 अप्रैल 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजा है। उसके मोबाइल से सैकड़ों आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए हैं। फॉरेंसिक टीम डिलीट डेटा रिकवर कर रही है।
दूसरे आरोपी उजेर खान इकबाल खान को भी गिरफ्तार किया गया। उसने अयान के फोन से वीडियो डाउनलोड कर सोशल मीडिया पर फैलाए, जिससे पूरा महाराष्ट्र आग की तरह भड़क उठा।
पुलिस का कहना है कि करीब 100 वीडियो ऑनलाइन प्रसारित किए गए। अभी तक आधिकारिक तौर पर 8 पीड़िताओं की पुष्टि हुई है, लेकिन संख्या बढ़ने वाली है।
जनाक्रोश, विरोध प्रदर्शन और सख्ती
भाजपा नेताओं ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम और पूरे नेटवर्क की जड़ें खोदने की मांग की है। विश्व हिंदू परिषद ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

मुख्य आरोपी के घर पर अतिक्रमण हटाने के नाम पर जेसीबी से तोड़फोड़ भी की गई (भाजपा विधायक प्रवीण तयाड़े की मौजूदगी में)। परतवाड़ा, अचलपुर और आसपास के इलाकों में बंद का आह्वान किया गया, मंदिरों में बैठकें हुईं। प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया है।
अमरावती कोचिंग जिहाद अब महाराष्ट्र की नींद उड़ा चुका है। यह सिर्फ यौन शोषण नहीं, बल्कि लव जिहाद का कोचिंग संस्करण है, जहां कोचिंग सेंटरों को जिहाद का हथियार बनाकर नाबालिग गैर-मुस्लिम लड़कियों को निशाना बनाया गया, उनका शरीर, सम्मान और भविष्य लूटा गया।
पुलिस को अब पूरे गिरोह, वीडियो वितरण नेटवर्क, खरीदारों और राजनीतिक संरक्षण तक पहुंचना होगा। यह कांड सिर्फ अमरावती का नहीं, पूरे देश के लिए चेतावनी है!

