होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुला: मिडिल ईस्ट से एक बहुत बड़ी और राहत देने वाली खबर आई है। ईरान ने फैसला किया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को कमर्शियल जहाजों के लिए पूरी तरह खोल देगा।
यह फैसला तब आया है जब इजरायल और लेबनान के बीच युद्ध रुकने (सीजफायर) की खबर पक्की हो गई।
पिछले कई दिनों से इस रास्ते के बंद होने की वजह से पूरी दुनिया की धड़कनें बढ़ी हुई थीं, क्योंकि यह समुद्री रास्ता दुनिया की सबसे जरूरी ‘लाइफलाइन’ माना जाता है।
ईरान के विदेश मंत्री का बयान
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि लेबनान में जो शांति का समझौता हुआ है, उसे देखते हुए ईरान ने यह रास्ता खोलने का मन बनाया है।
अराघची ने साफ कहा कि अब से व्यापारिक जहाज बिना किसी रोक-टोक के यहाँ से गुजर सकेंगे,
लेकिन इसमें एक पेंच भी है—ईरान ने कहा है कि यह रास्ता सिर्फ तब तक खुला रहेगा जब तक इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर यानी शांति बनी रहेगी। अगर फिर से लड़ाई शुरू हुई, तो ईरान इस फैसले को बदल भी सकता है।
फरवरी से अब तक क्या हुआ?
इस पूरे तनाव की शुरुआत इसी साल 28 फरवरी 2026 को हुई थी। उस दिन अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के कई ठिकानों पर जोरदार हमले किए थे।
इसके जवाब में ईरान ने सुरक्षा का हवाला देते हुए होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का आना-जाना मुश्किल कर दिया था और बाद में इसे पूरी तरह बंद कर दिया।
पिछले लगभग डेढ़ महीने से यह रास्ता बंद था, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में हड़कंप मचा हुआ था। जहाजों को बहुत लंबे और महंगे रास्तों से जाना पड़ रहा था, जिससे सामान की कीमतें बढ़ने का डर था।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना जरूरी?
दुनिया में जितना भी कच्चा तेल एक जगह से दूसरी जगह जाता है, उसका करीब 25% हिस्सा इसी छोटे से समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है।
सऊदी अरब, इराक, कुवैत और यूएई जैसे बड़े तेल उत्पादक देश इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं।
अगर यह रास्ता बंद रहता, तो पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की भारी कमी हो जाती और महंगाई सातवें आसमान पर पहुँच जाती।
इसीलिए जैसे ही ईरान ने इसे खोलने का ऐलान किया, ग्लोबल मार्केट में खुशी की लहर दौड़ गई।
ट्रंप का ‘थैंक यू’ और नया माहौल
ईरान के इस कदम पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपनी सोशल साइट ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान को “थैंक यू” लिखा।
यह बात काफी हैरान करने वाली और अहम है, क्योंकि ईरान और अमेरिका के रिश्ते अक्सर खराब ही रहते हैं। ट्रंप के इस मैसेज से लगता है कि शायद अब अमेरिका और ईरान के बीच भी बातचीत का कोई नया रास्ता खुल सकता है।
जहाजों की आवाजाही शुरू
अब ईरान के समुद्री संगठन ने जहाजों के लिए पुराना मैप और नियम फिर से लागू कर दिए हैं। वे जहाज जो डर के मारे दूसरे रास्तों पर खड़े थे, अब सीधे होर्मुज स्ट्रेट से निकल सकेंगे।
इससे समय की बचत होगी और तेल की ढुलाई का खर्चा भी कम होगा। हालांकि, पूरी दुनिया अब भी फूँक-फूँक कर कदम रख रही है क्योंकि यह सब कुछ इजरायल और लेबनान की शांति पर टिका हुआ है।
अगर वहां हालात ठीक रहे, तो दुनिया को तेल के संकट से बड़ी राहत मिल जाएगी।

