Saturday, April 18, 2026

ट्रंप का दावा: ईरान के साथ शांति समझौता पूरा!, ईरान ने नकारा

ट्रंप का दावा: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 17 अप्रैल को एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता अब अंतिम चरण में पहुँच चुकी है।

एरिजोना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने संकेत दिया कि सप्ताह के अंत तक दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हो सकती है और अगले 1-2 दिनों में किसी समझौते पर मुहर लगने की संभावना है।

ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज कर दी है, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका-ईरान संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं।

‘परमाणु धूल’ पर ट्रंप की विवादित टिप्पणी

अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने ईरान के संवर्धित यूरेनियम को ‘परमाणु धूल’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका इस यूरेनियम को ईरान के सहयोग से हासिल करेगा और इसे जल्द ही अमेरिका लाया जाएगा।

उन्होंने यहां तक कहा कि इसके लिए बड़ी संख्या में खुदाई करने वाली मशीनों का उपयोग किया जाएगा।

यह बयान न केवल तकनीकी रूप से सवालों के घेरे में है, बल्कि इसे विशेषज्ञों ने भी अव्यावहारिक बताया है, क्योंकि यूरेनियम का निष्कर्षण और स्थानांतरण अत्यंत जटिल और नियंत्रित प्रक्रिया होती है।

आर्थिक मुद्दों पर यू-टर्न

इससे पहले ऐसी खबरें सामने आई थीं कि अमेरिका, ईरान की लगभग 20 अरब डॉलर की फ्रीज की गई परिसंपत्तियों को जारी करने पर विचार कर रहा है,

लेकिन ट्रंप ने इस पर पूरी तरह से पलटते हुए कहा कि अमेरिका ईरान को “10 सेंट भी नहीं” देगा।

उनके इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि आर्थिक रियायतों के मुद्दे पर अमेरिका का रुख अभी भी सख्त बना हुआ है।

ईरान का सख्त जवाब

ट्रंप के इन दावों पर ईरान ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाक़ाई ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश का संवर्धित यूरेनियम पूरी तरह उसके नियंत्रण में है और इसे किसी भी हालत में विदेश नहीं भेजा जाएगा।

उन्होंने सरकारी टीवी पर कहा कि ईरान अपनी परमाणु संपत्ति की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

क्या वास्तव में संभव है समझौता?

ट्रंप के दावों और ईरान के खंडन के बीच सच्चाई क्या है, यह अभी स्पष्ट नहीं है। हालांकि, दोनों देशों के बीच किसी भी तरह का समझौता वैश्विक राजनीति और परमाणु संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा,

लेकिन जिस तरह से दोनों पक्षों के बयान एक-दूसरे के विपरीत हैं, उससे यह साफ संकेत मिलता है कि वार्ता अभी भी कई जटिलताओं से घिरी हुई है।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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