मजहबी ऑटो चालक ने चुपके से बनाया महिला का वीडियो: मुंबई में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ाने वाला मामला सामने आया है।
एक ऑटो रिक्शा चालक पर महिला यात्री के साथ अभद्र व्यवहार करने, धमकाने और जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश करने का आरोप लगा है।
आरोपी की पहचान Afzal Asif Khan के रूप में हुई है, जिसे पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी ने रिकॉर्ड किया वीडियो
पुलिस के अनुसार यह घटना मुंबई के कुरुर इलाके की है। पीड़िता ने मलाड जाने के लिए एक ऑटो रिक्शा लिया था। शुरुआत में यात्रा सामान्य लग रही थी,
लेकिन कुछ देर बाद आरोपी का व्यवहार संदिग्ध हो गया।
आरोप है कि चालक ने बिना महिला की अनुमति के अपने मोबाइल फोन से उसका वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया।
महिला को इस बात का अंदाजा तब हुआ जब उसने देखा कि चालक लगातार मोबाइल कैमरा उसकी ओर रखे हुए है।
जबरन शारीरिक संबंध बनाने का दबाव
जब महिला ने इस हरकत का विरोध किया, तो आरोपी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया।
उसने कथित तौर पर महिला को धमकाया कि अगर उसने उसकी बात नहीं मानी तो वह वीडियो को इंटरनेट पर वायरल कर देगा।
इसके साथ ही आरोपी ने महिला पर जबरन शारीरिक संबंध बनाने का दबाव भी बनाया। इस धमकी और दबाव से महिला बेहद डर गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी।
गंतव्य के पास पहुँचते ही महिला ने स्थिति को संभालते हुए तुरंत मदद लेने का फैसला किया। उसने पास में मौजूद यातायात पुलिसकर्मियों को पूरी घटना की जानकारी दी।
महिला की शिकायत सुनते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और आरोपी को मौके पर ही हिरासत में ले लिया। बाद में उसे स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया।
मामले की पुलिस कर रही है जांच
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
इनमें छेड़छाड़, बिना सहमति वीडियो बनाना, आपराधिक धमकी देना और जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश जैसे आरोप शामिल हैं।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और यदि आरोपी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा कितनी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
महानगर जैसे शहर में भी इस तरह की घटनाएं सामने आना चिंता का विषय है।
हालांकि इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय रही, लेकिन यह भी जरूरी है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए सख्त निगरानी और जागरूकता बढ़ाई जाए।

