मज़हबी ने राजा बनकर हिन्दू नाबालिग फंसाया: बिहार के पूर्णिया जिले में एक नाबालिग हिंदू लड़की से कथित तौर पर पहचान छिपाकर संपर्क बनाए रखने के मामले ने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है।
पुलिस ने इस मामले में भागलपुर जिले के नारायणपुर निवासी राजा खान नामक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
आरोप है कि युवक ने अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर किशोरी से दोस्ती की और लंबे समय से उसके संपर्क में था। घटना सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर हंगामा खड़ा हो गया, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
डेढ़ से दो वर्षों से संपर्क में थे दोनों
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजा खान पहले खगड़िया क्षेत्र में लाइट मिस्त्री का काम करता था। इसी दौरान उसकी पहचान किशोरी से हुई थी।
बाद में वह काम और पढ़ाई के सिलसिले में दिल्ली चला गया, लेकिन दोनों के बीच फोन के माध्यम से लगातार बातचीत जारी रही।
बताया जा रहा है कि युवक ने अपना परिचय केवल “राजा” के रूप में दिया था, जिससे लड़की को उसकी वास्तविक पहचान की जानकारी नहीं थी।
कला भवन परिसर में मुलाकात के दौरान लोगों को हुआ संदेह
बुधवार, 10 जून 2026 को राजा खान दिल्ली से पूर्णिया पहुंचा और किशोरी से मिलने के लिए शहर के प्रसिद्ध कला भवन परिसर गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों को साथ घूमते देख कुछ स्थानीय लोगों को संदेह हुआ। जब युवक से पूछताछ की गई तो उसके जवाबों में विरोधाभास दिखाई दिया। इसके बाद लोगों ने उसकी पहचान संबंधी दस्तावेज देखने की मांग की।
जांच के दौरान युवक की वास्तविक पहचान राजा खान के रूप में सामने आने का दावा किया गया। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
पहचान उजागर होने के बाद बढ़ा हंगामा
स्थानीय लोगों के अनुसार, जब युवक की वास्तविक पहचान सामने आई तो वहां मौजूद भीड़ ने विरोध शुरू कर दिया।
सूचना मिलने पर कुछ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए और मामले को ‘लव जिहाद’ से जोड़ते हुए प्रदर्शन किया।
हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस मामले को किसी विशेष एंगल से पुष्टि नहीं की है और जांच जारी होने की बात कही है।
स्थिति बिगड़ती देख कुछ लोगों ने युवक के साथ मारपीट भी की। इसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और आरोपी को भीड़ से सुरक्षित निकालकर हिरासत में ले लिया।
मोबाइल फोन की जांच में मिले महत्वपूर्ण सुराग
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में फोन से किशोरी से संबंधित चैट्स और कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें मिलने की बात सामने आई है।
पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराने की तैयारी कर रही है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।
पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि किशोरी के पास जो मोबाइल फोन था, वह कथित रूप से आरोपी युवक ने ही उसे दिया था।
परिवार के लोगों ने दावा किया है कि उन्होंने अपनी बेटी को कोई मोबाइल फोन नहीं दिया था और उन्हें इस संपर्क की जानकारी भी नहीं थी।
परिजनों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
मज़हबी ने राजा बनकर हिन्दू नाबालिग फंसाया: घटना की जानकारी मिलने के बाद किशोरी के माता-पिता और अन्य परिजन महिला थाने पहुंचे।
उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और आरोप लगाया कि उनकी बेटी को धोखे में रखकर लंबे समय तक संपर्क में रखा गया।
परिजनों का कहना है कि लड़की को युवक की वास्तविक पहचान की जानकारी नहीं थी और वह खुद भी सच्चाई सामने आने के बाद स्तब्ध रह गई।
पॉक्सो समेत विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की तैयारी
पूर्णिया महिला थाना की थानाध्यक्ष आरती कुमारी ने बताया कि युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
यदि परिजनों की ओर से लिखित शिकायत दी जाती है और जांच में आरोपों की पुष्टि होती है, तो आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच जारी है और सभी डिजिटल तथा भौतिक साक्ष्यों को एकत्र किया जा रहा है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन लोगों से अफवाहों से बचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील कर रहा है।
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
मज़हबी ने राजा बनकर हिन्दू नाबालिग फंसाया: पूर्णिया का यह मामला नाबालिगों की सुरक्षा, सोशल मीडिया और मोबाइल के माध्यम से होने वाले संपर्कों तथा पहचान छिपाकर रिश्ते बनाने जैसे गंभीर सवालों को फिर से चर्चा में ले आया है।
फिलहाल पुलिस सभी तथ्यों की पड़ताल कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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