Saturday, May 2, 2026

आगरा में खूनी खेल: मज़हबियों ने की तरबूज लेने गए मासूम की बेरहमी से हत्या

आगरा में खूनी खेल: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के थाना जगनेर क्षेत्र में एक 13 वर्षीय हिंदू बालक, अमृत (अवनी) कुशवाह की नृशंस हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

शुक्रवार (1 मई 2026) को हुई इस वारदात के बाद गांव में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनी हुई है।

परिजनों ने खेत किराए पर लेकर खेती करने वाले एक विशेष समुदाय के परिवार पर हत्या का आरोप लगाया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

तरबूज लेने निकला था मासूम

जगनेर के गांव रंधीरपुरा निवासी नरेश कुशवाह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं।

नरेश ने अपना एक खेत मुस्लिम परिवार को बटाई/किराए पर दिया था, जहां तरबूज और खरबूजे की खेती की जा रही है।

शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे नरेश का बेटा अमृत अपनी बहन से तरबूज लाने की बात कहकर खेत की ओर निकला था।

जब वह घंटों तक वापस नहीं लौटा, तो परिजनों को चिंता हुई और उसकी तलाश शुरू की गई।

मौके पर मिला खून से सना चाकू

शाम के समय अमृत की बहन उसे ढूंढते हुए खेत की तरफ पहुंची। गांव से करीब एक किलोमीटर दूर सोनीखेड़ा बांध के पास चकरोड किनारे उसने अमृत का खून से लथपथ शव देखा।

दृश्य इतना भयानक था कि बहन की चीख निकल गई। अमृत के शव के पास ही तरबूज से भरी एक थैली और तरबूज काटने वाला खून से सना चाकू पड़ा मिला।

ग्रामीणों के अनुसार, किशोर के सिर, चेहरे और कान पर धारदार हथियार से वार के गहरे निशान थे।

परिजनों का गंभीर आरोप

इस घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। परिजनों ने आरोप लगाया कि हत्यारों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए अमृत की एक आंख भी निकाल ली है।

हालांकि, पुलिस प्रशासन ने अंग भंग किए जाने की खबरों को भ्रामक बताया है। डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अफवाह न फैलाएं और शांति बनाए रखें।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चोटों की प्रकृति स्पष्ट हो सकेगी।

नामजद शिकायत और पुलिस की कार्रवाई

आगरा में खूनी खेल: मृतक के पिता नरेश कुशवाह ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में करीब 13 लोगों को नामजद किया है।

इनमें सद्दाम, अरशद, रशीद, आमेर, नदीम और रियाज अहमद सहित अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक दो मुख्य संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है जिनसे पूछताछ की जा रही है।

डीसीपी ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए पश्चिम जोन की एसओजी, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की कुल पांच टीमें गठित की गई हैं।

ग्रामीणों का भारी विरोध, 4 घंटे तक लगा रहा जाम

हत्या की खबर मिलते ही ग्रामीणों ने चकरोड पर जाम लगा दिया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़ गए।

उत्तेजित भीड़ ने करीब चार घंटे तक पुलिस को शव उठाने नहीं दिया। तनाव बढ़ता देख एसीपी प्रीता दुबे सहित 10 थानों की फोर्स मौके पर बुलाई गई।

अधिकारियों द्वारा कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देने और समझाने-बुझाने के बाद ही ग्रामीण शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने दिया गया।

गांव हुआ पुलिस छावनी में तब्दील

आगरा में खूनी खेल: फिलहाल रंधीरपुरा गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। किसी भी संभावित सांप्रदायिक टकराव को रोकने के लिए गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रामनाथ सिकरवार समेत कई स्थानीय नेताओं ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की है।

पुलिस की शुरुआती जांच में मामला तरबूज तोड़ने को लेकर हुए विवाद से जुड़ा हुआ लग रहा है, लेकिन पुलिस हर पहलू से मामले की गहराई से छानबीन कर रही है।

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