नासिक TCS कांड: नासिक के एक बड़े आईटी कैंपस में सामने आया कथित धर्मांतरण का मामला अब गंभीर मोड़ ले चुका है।
शुरुआत में इसे केवल कुछ कर्मचारियों द्वारा सहकर्मियों को प्रभावित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा था,
लेकिन जांच के आगे बढ़ने के साथ इसमें संगठित नेटवर्क की आशंका भी जताई जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय प्रशासन और जांच एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।
कर्मचारियों पर ब्रेनवॉशिंग के आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, कुछ कर्मचारियों पर आरोप है कि वे सुनियोजित तरीके से जूनियर महिला कर्मचारियों को निशाना बना रहे थे।
बातचीत, निजी संपर्क और डिजिटल माध्यमों के जरिए उनके विचारों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी।
यह प्रक्रिया धीरे-धीरे विश्वास बनाने और फिर वैचारिक बदलाव लाने की दिशा में आगे बढ़ती थी।
हालांकि, अभी तक इन आरोपों की पूरी तरह पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।
‘मलेशिया कनेक्शन’ ने बढ़ाई चिंता
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया जब जांच में विदेश कनेक्शन की बात सामने आई।
पुलिस को मिले कुछ डिजिटल सबूतों से संकेत मिले हैं कि कथित आरोपित पीड़ितों के पासपोर्ट बनवाने और उन्हें मलेशिया भेजने की योजना बना रहे थे।
यह जानकारी सामने आने के बाद जांच एजेंसियां अब इस पूरे मामले को संभावित मानव तस्करी के नजरिए से भी देख रही हैं।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस योजना का वास्तविक उद्देश्य क्या था।
डिजिटल सबूत और विदेशी संपर्क
जांच के दौरान व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल डेटा की जांच में यह भी सामने आया है कि “इमरान” नाम का एक व्यक्ति विदेश से संपर्क में था और वीडियो कॉल के जरिए निर्देश दे रहा था।
इसके अलावा, एक एचआर अधिकारी पर आरोप है कि वह इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी थी और भर्ती प्रक्रिया में एक विशेष पैटर्न अपना रही थी।
पुलिस अब इस मामले में फंडिंग और अन्य संभावित सहयोगियों की भी जांच कर रही है।
गुप्त जांच और पुलिस की रणनीति
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गुप्त जांच का सहारा लिया। जानकारी के अनुसार, चार महिला कांस्टेबलों को हाउसकीपिंग स्टाफ के रूप में कैंपस में तैनात किया गया ताकि अंदर की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
इस कदम से यह स्पष्ट होता है कि जांच एजेंसियां इस मामले को बेहद संवेदनशील मानकर हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं।
गिरफ्तारी और कंपनी की प्रतिक्रिया
अब तक इस मामले में कई आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कई एफआईआर दर्ज की गई हैं।
कंपनी प्रबंधन ने भी बयान जारी कर कहा है कि शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है।
साथ ही, संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा रही है।

