Thursday, May 14, 2026

Sleep Cycle: रातभर मोबाइल चलाने की आदत पड़ सकती है भारी, बिगड़ती स्लीप साइकिल से बढ़ रहा खतरा

Sleep Cycle: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मोबाइल, लैपटॉप और टीवी लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं।

ऑफिस का काम हो या मनोरंजन, हर चीज स्क्रीन के जरिए ही हो रही है।

लेकिन यही लगातार बढ़ता स्क्रीन टाइम अब लोगों की नींद और स्वास्थ्य पर गंभीर असर डालने लगा है।

देर रात तक फोन स्क्रॉल करना या वीडियो देखना धीरे-धीरे स्लीप साइकिल को खराब कर रहा है, जिसका असर शरीर और दिमाग दोनों पर दिखाई देने लगा है।

कैसे स्क्रीन टाइम छीन रहा है आपकी नींद?

Sleep Cycle: मोबाइल और लैपटॉप से निकलने वाली ब्लू लाइट शरीर के प्राकृतिक स्लीप सिस्टम को प्रभावित करती है।

रात के समय शरीर मेलाटोनिन नाम का हार्मोन बनाता है, जो नींद लाने में मदद करता है। लेकिन लंबे समय तक स्क्रीन देखने से यह हार्मोन सही तरीके से नहीं बन पाता।

यही वजह है कि कई लोग बिस्तर पर जाने के बाद भी देर तक सो नहीं पाते। आंखें थकी होने के बावजूद दिमाग एक्टिव बना रहता है।

धीरे-धीरे यह आदत अनिद्रा और खराब स्लीप साइकिल की वजह बन जाती है।

नींद खराब होने से शरीर पर क्या असर पड़ता है?

Sleep Cycle: लगातार अधूरी नींद शरीर को अंदर से कमजोर करने लगती है। सुबह उठने पर थकान महसूस होना, सिर भारी लगना, आंखों में जलन और दिनभर सुस्ती रहना इसके शुरुआती संकेत माने जाते हैं।

कई लोग ऑफिस या पढ़ाई के दौरान बार-बार जम्हाई लेते दिखाई देते हैं, क्योंकि उनका दिमाग पूरी तरह आराम नहीं कर पाता।

इसके अलावा खराब नींद का असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। चिड़चिड़ापन बढ़ने लगता है, ध्यान भटकता है और काम में मन नहीं लगता।

लंबे समय तक यही स्थिति बनी रहे तो दिल और दिमाग से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है।

देर रात फोन चलाने से क्यों बिगड़ता है पूरा रूटीन?

आजकल ज्यादातर लोग सोने से पहले सोशल मीडिया स्क्रॉल करते हैं या देर रात तक चैटिंग में लगे रहते हैं।

इससे नींद का समय लगातार पीछे खिसकता जाता है। सुबह समय पर उठना मुश्किल हो जाता है और पूरे दिन की ऊर्जा प्रभावित होती है।

कई बार लोग इसे छोटी आदत समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही छोटी लापरवाही धीरे-धीरे शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।

अच्छी नींद के लिए अपनाएं ये आसान आदतें

Sleep Cycle: अगर आप अपनी स्लीप साइकिल सुधारना चाहते हैं तो सबसे पहले सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल और लैपटॉप से दूरी बनाना शुरू करें।

रात में हल्की रोशनी रखें और बेवजह स्क्रीन देखने से बचें।

काम के दौरान भी हर 20 से 30 मिनट में कुछ सेकंड के लिए आंखों को स्क्रीन से हटाकर आराम देना जरूरी है।

इसके अलावा सोने से पहले किताब पढ़ना, हल्का संगीत सुनना या परिवार के साथ समय बिताना दिमाग को शांत करने में मदद करता है।

डॉक्टरों के मुताबिक, हर व्यक्ति को रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए।

अच्छी नींद सिर्फ शरीर को आराम नहीं देती, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को भी मजबूत बनाती है।

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Muskaan Gupta
Muskaan Guptahttps://reportbharathindi.com/
मुस्कान डिजिटल जर्नलिस्ट / कंटेंट क्रिएटर मुस्कान एक डिजिटल जर्नलिस्ट और कंटेंट क्रिएटर हैं, जो न्यूज़ और करंट अफेयर्स की रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 2 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक मुद्दे, प्रशासन, क्राइम, धर्म, फैक्ट चेक और रिसर्च बेस्ड स्टोरीज़ पर लगातार काम किया है। मुस्कान ने जमीनी रिपोर्टिंग के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए प्रभावशाली कंटेंट तैयार किया है। उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव और अन्य राजनीतिक घटनाक्रमों की कवरेज की है और जनता की राय को प्राथमिकता देते हुए रिपोर्टिंग की है। वर्तमान में वह डिजिटल मीडिया के लिए न्यूज़ स्टोरीज़, वीडियो स्क्रिप्ट्स और विश्लेषणात्मक कंटेंट पर काम कर रही हैं। इसके साथ ही वे इंटरव्यू, फील्ड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया जर्नलिज़्म में भी दक्ष हैं। मुस्कान का फोकस तथ्यात्मक, प्रभावशाली और जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने लाने पर रहता है।
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