Bihar Cabinet: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 19 एजेंडों को दी मंजूरी, DA में 5% की बढ़ोतरी बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज (बुधवार, 13 मई 2026) पहली पूर्ण कैबिनेट बैठक संपन्न हुई।
पटना में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में सरकार ने राज्य के विकास, कानून-व्यवस्था और कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े 19 अहम एजेंडों पर अपनी स्वीकृति दी है।
इस बैठक के फैसले न केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी लेकर आए हैं, बल्कि राज्य के औद्योगिक और प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूती देने वाले हैं।
सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी सौगात: 5% बढ़ा महंगाई भत्ता (DA)
Bihar Cabinet: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 19 एजेंडों को दी मंजूरी, DA में 5% की बढ़ोतरीकैबिनेट का सबसे चर्चित फैसला बिहार के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारियों से जुड़ा है।
राज्य सरकार ने उनके महंगाई भत्ते (DA) में 5% की वृद्धि करने का निर्णय लिया है।
कब से लागू होगा: यह वृद्धि 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
किसे मिलेगा लाभ: 7वें वेतनमान के तहत आने वाले सभी नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ रिटायर्ड पेंशनभोगियों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा।
बढ़ती महंगाई के बीच इसे सरकारी सेवकों के लिए एक बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
कानून-व्यवस्था पर कड़ा प्रहार: 5 जिलों में नियुक्त होंगे ग्रामीण SP
Bihar Cabinet: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 19 एजेंडों को दी मंजूरी, DA में 5% की बढ़ोतरीबिहार में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
राज्य के पांच बड़े जिलों में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण (SP Rural) के नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है।
प्रभावित जिले: पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान।
इन जिलों के ग्रामीण इलाकों में अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को बेहतर बनाने के लिए अब विशेष रूप से ग्रामीण एसपी की तैनाती की जाएगी।
बिहार में उद्योगों का जाल: वैशाली और बिहटा के लिए बड़े ऐलान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कर दिया है कि बिहार का विकास उद्योगों के बिना अधूरा है।
इसी कड़ी में ‘उद्योग विभाग’ से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई है:
वैशाली में नया संस्थान: वैशाली जिले में 101 एकड़ भूमि पर ‘राष्ट्रीय खाद्य औद्योगिक प्रबंधन एवं उद्यमिता संस्थान’ (NIFTEM) की स्थापना को मंजूरी दी गई है।
यह संस्थान खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) के क्षेत्र में बिहार को नई पहचान देगा।
बिहटा में औद्योगिक निवेश: सिकंदरपुर (बिहटा) में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली के तहत वित्तीय क्लीयरेंस दे दिया गया है। इससे क्षेत्र में नई फैक्ट्रियां लगने और रोजगार सृजन का रास्ता साफ होगा।
क्लस्टर विकास योजना: उद्योगों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए ‘सामान्य सुविधा केंद्र’ (Common Facility Centres) बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है।
शिक्षा क्षेत्र में नई भर्तियाँ
शिक्षा के स्तर को सुधारने और कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए भी कैबिनेट ने खजाना खोला है।
राज्य सरकार ने उन्नत शिक्षा के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए महाविद्यालयों में 132 नए पदों के सृजन का फैसला किया है।
हर चिन्हित महाविद्यालय में 44 पदों के हिसाब से नियुक्तियां की जाएंगी, जिससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
राज्य के विकास के लिए कर्ज लेने का फैसला
कैबिनेट ने राज्य की विभिन्न विकास योजनाओं को गति देने और बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने हेतु लोन लेने के प्रस्ताव को भी स्वीकार किया है।
सरकार का मानना है कि इससे सड़क, पुल और बिजली जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा किया जा सकेगा।

