एक्शन मोड में सुवेंदु अधिकारी: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है।
राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के कुछ ही दिनों के भीतर, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले लिए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन फैसलों का स्वागत करते हुए बंगाल की जनता के लिए उज्जवल भविष्य की कामना की है।
कैबिनेट की पहली बैठक में सुवेंदु ने लिए बड़े फैसले
एक्शन मोड में सुवेंदु अधिकारीसोमवार को हुई पश्चिम बंगाल कैबिनेट की पहली बैठक ऐतिहासिक रही। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव के दौरान किए गए वादों को अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया है।
कैबिनेट ने निम्नलिखित प्रमुख केंद्रीय योजनाओं को तत्काल प्रभाव से लागू करने की घोषणा की है:
आयुष्मान भारत: अब बंगाल के गरीबों को साल में 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ: महिला सशक्तिकरण और शिक्षा पर विशेष जोर।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करना।
पीएम विश्वकर्मा: पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक मदद और कौशल प्रशिक्षण।
यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विधानसभा चुनाव की रैलियों के दौरान पीएम मोदी ने वादा किया था कि भाजपा की सरकार बनते ही पहली कैबिनेट बैठक में आयुष्मान भारत को मंजूरी दी जाएगी।
पीएम मोदी का संदेश: “बंगाल का कल्याण सर्वोपरि”
एक्शन मोड में सुवेंदु अधिकारी: मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल की जनता के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा:
“पश्चिम बंगाल में मेरे भाइयों और बहनों का कल्याण सर्वोपरि है। मुझे बेहद खुशी है कि राज्य के लोगों को अब आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलेगा।
यह विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सेवा योजना है, जो उच्च गुणवत्ता वाली और किफायती चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करती है।”
पीएम ने ‘डबल इंजन’ सरकार के लाभों पर जोर देते हुए कहा कि अब केंद्रीय परियोजनाओं को लागू करने में कोई बाधा नहीं आएगी।
आयुष्मान भारत vs स्वास्थ्य साथी: क्या होगा बदलाव?
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या राज्य की पिछली सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना बंद हो जाएगी?
सरकार से जुड़े सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि दोनों योजनाओं के लाभार्थियों के बीच समन्वय बिठाया जाएगा।
योजनाओं का गणित:
आयुष्मान भारत: इस योजना के लाभ के लिए केंद्र सरकार के कुछ कड़े पात्रता मानक (Eligibility Criteria) हैं। जो परिवार इन शर्तों को पूरा करेंगे, उन्हें 5 लाख रुपये का केंद्रीय बीमा मिलेगा।
स्वास्थ्य साथी: वे लोग जो आयुष्मान भारत के दायरे में नहीं आते, उन्हें राज्य की ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना के तहत लाभ मिलता रहेगा।
इस समन्वय से यह सुनिश्चित होगा कि राज्य का कोई भी नागरिक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे।
क्या जनता को होगा फायदा?
बेहतर इलाज: अब बंगाल के मरीज दिल्ली या मुंबई के बड़े अस्पतालों में भी आयुष्मान कार्ड के जरिए मुफ्त इलाज करा सकेंगे।
बिचौलियों का अंत: केंद्रीय योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों (DBT) में पहुंचेगा।
कृषि विकास: फसल बीमा योजना से उन लाखों किसानों को राहत मिलेगी जो हर साल चक्रवात और बाढ़ की मार झेलते हैं।
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ‘डबल इंजन’ की यह सरकार कितनी तेजी से विकास कार्यों को जमीन पर उतारती है।
फिलहाल, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपनी पहली ही गेंद पर ‘छक्का’ लगाकर यह साफ कर दिया है कि उनकी सरकार ‘स्पीड और स्केल’ पर काम करने वाली है।
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