Pakistan Bomb Blast:पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी सीमावर्ती प्रांत खैबर पख्तूनख्वा से एक बार फिर रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। मंगलवार को अफगानिस्तान सीमा के पास स्थित बन्नू जिले के सराय नौरंग बाजार में हुए एक जोरदार बम धमाके ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इस आतंकी हमले में 2 पुलिसकर्मियों सहित 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 37 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह हमला उस समय हुआ जब पाकिस्तान पहले से ही आंतरिक सुरक्षा और आतंकी गुटों के बढ़ते प्रभाव से जूझ रहा है।
धमाके की भयावहता: मलबे में तब्दील हुआ बाजार
Pakistan Bomb Blast: मंगलवार का दिन सराय नौरंग बाजार के व्यापारियों और आम नागरिकों के लिए काल बनकर आया। चश्मदीदों के मुताबिक, धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। जिस स्थान पर विस्फोट हुआ, वहां मौजूद दुकानों के अगले हिस्से ताश के पत्तों की तरह ढह गए। धमाके की चपेट में आई एक गाड़ी पूरी तरह लोहे के मलबे में तब्दील हो गई।
धमाके के बाद का मंजर विचलित करने वाला था। चारों तरफ खून और मलबे के बीच लोगों के चीथड़े बिखरे हुए थे। स्थानीय लोगों और बचाव कर्मियों ने अपनी आंखों से वो तबाही देखी, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
राहत और बचाव कार्य
घटना के तुरंत बाद स्थानीय बचाव एजेंसियों ने मोर्चा संभाला। बचाव कार्य में लगी एजेंसी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि मौके पर एम्बुलेंस और दमकल की गाड़ियां तुरंत रवाना की गईं।
अस्पताल की स्थिति: बन्नू के मेडिकल सुपरिटेंडेंट मोहम्मद इशाक ने मीडिया को जानकारी दी कि अस्पताल में अब तक करीब 37 घायल लोग पहुंचे हैं। इनमें से कई की स्थिति “बेहद गंभीर” बताई जा रही है, जिसके कारण मृतकों की संख्या बढ़ने का अंदेशा जताया जा रहा है।
पुलिस प्रशासन: नौरंग के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) सईद खान ने बताया कि पुलिस बल ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और घायलों को प्राथमिकता के आधार पर इलाज मुहैया कराया जा रहा है।
‘आतंक की नर्सरी’ में अब खुद का नुकसान
यह कोई पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान के इस हिस्से में ऐसी घटना हुई हो। पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद को पालने-पोसने और आतंकी गुटों को अपनी विदेश नीति के हथियार के रूप में इस्तेमाल करने के आरोपों से घिरा रहा है। लेकिन अब स्थिति यह है कि वही आतंकी गुट पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गए हैं।
हैरानी की बात यह है कि इसी क्षेत्र में अभी पिछले शनिवार को ही एक बड़ी आतंकी वारदात हुई थी। तब एक पुलिस चौकी पर पहले कार बम धमाका किया गया और फिर आतंकियों ने घात लगाकर सुरक्षाबलों पर हमला किया, जिसमें 15 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। बार-बार हो रहे ये हमले यह दर्शाते हैं कि आतंकियों के हौसले बुलंद हैं और वहां का प्रशासन उन्हें रोकने में नाकाम साबित हो रहा है।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति और आरोप-प्रत्यारोप
इस ताजा हमले के बाद एक बार फिर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
पाकिस्तान का रुख: पाकिस्तान सरकार और सेना का आरोप है कि ये धमाके अफगानिस्तान की धरती पर मौजूद आतंकी संगठनों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। उनका दावा है कि तालिबान सरकार इन आतंकियों को पनाह दे रही है।
तालिबान का जवाब: दूसरी ओर, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। तालिबान के प्रवक्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि पाकिस्तान में आतंकवाद उनकी अपनी आंतरिक समस्या है और वे अपनी प्रशासनिक विफलताओं का दोष दूसरों पर मढ़ना बंद करें।
दोहरी नीति का कड़वा फल
विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान के नेता और रणनीतिकार भले ही अब भी आतंकियों के साथ ‘गुड तालिबान’ और ‘बैड तालिबान’ का खेल खेल रहे हों, लेकिन जमीन पर इसका असर बहुत घातक हो रहा है। प्रशासन में बैठे लोग अक्सर आतंकियों के प्रति नरम रुख अपनाते हैं, जिसका खामियाजा आम जनता और निचले स्तर के पुलिस अधिकारियों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है।
बन्नू का यह धमाका केवल एक आतंकी घटना नहीं, बल्कि पाकिस्तान के लिए एक चेतावनी है कि आतंक की फसल कभी शांति नहीं दे सकती। जब तक वहां का नेतृत्व आतंकियों की गोद में बैठकर प्रशासन चलाने की कोशिश करेगा, तब तक बेगुनाह नागरिकों का खून इसी तरह सड़कों पर बहता रहेगा। पाकिस्तान का आरोप है कि यह धमाके अफगानिस्तान में मौजूद आतंकी कर रहे हैं। लेकिन तालिबान ने इन आरोपों से साफ इनकार कर दिया है। तालिबान ने कहा है कि पाकिस्तान में आतंकवाद एक आतंरिक समस्या है फिलहाल, पूरे बन्नू जिले में तनाव का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
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