मार्कण्डेय काटजू
सेवानिवृत्त न्यायाधीश मार्कण्डेय काटजू ने सोशल मीडिया पर महुआ मोइत्रा पर तीव्र प्रहार किया है। काटजू ने अपने ट्वीट में कहा कि वह यह सुनकर आश्चर्यचकित नहीं होंगे कि महुआ मोइत्रा, सयानीघोष और सागरिका घोष शीघ्र ही भाजपा में शामिल हो जाएं। उन्होंने तीनों को शेक्सपियर के नाटक मैकबेथ की तीन डायनों से तुलना की है।
महुआ का तीखा जवाब
महुआ मोइत्रा ने काटजू के इस बयान पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्वीट में कहा कि काटजू जैसे लोग सेवानिवृत्ति के बाद के लाभों के लिए गुप्त संघी बने रहते हैं। महुआ ने दावा किया कि उन्होंने अपनी युवावस्था और करियर का बलिदान दिया है क्योंकि वह अपने विचारों में विश्वास करती हैं।
काटजू का पलटवार
काटजू ने महुआ के दावों को चुनौती देते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या यह सच नहीं है कि महुआ पर व्यवसायी दर्शन हिरानंदानी से रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया था। काटजू ने कहा कि महुआ ने कथित तौर पर अदानी समूह को निशाना बनाने वाले सवालों के बदले में पैसे लिए।
संसदीय लॉगिन का विवाद
काटजू ने यह भी सवाल उठाया कि क्या यह सच नहीं है कि महुआ ने अपने संसदीय लॉगिन क्रेडेंशियल हिरानंदानी के साथ साझा किए थे। इस आरोप से जुड़े संवेदनशील मुद्दे काफी समय से चर्चा में हैं और विभिन्न राजनीतिक हलकों में इसकी गहरी आलोचना हुई है।
भाजपा सांसद और वकील की गवाही
भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे और वकील जय अनंत देहद्राय ने दावा किया है कि महुआ मोइत्रा को हिरानंदानी से बीस करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की नकद राशि और महंगी वस्तुएं प्राप्त हुई हैं। इन दोनों ने यह भी कहा कि महुआ के कुल इकसठ संसदीय प्रश्नों में से पचास प्रश्न अदानी समूह के बारे में थे।

