Thursday, May 14, 2026

Prateek Yadav Death : NHRC पहुंची शिकायत, NGO ने SIT और केंद्रीय लैब से जांच की मांग ने बढ़ाया विवाद

Prateek Yadav Death : मुलायम सिंह यादव के पुत्र प्रतीक यादव की मृत्यु का मामला गहराता जा रहा है, और अब इस मामले ने एक नया कानूनी मोड़ ले लिया है।

मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की दहलीज तक पहुंच गया है, मुलायम सिंह यादव के पुत्र प्रतीक यादव की मृत्यु का मामला गहराता जा रहा है।

इसमें मौत पर संदेह जताते हुए एसआईटी (SIT) जांच, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेने और राज्य के बजाय केंद्रीय फोरेंसिक लैब (CFSL) से जांच कराने की मांग की गई है।

NGO की शिकायत: फिटनेस आइकन की अचानक मौत पर सवाल

Prateek Yadav Death : मानवाधिकारों के लिए सक्रिय संस्था ‘डीके फाउंडेशन’ ने NHRC में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।

NGO का तर्क है कि प्रतीक यादव अपनी ‘हेल्दी लाइफस्टाइल’ और फिटनेस के लिए पूरे देश में मशहूर थे।

वे अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखते थे और नियमित तौर पर जिम और कसरत किया करते थे।

ऐसे में एक स्वस्थ व्यक्ति का अचानक ‘कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स’ (हृदय और श्वसन तंत्र का एक साथ बंद होना) के कारण दम तोड़ देना गले नहीं उतर रहा है।

संस्था ने आरोप लगाया है कि प्रतीक के शरीर पर मिले ‘एन्टी-मॉर्टम इंजरी’ (मौत से पहले की चोटें) के निशान इस बात का संकेत हैं कि मामला वैसा नहीं है जैसा दिख रहा है।

वो तीन मांगें, जिनसे बदल सकती है जांच की दिशा

Prateek Yadav Death : NGO ने मानवाधिकार आयोग से हस्तक्षेप की मांग करते हुए तीन प्रमुख प्रस्ताव रखे हैं, जो जांच के दायरे को राज्य पुलिस से आगे ले जाते हैं:

SIT का तत्काल गठन: मामले की संवेदनशीलता और मृतक के हाई-प्रोफाइल बैकग्राउंड को देखते हुए, संस्था ने एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की है, जो पेशेवर तरीके से हर पहलू की कड़ियां जोड़े।

CCTV और डिजिटल साक्ष्यों की सुरक्षा: लखनऊ के सिविल अस्पताल और उनके आवास की ओर जाने वाले सभी रास्तों के CCTV फुटेज को तुरंत न्यायिक अभिरक्षा में लेने की मांग की गई है। डर जताया गया है कि देरी होने पर सबूतों के साथ छेड़छाड़ हो सकती है।

CFSL (केंद्रीय लैब) से जांच: राज्य सरकार के प्रभाव और स्थानीय दबाव से बचने के लिए फॉरेंसिक जांच को ‘सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी’ (CFSL) भेजने की मांग की गई है।

उस सुबह क्या हुआ था? घटनाक्रम पर एक नजर

Prateek Yadav Death : सूत्रों के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 4:00 बजे प्रतीक यादव अपने लखनऊ स्थित घर के किचन में बेहोश पाए गए थे।

उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें ‘ब्रॉट डेड’ (अस्पताल पहुंचने से पहले मृत्यु) घोषित कर दिया।

अस्पताल के प्रारंभिक रिकॉर्ड बताते हैं कि तब तक उनकी नब्ज और दिल की धड़कन पूरी तरह बंद हो चुकी थी।

हालाँकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शुरुआती तौर पर ‘पल्मोनरी एम्बोलिज्म’ (फेफड़ों में खून का थक्का जमना) की बात कही गई है, लेकिन शरीर पर मिले संदिग्ध निशानों ने सस्पेंस बढ़ा दिया है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।

पुलिस की कार्रवाई: मोबाइल, लैपटॉप और डायरी जब्त

लखनऊ पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए प्रतीक यादव का मोबाइल फोन, लैपटॉप और उनकी निजी डायरी अपने कब्जे में ले ली है।

पुलिस यह खंगालने की कोशिश कर रही है कि क्या मौत से पहले वे किसी मानसिक दबाव में थे या उनकी किसी से कोई अनबन हुई थी।

उनके आवास के कुछ कमरों को सील कर दिया गया है ताकि साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जा सके।

सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों का बवंडर

Prateek Yadav Death :प्रतीक यादव की मौत के बाद सोशल मीडिया पर दावों और अटकलों का दौर जारी है।

जहां उनके समर्थक और शुभचिंतक गहरा शोक व्यक्त कर रहे हैं, वहीं कई यूजर्स पोस्टमार्टम रिपोर्ट की वीडियोग्राफी और शरीर पर मिले निशानों का हवाला देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

विशेषज्ञों की राय: “जल्दबाजी ठीक नहीं”

Prateek Yadav Death : चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि ‘पल्मोनरी एम्बोलिज्म’ या ‘कार्डियक अरेस्ट’ जैसे मामले फिट लोगों में भी हो सकते हैं, लेकिन ‘एन्टी-मॉर्टम’ चोटें एक अलग कहानी कहती हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि NHRC इस शिकायत पर संज्ञान लेता है, तो राज्य सरकार को जवाबदेह होना पड़ेगा और जांच की पारदर्शिता बढ़ेगी।

क्या यह केवल एक दुखद दुर्घटना है?

प्रतीक यादव की मौत ने न केवल यादव परिवार को झकझोर दिया है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी सन्नाटा पसरा है।

अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ इस बात की गवाह थी कि प्रतीक भले ही सक्रिय राजनीति से दूर रहे हों, लेकिन वे लोगों के बीच लोकप्रिय थे। अब सबकी निगाहें विसरा रिपोर्ट और NHRC के अगले कदम पर टिकी हैं।

क्या यह केवल एक कुदरती मौत थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है? सच का सामने आना न्याय और शांति दोनों के लिए जरूरी है।

समाजवादी पार्टी के संरक्षक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की आकस्मिक और रहस्यमयी मौत ने अब एक नया कानूनी मोड़ ले लिया है।

लखनऊ स्थित आवास पर बुधवार सुबह अचेत अवस्था में मिले प्रतीक यादव की मौत को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं।

मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की दहलीज तक पहुंच गया है, जहां एक सामाजिक संस्था ने इस पूरे घटनाक्रम में किसी गहरी साजिश की आशंका जताते हुए स्वतंत्र जांच की गुहार लगाई है।

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