Monday, April 27, 2026

सलीम वास्तिक गिरफ्तार, 1995 में की थी अपहरण और हत्या, उम्रकैद की मिली थी सजा

एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने शनिवार को गाजियाबाद के लोनी इलाके से एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक को गिरफ्तार किया। सलीम पर 1995 में दिल्ली के गोकुलपुरी में एक कारोबारी के 13 वर्षीय बेटे संदीप बंसल के अपहरण और हत्या का आरोप है।

1995 में किया था अपहरण, फिरौती न मिलने पर की हत्या

20 जनवरी 1995 को सलीम ने अपने साथियों के साथ मिलकर संदीप बंसल का अपहरण किया था। परिवार से 30 हजार रुपये की फिरौती मांगी गई थी। रकम मिलने से पहले ही बच्चे की हत्या कर दी गई। इस घटना ने उस समय पूरे इलाके को दहला दिया था।

1997 में उम्रकैद, 2000 में जमानत और फिर फरार

वारदात के बाद पुलिस ने सलीम को गिरफ्तार कर जेल भेजा। 1997 में अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। साल 2000 में जमानत पर रिहा होने के बाद वह फरार हो गया और 25 साल तक कानून की पकड़ से बाहर रहा।

मृत घोषित करवाया, बदली पहचान और ठिकाने

फरार होने के बाद सलीम ने खुद को मृत घोषित करवा दिया। इसके बाद सलीम अहमद नाम से हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में रहने लगा। शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद में ठिकाने बदलता रहा ताकि पुलिस तक न पहुंच सके।

2011 में दिल्ली हाईकोर्ट ने उसकी अपील खारिज कर दी, जिसके बाद उसने कानून से बचने के लिए नए तरीके अपनाए। सोशल मीडिया पर एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर की पहचान बनाकर उसने सार्वजनिक जीवन में कदम रखा।

शामली से निकलकर लोनी में बसा, बनाया यूट्यूब चैनल

सलीम वास्तिक का मूल घर शामली जिले में है। करीब 20 साल पहले वह गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र की अशोक विहार कॉलोनी में आकर बस गया। परिवार में पत्नी और बेटा उस्मान खान है।

पहले कंस्ट्रक्शन का काम करने वाले सलीम ने कुछ समय मौलवी का काम भी किया। सात साल पहले उसने इस्लाम छोड़ दिया और अपने नाम के साथ ‘वास्तिक’ जोड़ लिया। घर से डेढ़ किलोमीटर दूर अली गार्डेन कॉलोनी में उसने जमीन खरीदकर मकान बनवाया और वहीं ऑफिस खोला।

टीवी चैनलों पर डिबेट, यूट्यूब पर उठाए सवाल

सलीम का अलग-अलग टीवी चैनलों से एग्रीमेंट था जहां वह एक्स-मुस्लिम की हैसियत से धार्मिक बहसों में हिस्सा लेता था। बाद में उसने ‘सलीम वास्तिक 0007’ नाम से यूट्यूब चैनल बनाया और इस्लाम, मदरसों, हलाला, हदीस और तीन तलाक जैसे विषयों पर सवाल उठाने लगा।

इन वीडियो में वह कुरान की आयतें उद्धृत करता था। मुस्लिम वर्ग के कई लोग उसके वीडियो पर गालियां और धमकियां लिखते थे।

27 फरवरी को ऑफिस में हुआ जानलेवा हमला

27 फरवरी को दिनदहाड़े बिना नंबर प्लेट की बाइक पर आए दो नकाबपोश हमलावर सलीम के ऑफिस में घुस गए। उन्होंने सलीम पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए और गला रेतने की कोशिश की। शोर मचाने पर हमलावर उसे अधमरा छोड़कर फरार हो गए।

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सलीम वास्तिक गिरफ्तार, 1995 में की थी अपहरण और हत्या, उम्रकैद की मिली थी सजा 2

पड़ोसियों ने परिजनों को सूचित किया। सलीम को पहले नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, फिर गुरु तेग बहादुर अस्पताल रेफर कर दिया गया। उसके शरीर पर 14 बार चाकू के वार हुए थे। करीब एक महीने तक अस्पताल में भर्ती रहा और दो ऑपरेशन हुए।

हमलावर भाई जीशान और गुलफाम एनकाउंटर में ढेर

हमले का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने हमलावरों की पहचान की। दोनों सगे भाई थे, जीशान और गुलफाम। पुलिस ने एक-एक कर दोनों को अलग-अलग एनकाउंटर में मार गिराया।

पुलिस का कहना है कि सलीम इस्लाम पर वीडियो बनाते हुए धर्म की कमियां बताता था, जिससे नाराज होकर दोनों भाइयों ने यह हमला किया था।

ARSC टीम ने बिछाया जाल, पकड़ा गया सलीम

एंटी रॉबरी एंड सीरियस क्राइम टीम को सलीम की लोकेशन गाजियाबाद के लोनी इलाके में मिली। शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस की टीम उसके घर पहुंची और पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ ने इसकी पुष्टि की।

31 साल तक पुलिस को चकमा देने वाले इस आरोपी को अब कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आरोपी से पूछताछ जारी रखे हुए है।

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Mudit
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लेखक भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्येता हैं। वे पिछले एक दशक से सार्वजनिक विमर्श पर लेखन कर रहे हैं। समाज, राजनीति, विचारधारा, शिक्षा, धर्म और इतिहास पर रिसर्च बेस्ड विश्लेषण में वे पारंगत हैं। वे 'द पैम्फलेट' में दो वर्ष कार्य कर चुके हैं। उनके शोधपरक लेख अनेक मौकों पर राष्ट्रीय विमर्श की दिशा में परिवर्तनकारी सिद्ध हुए हैं।
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