उत्तराखंड के हल्द्वानी में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ एससी एसटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई वाल्मीकि समाज से जुड़े अमित कुमार की शिकायत के आधार पर की गई है।
एफआईआर संख्या 297/26 में गंभीर धाराएं
हल्द्वानी कोतवाली में दर्ज एफआईआर संख्या 297/26 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 और 299 के साथ एससी एसटी एक्ट की धारा 3(1)(q) लगाई गई है। शिकायत में राहुल गांधी के बयान को सामाजिक वैमनस्य बढ़ाने वाला बताया गया है।
शिकायतकर्ता अमित कुमार की उम्र लगभग 26 वर्ष बताई गई है और वह हल्द्वानी के जवाहर नगर क्षेत्र के निवासी हैं। वह श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास से जुड़े हैं तथा अनुसूचित जाति के वाल्मीकि समाज से संबंध रखते हैं।
11 अगस्त को रामलीला मैदान में हुआ था हवन
शिकायत के अनुसार 11 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में सफाई और धार्मिक अनुष्ठान कराया गया था। अमित कुमार ने कहा कि वह स्वयं इस कार्यक्रम में उपस्थित और सहभागी थे तथा इस कार्रवाई का किसी व्यक्ति की जाति से संबंध नहीं था।

रामलीला मैदान में इससे पहले 8 अगस्त 2026 को कांग्रेस का राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ था, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित कई नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे। शिकायत के मुताबिक कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मैदान और मंच का निरीक्षण किया गया था।
कूड़ा और शराब की खाली बोतलें मिलने का दावा
शिकायत में दावा किया गया कि निरीक्षण के दौरान मंच पर भारी मात्रा में कूड़ा और खाली शराब की बोतलें मिलीं, जबकि कुछ अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी पाई गई। इस स्थिति से संबंधित फोटो और वीडियो प्रमाण शिकायत के साथ संलग्न बताए गए हैं।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि कार्यक्रम से जुड़े कुछ वीडियो में आपत्तिजनक और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले नारे सुनाई दिए। इसके बाद 11 अगस्त को मैदान की सफाई कर धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादा बहाल करने के लिए हवन कराया गया।
राहुल गांधी की 29 अगस्त की प्रेस वार्ता पर विवाद
विवाद 29 अगस्त 2026 को राहुल गांधी की नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता के बाद बढ़ा। शिकायत में आरोप है कि उन्होंने बिना तथ्यों की पूरी पुष्टि किए इस सफाई और धार्मिक अनुष्ठान को छुआछूत तथा अनुसूचित जाति के विरुद्ध अपराध से जोड़ा।
अमित कुमार का आरोप है कि राहुल गांधी ने जातिसूचक और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए लोगों को धमकाने का प्रयास किया। शिकायत में कहा गया कि इससे वाल्मीकि समाज से जुड़े शिकायतकर्ता की छवि दलित विरोधी और छुआछूत करने वाले व्यक्ति जैसी बनी।
रामलीला मैदान की धार्मिक मर्यादा का भी जिक्र
शिकायत में रामलीला मैदान को वर्षों से भगवान श्रीराम की रामलीला तथा अन्य धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से जुड़ा आस्था स्थल बताया गया है। इसी आधार पर मैदान की पवित्रता और मर्यादा को स्थानीय समाज के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया गया।

