Monday, August 31, 2026

सीए को न दें इनकम टैक्स पासवर्ड! हो सकता है बड़ा नुकसान! अपने खाते की मास्टर चाबी खुद संभालें

सीए

सुविधा के नाम पर पूरा नियंत्रण क्यों सौंपना

इनकम टैक्स पोर्टल का पासवर्ड किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट को देकर निश्चिंत होना सुविधाजनक लग सकता है, लेकिन इससे आपके कर खाते का नियंत्रण दूसरे व्यक्ति के हाथ में चला जाता है। बेहतर अधिकृत व्यवस्था होते हुए पासवर्ड साझा करना अनावश्यक डिजिटल जोखिम पैदा करता है।

चार्टर्ड अकाउंटेंट आपका पेशेवर सेवा प्रदाता है, आपके डिजिटल वित्तीय खाते का मालिक नहीं। रिटर्न तैयार कराने, प्रमाणित फॉर्म दाखिल कराने या कर सलाह लेने के लिए उसे आपका निजी लॉगिन जानना आवश्यक नहीं है। पोर्टल इसी काम के लिए अलग अधिकृत व्यवस्था देता है।

पासवर्ड दिए बिना सीए को काम देने की पूरी व्यवस्था

इनकम टैक्स ई फाइलिंग पोर्टल में ऑथराइज्ड पार्टनर्स के भीतर माय चार्टर्ड अकाउंटेंट सुविधा मौजूद है। यहां करदाता अपने सीए को सदस्यता संख्या के आधार पर जोड़ सकता है। सीए अनुरोध स्वीकार करने के बाद अधिकृत कार्य अपने अलग लॉगिन से कर सकता है।

इस व्यवस्था की महत्वपूर्ण बात नियंत्रण है। करदाता सीए को फॉर्म सौंप सकता है, सौंपे गए फॉर्म देख सकता है, जरूरत पर उन्हें वापस ले सकता है और सीए को सक्रिय या निष्क्रिय कर सकता है। यानी अधिकार सीमित और वापस लेने योग्य रहते हैं।

पासवर्ड साझा किया तो कौन क्या कर रहा है, नियंत्रण कमजोर होगा

पासवर्ड साझा करने में समस्या यह है कि सामने वाला व्यक्ति आपके अपने खाते की पहचान से लॉगिन करता है। ऐसे में जानना कठिन हो सकता है कि कौन सा काम कब हुआ, क्या बदला गया और किस सूचना पर समय रहते कार्रवाई की गई।

नोटिस छिप जाने का खतरा भी इसी नियंत्रणहीन व्यवस्था से बढ़ता है। पोर्टल के ई प्रोसीडिंग्स भाग में विभाग द्वारा जारी नोटिस, सूचना और पत्र देखे जा सकते हैं। करदाता अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा जमा किए गए जवाब भी पोर्टल पर स्वयं देख सकता है।

सिर्फ सीए के भरोसे मत छोड़िए नोटिस और डिमांड

इसलिए यह मान लेना गलत है कि आयकर से जुड़ी हर सूचना केवल सीए के पास आएगी। करदाता को अपने खाते के पेंडिंग एक्शन्स, ई प्रोसीडिंग्स, आउटस्टैंडिंग डिमांड और वर्कलिस्ट नियमित देखनी चाहिए। महत्वपूर्ण अनुपालन पूरी तरह दूसरे व्यक्ति की निगरानी पर नहीं छोड़ना चाहिए।

यदि किसी सीए की ईमेल आईडी या मोबाइल संख्या आपके प्रोफाइल में मुख्य संपर्क के रूप में दर्ज है, तो उसे जांचना जरूरी है। पासवर्ड बदलना पर्याप्त नहीं होगा। प्रोफाइल में अपनी सक्रिय ईमेल और मोबाइल जानकारी रखकर सूचनाओं पर व्यक्तिगत नियंत्रण बनाए रखना चाहिए।

सीए बदलते ही डेटा बंधक बनने की जरूरत नहीं

सीए बदलने पर भी करदाता को पुराने पेशेवर के सहयोग पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। माय चार्टर्ड अकाउंटेंट में सक्रिय और निष्क्रिय सीए देखे जा सकते हैं। सौंपे गए फॉर्म वापस लेने और सीए को निष्क्रिय करने की सुविधा इसलिए महत्वपूर्ण नियंत्रण प्रदान करती है।

यह समझना जरूरी है कि रिटर्न या जवाब किसी पेशेवर की मदद से तैयार होने के बावजूद कर दायित्व अंततः करदाता से जुड़ा रहता है। गलती, आय का असंगत विवरण, गलत दावा या लंबित जवाब बाद में स्पष्टीकरण और अनुपालन की जिम्मेदारी पैदा करता है।

सीए ने किया था कहने से जिम्मेदारी खत्म नहीं होती

धारा 143(2) जैसे जांच नोटिस या आय विवरण में मेल न होना गंभीर मामला बन सकता है। हर नोटिस से बैंक खाता तुरंत फ्रीज नहीं होता, लेकिन मांग और वसूली से जुड़े मामलों को लंबे समय तक अनदेखा करना वित्तीय परेशानी बढ़ा सकता है।

अपने निजी लॉगिन से कराए गए काम के बाद केवल यह कहना पर्याप्त सुरक्षा नहीं है कि फाइलिंग सीए ने की थी। रिटर्न, आय विवरण और विभागीय कार्यवाही आपके कर खाते से जुड़ी रहती है। इसलिए जमा सामग्री को स्वयं देखकर मंजूरी देना जरूरी है।

पासवर्ड के साथ सुरक्षा की दूसरी परत भी अपने पास रखें

सुरक्षा बढ़ाने के लिए ई फाइलिंग वॉल्ट की अतिरिक्त सुरक्षा भी उपयोग की जा सकती है। पोर्टल बैंक खाता ईवीसी, डीमैट खाता ईवीसी और डिजिटल सिग्नेचर जैसे अतिरिक्त प्रमाणीकरण विकल्प देता है। सिक्योर एक्सेस मैसेज असली पोर्टल पहचानने में भी सहायता करता है।

अगर पासवर्ड पहले से सीए, कर्मचारी, सलाहकार या किसी अन्य व्यक्ति के पास है, तो सबसे पहले उसे बदलें। इसके बाद प्रोफाइल की ईमेल और मोबाइल जानकारी जांचें, अधिकृत सीए की सूची देखें, सौंपे गए फॉर्म जांचें और लंबित कार्यों तथा नोटिस की समीक्षा करें।

भरोसा रखिए लेकिन वित्तीय नियंत्रण अपने हाथ में रखिए

सही तरीका सीए पर अविश्वास करना नहीं, बल्कि अधिकारों को सही ढंग से बांटना है। पेशेवर को उतनी ही पहुंच दीजिए जितनी उसके काम के लिए आवश्यक है। अपना पासवर्ड, प्रमाणीकरण और मूल खाता नियंत्रण अपने पास रखना सामान्य डिजिटल वित्तीय अनुशासन है।

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Mudit
Mudit
लेखक भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्येता हैं। वे पिछले एक दशक से सार्वजनिक विमर्श पर लेखन कर रहे हैं। समाज, राजनीति, विचारधारा, शिक्षा, धर्म और इतिहास पर रिसर्च बेस्ड विश्लेषण में वे पारंगत हैं। वे 'द पैम्फलेट' में दो वर्ष कार्य कर चुके हैं। उनके शोधपरक लेख अनेक मौकों पर राष्ट्रीय विमर्श की दिशा में परिवर्तनकारी सिद्ध हुए हैं।
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