Sunday, August 30, 2026

भोपाल में ₹100 का लालच देकर नाबालिग की हत्या, आमिर कुरैशी और जोहेब खान समेत पाँच गिरफ्तार

भोपाल

भोपाल में सामने आया भयावह हत्याकांड

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नाबालिग लड़के की हत्या और उसके शरीर से निजी अंग निकालने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 17 अगस्त 2026 को पाँच आरोपित गिरफ्तार हुए, जिनमें तीन नाबालिग हैं। दो बालिग आमिर कुरैशी और जोहेब खान हैं।

जांच में सामने आया कि आरोपितों को विश्वास दिलाया गया था कि इंसानी शरीर के अंग बेचकर बड़ी रकम कमाई जा सकती है। इसी लालच में नाबालिग की हत्या की गई और उसके शरीर से निजी अंग निकालकर उसे विदेश में बेचने की कोशिश हुई।

जोहेब ने सुझाया था शरीर का अंग बेचने का तरीका

प्रारंभिक जांच में जोहेब खान की भूमिका साजिश रचने वाले व्यक्ति के रूप में सामने आई है। उसने बाकी आरोपितों को बताया था कि इंसानी शरीर के कुछ अंग ऊँची कीमत पर बेचे जा सकते हैं और इससे बड़ी रकम कमाई जा सकती है।

जोहेब ने एक नाबालिग आरोपित को वीडियो दिखाकर दावा किया था कि किसी व्यक्ति के निजी अंग को बड़ी रकम में बेचा जा सकता है। हत्या के बाद आरोपितों ने उसी से संपर्क किया और शरीर से अंग निकालने का तरीका भी जाना।

छोटे तालाब के धोबीघाट के पास मिला अज्ञात शव

मामला 10 अगस्त 2026 को सामने आया, जब श्यामला हिल्स थाना क्षेत्र में छोटे तालाब स्थित धोबीघाट के पास एक अज्ञात शव मिला। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जहाँ शरीर पर चाकू से किए गए हमले के निशान पाए गए।

पोस्टमार्टम और शुरुआती जांच में हत्या की बात स्पष्ट होने के बाद श्यामला हिल्स थाने में मामला दर्ज किया गया। जोन 3 के पुलिस उपायुक्त आयुष गुप्ता ने जांच की जानकारी सामने रखी। शुरुआती दौर में मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी।

हाथ के टैटू ने खोली मृतक की पहचान

अज्ञात शव की पहचान के लिए जानकारी साझा की गई और मृतक के हाथ पर बने टैटू का विवरण बताया गया। कुछ दिन बाद लापता बेटे को तलाश रही उसकी माँ पहुँची और टैटू देखकर शव की पहचान अपने बेटे के रूप में की।

पहचान होने के बाद पता चला कि मृतक नाबालिग था और भोपाल के इकबाल मैदान के आसपास पेन बेचता था। इसके बाद उसके परिचितों, आने जाने के रास्तों और अंतिम बार उसके संपर्क में रहे लोगों के बारे में जानकारी जुटाई गई।

सौ रुपये और झगड़ा सुलझाने के बहाने साथ ले गए

जांच में सामने आया कि आरोपित भोपाल के तलैया इलाके के रहने वाले थे और मृतक को जानते थे। वे उसे यह कहकर साथ ले गए कि एक झगड़ा सुलझाने में उसकी मदद चाहिए। साथ चलने के बदले सौ रुपये देने का लालच दिया गया।

नाबालिग उनके साथ चला गया, जिसके बाद समूह ने उस पर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। मुखबिरों से मिली जानकारी में चार लोगों की प्रत्यक्ष भूमिका सामने आई, जिनमें तीन नाबालिग और एक बालिग आरोपित शामिल था।

हत्या के बाद निकाला अंग, कई दिन तलाशते रहे खरीदार

हत्या के बाद आरोपितों ने जोहेब खान से संपर्क किया। उसने उन्हें बताया कि शरीर से वह अंग किस तरह निकाला जाए। इसके बाद समूह ने मृतक के शरीर से निजी अंग निकाल लिया और उसे बेचकर बड़ी रकम हासिल करने की कोशिश शुरू की।

निकाला गया अंग कई दिनों तक आरोपितों के पास रखा रहा, लेकिन उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला। आखिरकार उन्होंने उसे फेंक दिया। जांच में यह भी सामने आया कि पूरी योजना वीडियो से मिली जानकारी और जल्द पैसा कमाने की लालसा पर टिकी थी।

चार ने हत्या की, पाँचवाँ देता रहा निर्देश

पूरे मामले में कुल पाँच आरोपित सामने आए हैं। जांच में चार लोगों पर हत्या को अंजाम देने और पाँचवें पर उन्हें निर्देश देने तथा उकसाने की भूमिका सामने आई। जोहेब खान पर योजना बनाने और आरोपितों को इसके लिए तैयार करने का आरोप है।

दो बालिग आरोपितों की पहचान 18 वर्षीय आमिर कुरैशी और 20 वर्षीय जोहेब खान के रूप में हुई है, जबकि तीन अन्य आरोपी नाबालिग हैं। हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया गया है और मामले की आगे जांच जारी है।

एक वीडियो से शुरू हुआ लालच हत्या तक पहुँचा

इस मामले में एक वीडियो के जरिए शरीर के अंगों की ऊँची कीमत मिलने का भ्रम पैदा किया गया। जल्दी पैसा कमाने की चाह में आरोपितों ने नाबालिग को निशाना बनाया और पूरी साजिश हत्या से लेकर अंग निकालने तक पहुँच गई।

सौ रुपये का लालच देकर साथ ले जाना, चाकू से हत्या करना, शरीर का अंग निकालना और कई दिनों तक खरीदार तलाशना पूरे अपराध की भयावहता दिखाता है। भोपाल में सामने आए इस मामले में अब सभी आरोपितों की भूमिकाओं की विस्तृत जांच जारी है।

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Mudit
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लेखक भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्येता हैं। वे पिछले एक दशक से सार्वजनिक विमर्श पर लेखन कर रहे हैं। समाज, राजनीति, विचारधारा, शिक्षा, धर्म और इतिहास पर रिसर्च बेस्ड विश्लेषण में वे पारंगत हैं। वे 'द पैम्फलेट' में दो वर्ष कार्य कर चुके हैं। उनके शोधपरक लेख अनेक मौकों पर राष्ट्रीय विमर्श की दिशा में परिवर्तनकारी सिद्ध हुए हैं।
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