Saturday, August 29, 2026

चारधाम यात्रा: गंगोत्री से केदारनाथ का सफर होगा आसान? कुछ घंटे में पूरी होगी यात्रा

चारधाम यात्रा: जिस सफर को पूरा करने में अभी 10 से 12 घंटे लगते हैं, वही यात्रा आने वाले समय में महज 5 से 6 घंटे में पूरी हो जाए! गंगोत्री से केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह किसी बड़ी राहत से कम नहीं होगा।

करीब 100 साल पुराने पैदल मार्ग को अब मोटरेबल रोड में बदलने की तैयारी है। अगर यह योजना जमीन पर उतरती है तो दोनों धामों के बीच सड़क दूरी करीब 350 किलोमीटर से घटकर सिर्फ 198 किलोमीटर रह जाएगी। यानी पहाड़ों के बीच लंबा सफर काफी छोटा हो जाएगा।

पुराने पैदल रास्ते को सड़क में बदलने की तैयारी

चारधाम यात्रा को आसान बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने गंगोत्री और केदारनाथ के बीच एक नए सड़क मार्ग की योजना तैयार की है।

इसके तहत करीब एक सदी पुराने गंगोत्री-केदारनाथ पैदल मार्ग को मोटरेबल रोड में बदलने का प्रस्ताव है।

उत्तराखंड सरकार के लोक निर्माण विभाग की ओर से इस प्रस्ताव पर शुरुआती काम भी किया जा चुका है।

विभाग की टीम रूट का स्थलीय निरीक्षण कर चुकी है और प्रारंभिक सर्वे भी किया गया है। अब आगे की प्रक्रिया के बाद इस योजना को जमीन पर उतारने की दिशा में काम बढ़ सकता है।

कहां-कहां से होकर गुजरेगा नया रूट?

प्रस्तावित सड़क उत्तरकाशी जिले के भटवाड़ी से शुरू होगी। इसके बाद यह बेलक, झाला, बूढ़ाकेदार, बिनकखाल, हटकुणी, घुत्तू, गंगी और पंवाली जैसे इलाकों से होकर गुजरेगी।

आगे यह मार्ग रुद्रप्रयाग जिले के त्रियुगीनारायण तक पहुंचेगा। इसके बाद इसे गौरीकुंड से जोड़ने की योजना है। गौरीकुंड के बाद केदारनाथ धाम तक श्रद्धालुओं को पैदल ही जाना पड़ता है।

इस पूरे रूट में जरूरत के हिसाब से छोटी सड़कों को भी जोड़े जाने की योजना है। इससे मुख्य मार्ग के साथ आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी भी बेहतर हो सकती है।

350 से घटकर 198 किलोमीटर रह जाएगी दूरी

फिलहाल गंगोत्री से केदारनाथ जाने के लिए श्रद्धालुओं को करीब 350 किलोमीटर का सड़क सफर तय करना पड़ता है।

पहाड़ी रास्तों और लंबी दूरी की वजह से इस यात्रा में करीब 10 से 12 घंटे तक लग जाते हैं।

नए प्रस्तावित मार्ग के बनने के बाद दोनों धामों के बीच सड़क दूरी घटकर करीब 198 किलोमीटर रह सकती है।

इसके साथ ही यात्रा का समय भी करीब 5 से 6 घंटे तक कम होने की उम्मीद है। इससे श्रद्धालुओं को एक धाम से दूसरे धाम तक पहुंचने में काफी सहूलियत मिल सकती है।

चारधाम यात्रा पर क्या पड़ेगा असर?

गंगोत्री और केदारनाथ दोनों ही चारधाम यात्रा के प्रमुख पड़ाव हैं। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन धामों के दर्शन के लिए उत्तराखंड पहुंचते हैं।

ऐसे में दोनों धामों के बीच बेहतर सड़क संपर्क बनने से यात्रा का प्रबंधन आसान हो सकता है।

सिर्फ श्रद्धालुओं को ही फायदा नहीं होगा, बल्कि रास्ते में आने वाले पहाड़ी गांवों और इलाकों को भी बेहतर सड़क कनेक्टिविटी मिल सकती है।

इससे स्थानीय लोगों के लिए आवागमन आसान होने के साथ जरूरी सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर होने की उम्मीद है।

योजना पूरी हुई तो बदल जाएगा सफर

फिलहाल यह योजना प्रस्ताव और शुरुआती सर्वे के स्तर पर है। इसे सड़क का रूप देने के लिए आगे कई चरणों से गुजरना होगा,

लेकिन अगर प्रस्तावित रूट को मंजूरी मिलती है और काम पूरा होता है, तो गंगोत्री से केदारनाथ का सफर पहले के मुकाबले काफी छोटा और आसान हो सकता है।

यानी आने वाले समय में श्रद्धालु कम समय में दो प्रमुख धामों की यात्रा कर सकेंगे और पहाड़ों के कई दूरदराज इलाकों को भी सड़क से जुड़ने का मौका मिल सकता है।

ऐसे में यह नया रूट चारधाम यात्रा को आसान बनाने के साथ उत्तराखंड की कनेक्टिविटी के लिए भी अहम साबित हो सकता है।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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