Pest Control: रसोई घर की सबसे जरूरी जगह होती है, क्योंकि यहीं पूरे परिवार के लिए खाना बनाया जाता है।
अगर इसी जगह पर कॉकरोच दिखाई देने लगें, तो यह केवल गंदगी का संकेत नहीं है, बल्कि आपकी सेहत के लिए भी चिंता की बात हो सकती है।
कॉकरोच खाने-पीने की चीजों पर घूमते हैं और उनके जरिए बैक्टीरिया व दूसरे हानिकारक कीटाणु फैल सकते हैं।
इससे फूड पॉइजनिंग, एलर्जी और अस्थमा जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए जैसे ही किचन में कॉकरोच नजर आएं, उन्हें नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते कदम उठाना जरूरी है।
आखिर कॉकरोच रसोई में क्यों आते हैं?
कॉकरोच ऐसी जगहों पर रहना पसंद करते हैं जहां नमी, अंधेरा और खाने के छोटे-छोटे कण मौजूद हों।
यही वजह है कि वे अक्सर सिंक के नीचे, गैस स्टोव के पीछे, फ्रिज के आसपास, किचन कैबिनेट, ड्रेन और दीवारों की दरारों में छिपे रहते हैं।
रात के समय उनकी गतिविधि ज्यादा होती है, इसलिए कई बार दिन में वे दिखाई नहीं देते, लेकिन अंधेरा होने के बाद बाहर निकल आते हैं।
अगर रसोई में पानी टपकता रहता है या खाना खुला छोड़ दिया जाता है, तो कॉकरोच तेजी से बढ़ने लगते हैं।
सबसे पहले सफाई पर दें ध्यान
कॉकरोच से बचने का सबसे आसान और असरदार तरीका है कि रसोई को हमेशा साफ और सूखा रखा जाए। खाना बनाने के बाद किचन स्लैब और सिंक को अच्छी तरह साफ करें।
रात में गंदे बर्तन छोड़ने की आदत से बचें, क्योंकि बर्तनों में बचे खाने के कण कॉकरोच को आकर्षित करते हैं। खाने की सभी चीजों को एयरटाइट डिब्बों में रखें और कूड़ेदान को रोज खाली करें।
अगर कहीं पानी का रिसाव हो रहा है, तो उसे तुरंत ठीक करवाएं। इसके अलावा दीवारों और फर्श की दरारों को भी बंद कर दें, ताकि कॉकरोच को छिपने की जगह न मिले।
बेकिंग सोडा और चीनी
घरेलू उपायों में बेकिंग सोडा और चीनी का मिश्रण काफी लोकप्रिय माना जाता है। इसके लिए बराबर मात्रा में बेकिंग सोडा और चीनी को मिलाकर उन जगहों पर रख दें, जहां कॉकरोच सबसे ज्यादा दिखाई देते हैं।
चीनी की खुशबू उन्हें अपनी ओर खींचती है, जबकि बेकिंग सोडा उनके शरीर पर असर डालकर उन्हें खत्म करने में मदद करता है। इस मिश्रण को हर तीन से चार दिन में बदलते रहना चाहिए, ताकि इसका असर बना रहे।
फूड ग्रेड डायटोमेशियस
अगर आप प्राकृतिक उपाय अपनाना चाहते हैं, तो फूड ग्रेड डायटोमेशियस अर्थ का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह एक बारीक प्राकृतिक पाउडर होता है, जो कॉकरोच के शरीर की बाहरी परत को नुकसान पहुंचाता है।
धीरे-धीरे इससे कॉकरोच खत्म होने लगते हैं। इसका इस्तेमाल हमेशा सूखी जगहों पर करना चाहिए, क्योंकि नमी आने पर इसका असर कम हो जाता है। इसे बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखना बेहतर माना जाता है।
एसेंशियल ऑयल
पुदीना, टी ट्री और यूकेलिप्टस जैसे एसेंशियल ऑयल की तेज खुशबू कॉकरोच को पसंद नहीं आती। एक स्प्रे बोतल में पानी भरकर उसमें इन तेलों की कुछ बूंदें मिला लें।
अब इस घोल को किचन के कोनों, सिंक, ड्रेन और दरारों के आसपास छिड़क दें। नियमित रूप से ऐसा करने पर कॉकरोच उन जगहों से दूर रहने लगते हैं।
यह तरीका उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है, जो केमिकल वाले प्रोडक्ट का इस्तेमाल नहीं करना चाहते।
तेजपत्ता और सिरका
तेजपत्ता सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि कॉकरोच को दूर रखने के लिए भी उपयोगी माना जाता है।
सूखे तेजपत्तों को हल्का-सा तोड़कर किचन की अलमारी, दराज और स्टोरेज एरिया में रख दें। इसकी गंध कॉकरोच को पसंद नहीं आती, इसलिए वे उन जगहों से दूर रहने लगते हैं।
इसके अलावा सफेद सिरका भी किचन की सफाई के लिए अच्छा विकल्प है। सिरके और पानी को बराबर मात्रा में मिलाकर तैयार किए गए घोल से किचन स्लैब, सिंक और अन्य सतहों की नियमित सफाई करें।
इससे ग्रीस और खाने के बचे हुए कण हट जाते हैं, जिससे कॉकरोच के आने की संभावना कम हो सकती है।
कब लें पेस्ट कंट्रोल की मदद?
अगर सभी घरेलू उपाय अपनाने के बाद भी कॉकरोच लगातार बढ़ रहे हैं या पूरे घर में फैल चुके हैं, तो प्रोफेशनल पेस्ट कंट्रोल करवाना सही फैसला हो सकता है।
साथ ही यह भी जांचें कि घर में कहीं लगातार नमी, पानी का रिसाव या ऐसी जगह तो नहीं है, जहां कॉकरोच आसानी से पनप रहे हों।
केवल दवा छिड़कने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती, इसलिए सफाई और रखरखाव भी उतना ही जरूरी है।

