मजहबी ने हिंदू नाबालिग को फंसाया: धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने और विरोध करने पर अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने का गंभीर मामला सामने आया है।
पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी शोएब अख्तर के खिलाफ धर्मांतरण, आईटी एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पहले पीड़िता को अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की और फिर उस पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया।
जब लड़की ने साफ तौर पर इसका विरोध किया, तो आरोपी का रवैया अचानक बदल गया और उसने उसे धमकाना शुरू कर दिया।
पीड़िता के अनुसार आरोपी लगातार उस पर मानसिक दबाव बनाता रहा। वह उसे अलग-अलग तरीकों से समझाने और डराने की कोशिश करता था।
जब उसने आरोपी की बात मानने से इनकार कर दिया तो उसने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौच शुरू कर दी।
मामला यहीं नहीं रुका, बल्कि आरोपी ने बदले की भावना से आगे और गंभीर कदम उठाए।
बातचीत बंद होते ही वायरल किए अश्लील फोटो-वीडियो
पीड़िता ने जब आरोपी से पूरी तरह बातचीत बंद कर दी तो उसने कथित तौर पर उसके अश्लील फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए।
इससे पीड़िता और उसके परिवार को भारी मानसिक आघात पहुंचा।
लड़की ने बताया कि आरोपी ने पहले विश्वास जीतकर निजी सामग्री हासिल की थी और बाद में उसी का इस्तेमाल उसे ब्लैकमेल करने के लिए किया।
सोशल मीडिया पर सामग्री वायरल होने के बाद पीड़िता ने परिवार को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शिकायत मिलते ही मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल मुकदमा दर्ज कर लिया।
लखनऊ के सैरपुर में एक हैरान करने वाला मामाला सामने आया है. यहा 'सौरभ सिंह' बनकर अपनी पहचान छिपाने वाले शोएब अख्तर पुलिस के हत्थे चढ़ा है. शोएब ने न केवल हिंदू लड़कियों को अपने प्रेम जाल में फंसाकर उनका शारीरिक शोषण किया, बल्कि उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उन्हें धर्मांतरण के लिए… pic.twitter.com/JmVWYCtUDr
— Kishor Joshi (@KishorJoshi02) May 11, 2026
फर्जी पहचान से चला रहा था इंस्टाग्राम अकाउंट
पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी शोएब अख्तर इंस्टाग्राम पर ‘सौरभ सिंह’ नाम से फर्जी आईडी चला रहा था।
पुलिस को शक है कि इसी फर्जी पहचान के जरिए वह लड़कियों से संपर्क करता था और उन्हें अपने जाल में फंसाने की कोशिश करता था।
जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी ने इस फर्जी आईडी के जरिए कितनी लड़कियों से संपर्क किया।
पुलिस साइबर सेल की मदद से अकाउंट की पूरी गतिविधियों और चैट रिकॉर्ड्स को खंगाल रही है।
इससे यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या आरोपी किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है या अकेले ही इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा था।
ऑडियो रिकॉर्डिंग ने बढ़ाई जांच की गंभीरता
मामले में पुलिस के हाथ एक महत्वपूर्ण ऑडियो रिकॉर्डिंग भी लगी है।
इस रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर आरोपी यह कहते हुए सुनाई पड़ रहा है कि यदि पुलिस ने उसे पकड़ भी लिया तो कुछ लोग उसे बचा लेंगे।
इस रिकॉर्डिंग ने जांच को और गंभीर बना दिया है।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किसके संरक्षण की बात कर रहा था।
जांच अधिकारी इस रिकॉर्डिंग की फोरेंसिक जांच कराने की तैयारी कर रहे हैं ताकि इसकी सत्यता की पुष्टि हो सके।
यदि रिकॉर्डिंग सही पाई जाती है तो मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जाएगी।
फोन से मिले कई अन्य लड़कियों के फोटो-वीडियो
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में कई अन्य लड़कियों के फोटो और वीडियो भी मिले हैं।
इससे आशंका जताई जा रही है कि यह अकेला मामला नहीं है और आरोपी पहले भी कई युवतियों को निशाना बना चुका है।
पुलिस अब उन लड़कियों की पहचान करने में जुटी है जिनकी तस्वीरें और वीडियो फोन में मिले हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यदि अन्य पीड़िताएं सामने आती हैं तो आरोपी के खिलाफ और भी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
पुलिस कर रही गहन जांच
फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धर्मांतरण, आईटी एक्ट और महिलाओं की गरिमा से जुड़े गंभीर प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
जांच अधिकारी डिजिटल साक्ष्यों, सोशल मीडिया अकाउंट्स, चैट रिकॉर्ड्स और मोबाइल डेटा की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर लोगों को फंसाने वाले मामलों को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है।

