स्कूल में बच्चों को लगवाई मजहबी टोपी: उत्तर प्रदेश के संभल जिले के नखासा थाना क्षेत्र स्थित जालब सराय के एक सरकारी स्कूल में धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो के आधार पर जांच शुरू की गई, जिसके बाद दो शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
यह मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
छात्रों पर धार्मिक तौर-तरीके अपनाने का आरोप
शिकायतों के अनुसार स्कूल में तैनात शिक्षक अंजर अहमद और मोहम्मद गुल एजाज पर आरोप है कि वे छात्र-छात्राओं को एक विशेष धार्मिक पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे।
आरोप है कि छात्राओं को हिजाब पहनने के लिए कहा जाता था, जबकि छात्रों को टोपी पहनाकर सजदा करवाया जाता था।
इसके साथ ही स्कूल परिसर में अन्य धर्मों को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने की भी शिकायत सामने आई है।
इन आरोपों के बाद अभिभावकों में नाराजगी देखी गई।
प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई
प्रशासनिक जांच में लापरवाही सामने आने पर प्रभारी प्रधानाचार्य बालेश कुमार के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
उन पर आरोप है कि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुंचाई और स्थिति को नजरअंदाज किया।
जिला प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते सूचना दी जाती तो मामला इतना गंभीर रूप नहीं लेता।
जांच के लिए समिति गठित
जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई है।
समिति को पूरे घटनाक्रम की तह तक जाकर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
यह भी जांच की जाएगी कि क्या इस गतिविधि में अन्य कर्मचारी या बाहरी लोग भी शामिल थे।
प्रशासन का सख्त संदेश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि स्कूल शिक्षा का केंद्र है और वहां किसी भी प्रकार का धार्मिक या वैचारिक दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी भरोसा दिलाया है कि छात्रों की शिक्षा और माहौल को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी।

