मोदी की जनता से 7 अपील: वैश्विक युद्धों और लगातार बिगड़ते अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से आत्मनिर्भर भारत को मजबूत बनाने के लिए जीवनशैली में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव अपनाने की अपील की है।
रविवार को तेलंगाना के सिकंदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया कई बड़े संकटों से गुजर रही है और इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है।
ऐसे समय में हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह देशहित में छोटे-छोटे कदम उठाए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान वैश्विक सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई थी।
इसके बाद शुरू हुए अंतरराष्ट्रीय संघर्षों ने फूड, फ्यूल और फर्टिलाइजर की उपलब्धता पर गंभीर असर डाला।
उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में भारत को विदेशी निर्भरता कम कर आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा।
पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने पर जोर
पीएम मोदी ने लोगों से ईंधन की बचत को राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताते हुए पेट्रोल और डीजल का संयमित उपयोग करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि जिन शहरों में मेट्रो सुविधा उपलब्ध है, वहां लोगों को निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना चाहिए।
उन्होंने कार पूलिंग को बढ़ावा देने की भी सलाह दी। साथ ही सामान की ढुलाई के लिए रेलवे सेवाओं को प्राथमिकता देने की बात कही,
क्योंकि इससे पेट्रोल-डीजल की खपत कम होती है। प्रधानमंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहनों के अधिक उपयोग पर भी बल दिया।
वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने कोरोना काल में अपनाई गई वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था को फिर से प्राथमिकता देने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि अगर संस्थान ऑनलाइन मीटिंग्स और वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग को अधिक अपनाते हैं तो इससे यात्रा खर्च कम होगा और ईंधन की भी बचत होगी।
उनके मुताबिक यह कदम सिर्फ आर्थिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी फायदेमंद साबित होगा।
सोना खरीदने और विदेशी यात्रा टालने की सलाह
पीएम मोदी ने देशवासियों से एक वर्ष तक सोना खरीदने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि सोने के आयात पर भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है।
ऐसे में अगर लोग कुछ समय के लिए सोने की खरीदारी रोक दें तो इससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रहेगा।
इसके अलावा उन्होंने गैर-जरूरी विदेश यात्राओं को भी एक साल तक टालने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि भारत में पर्यटन के लिए अनगिनत खूबसूरत स्थान मौजूद हैं, इसलिए देश के भीतर यात्रा कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दी जा सकती है।
खाने के तेल और उर्वरकों के इस्तेमाल में कटौती
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश बड़ी मात्रा में खाद्य तेल आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा पर दबाव पड़ता है।
उन्होंने परिवारों से खाने के तेल की खपत कम करने की अपील करते हुए कहा कि इससे स्वास्थ्य भी बेहतर होगा और देश की आर्थिक बचत भी होगी।
किसानों से उन्होंने रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटाकर प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने का आह्वान किया।
उनका कहना था कि इससे न केवल आयात कम होगा बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता भी सुधरेगी।
स्वदेशी अपनाने का दिया संदेश
पीएम मोदी ने एक बार फिर ‘वोकल फॉर लोकल’ को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाले विदेशी उत्पादों की जगह स्वदेशी वस्तुओं को अपनाना चाहिए।
उनका मानना है कि अगर हर नागरिक यह संकल्प ले तो भारत आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत बन सकता है।

