Bangladesh Border पर होगा अब सख़्त पहरा: पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद सोमवार, 11 मई 2026 को मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari की अध्यक्षता में पहली कैबिनेट बैठक हुई।
हावड़ा स्थित नबन्ना सचिवालय में हुई इस अहम बैठक में राज्य की सुरक्षा, प्रशासनिक सुधार, केंद्र की योजनाओं के विस्तार और सीमा सुरक्षा को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए।
मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि नई सरकार गुड गवर्नेंस और सिक्योरिटी के सिद्धांत पर काम करेगी और बंगाल को विकास की नई दिशा देगी।
शहीद BJP कार्यकर्ताओं के परिवारों की जिम्मेदारी उठाएगी सरकार
पहली कैबिनेट बैठक में सबसे बड़ा फैसला उन 321 बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवारों को लेकर लिया गया, जिनकी चुनाव पूर्व राजनीतिक हिंसा में मौत हुई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इन परिवारों की जिम्मेदारी उठाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पीड़ित परिवार चाहें तो सरकार इन मौतों की जांच भी कराएगी। शुभेंदु अधिकारी ने इसे राजनीतिक संघर्ष के शहीदों के प्रति सम्मान बताया।
45 दिनों में BSF को दी जाएगी सीमा की जमीन
Bangladesh Border पर होगा अब सख़्त पहरा: नई सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के लिए बीएसएफ को जमीन सौंपने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने का फैसला लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि एवं राजस्व विभाग को 45 दिनों के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने अवैध घुसपैठियों के हित में सीमा पर बाड़ेबंदी को रोका और बीएसएफ को जमीन देने में देरी की।
पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश से लगभग 2216 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है, जो भारत-बांग्लादेश की सबसे लंबी राज्य सीमा है।
केंद्र सरकार के अनुसार अब भी लगभग 569 किलोमीटर क्षेत्र ऐसा है, जहां फेंसिंग का काम बाकी है।
इनमें कई इलाके नदी, दलदल, जंगल और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में आते हैं, जहां पारंपरिक बाड़ लगाना बेहद कठिन माना जाता है।
भारत-बांग्लादेश सीमा क्यों है इतना बड़ा मुद्दा?
भारत और बांग्लादेश के बीच कुल 4096 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है, जिसे रेडक्लिफ लाइन कहा जाता है।
यह सीमा पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम से होकर गुजरती है। लंबे समय से केंद्र सरकार यह दावा करती रही है कि बिना फेंसिंग वाले हिस्सों से अवैध घुसपैठ, मवेशी तस्करी और सीमा पार अपराध बढ़ते हैं।
सीमा पर बाड़ेबंदी को लेकर केंद्र और तत्कालीन ममता सरकार के बीच लगातार विवाद बना रहा। केंद्र का आरोप था कि पश्चिम बंगाल सरकार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में सहयोग नहीं कर रही थी।
वहीं तृणमूल कांग्रेस इसे राजनीतिक मुद्दा बताती रही। मामला सुप्रीम कोर्ट और कलकत्ता हाईकोर्ट तक पहुंचा, जहां अदालतों ने भी देरी पर राज्य सरकार से जवाब मांगा था।
बंगाल में लागू होगी आयुष्मान भारत योजना
नई सरकार ने केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत और जन आरोग्य योजना को राज्य में लागू करने का भी फैसला लिया है।
इस योजना के तहत हर परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, उज्ज्वला योजना 3.0, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी कई केंद्रीय योजनाओं को भी पश्चिम बंगाल में लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi का सबका साथ, सबका विकास विजन अब बंगाल में भी पूरी तरह लागू होगा।
सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में 5 साल की छूट
युवाओं को राहत देते हुए राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में आवेदन के लिए अधिकतम आयु सीमा में 5 साल की छूट देने का फैसला लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय उन युवाओं को ध्यान में रखकर लिया गया है, जो लंबे समय से भर्ती प्रक्रियाओं में देरी की वजह से प्रभावित हुए थे।
इसके अलावा IAS और IPS अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने की अनुमति देने पर भी सहमति बनी है।
सरकार का कहना है कि इससे प्रशासनिक दक्षता और शासन व्यवस्था मजबूत होगी।
बंगाल में लागू होगा BNS और शुरू होगी जनगणना
कैबिनेट बैठक में भारतीय न्याय संहिता (BNS) को पश्चिम बंगाल में तत्काल प्रभाव से लागू करने की मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने नए आपराधिक कानूनों को लागू करने में जानबूझकर देरी की थी।
इसके साथ ही राज्य में लंबित जनगणना प्रक्रिया को भी शुरू करने का फैसला लिया गया है। सरकार का मानना है कि सही जनसंख्या आंकड़े विकास योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों के लिए बेहद जरूरी हैं।
पुलिस अधिकारियों के साथ होगी बड़ी बैठक
Bangladesh Border पर होगा अब सख़्त पहरा: पहली कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और सीआईडी अधिकारियों के साथ भी बड़ी बैठक करने वाले हैं।
यह बैठक चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा और हाल ही में उनके निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए बुलाई गई है।
नई सरकार के पहले ही दिन लिए गए इन फैसलों को बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
खासकर सीमा सुरक्षा, केंद्र की योजनाओं का विस्तार और प्रशासनिक सुधारों पर सरकार का जोर आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और शासन व्यवस्था दोनों को प्रभावित कर सकता है।
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