जम्मू-कश्मीर में बारिश बनी आफत: जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश ने पुंछ और राजौरी जिलों में व्यापक तबाही मचा दी है। तेज बारिश के चलते अचानक आई बाढ़,
भूस्खलन और मकान ढहने की घटनाओं में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
कई लोग घायल हुए हैं, जबकि कुछ लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस, सेना और अन्य राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं।
खराब मौसम और बंद सड़कें राहत कार्यों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
पुलस्त्य नदी में उफान, दुकानें और वाहन बह गए
भारी बारिश के बाद पुंछ जिले की पुलस्त्य नदी अचानक उफान पर आ गई, जिससे आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए।
तेज बहाव में दो दुकानें, एक आटा चक्की और एक वाहन सर्विस स्टेशन पूरी तरह बह गए। सर्विस स्टेशन पर खड़े कई वाहन भी पानी की तेज धारा में बह गए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, नदी का जलस्तर कुछ ही समय में तेजी से बढ़ गया, जिससे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
कई क्षेत्रों में पानी घरों और बाजारों तक पहुंच गया, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
मकान गिरने से गई कई लोगों की जान
बारिश के कारण सबसे ज्यादा नुकसान सुरनकोट तहसील में देखने को मिला। संगलेयानी गांव में एक मकान अचानक ढह गया, जिसमें 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई और आठ लोग मलबे में फंस गए।
राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन खराब मौसम के कारण अभियान प्रभावित हुआ।
शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, सुरनकोट क्षेत्र में कुल नौ लोगों की मौत हुई है, जिनमें एक ही परिवार के छह सदस्य शामिल हैं।
वहीं हवेली क्षेत्र में भी एक व्यक्ति की जान चली गई। इसके अलावा नूना बांडी गांव में एक मकान गिरने से एक महिला की मौत हो गई और तीन लोग घायल हो गए।
अधिकारियों का कहना है कि कई स्थानों पर मलबे के नीचे लोगों के दबे होने की आशंका है, इसलिए राहत अभियान लगातार जारी है।
भूस्खलन से बंद हुए सड़क मार्ग
लगातार बारिश के चलते जिले के कई हिस्सों में भूस्खलन हुआ है। इसके कारण पुंछ और आसपास के क्षेत्रों को जोड़ने वाले अधिकांश सड़क मार्ग बंद हो गए हैं।
कई जगह सड़कें धंस गई हैं, जबकि पहाड़ियों से मलबा गिरने के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।
इससे राहत और बचाव दलों को प्रभावित गांवों तक पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन सड़कें खोलने और बिजली-पानी जैसी आवश्यक सेवाओं को बहाल करने का प्रयास कर रहा है।
कई घरों और संपत्तियों को भारी नुकसान
बारिश और बाढ़ से केवल जनहानि ही नहीं हुई, बल्कि संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
हवेली क्षेत्र में कम से कम सात घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि मंडी इलाके से भी मकानों, दुकानों और अन्य निर्माणों को नुकसान पहुंचने की सूचना मिली है।
कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी राहत शिविरों की व्यवस्था शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जताया दुख
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पुंछ में हुई इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस और अन्य एजेंसियां पूरी क्षमता के साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत सामग्री और आवश्यक सहायता पहुंचाई जाए।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे दिल्ली से जम्मू लौटकर हालात की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करेंगे और राहत कार्यों की निगरानी करेंगे।
उन्होंने स्थानीय विधायकों और जिला प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने की भी बात कही।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दिए सख्त निर्देश
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी राजौरी और पुंछ के हालात की समीक्षा की। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि सिविल प्रशासन, पुलिस, सेना, एसडीआरएफ और स्थानीय स्वयंसेवक प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रहे हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
उपराज्यपाल ने कहा कि सभी संबंधित विभाग हाई अलर्ट पर हैं और राहत एवं मरम्मत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी प्रभावित परिवारों को तुरंत सहायता मिले और आपातकालीन टीमें किसी भी नई स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
साथ ही उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी का पालन करने की अपील की।
राहत अभियान जारी, मौसम पर नजर
मौसम विभाग ने आने वाले समय में भी कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
बचाव दल प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने, घायलों को अस्पताल पहुंचाने और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने में जुटे हुए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे दूरदराज के इलाकों से जानकारी मिल रही है, नुकसान का वास्तविक आंकड़ा सामने आ रहा है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की जान बचाना, राहत पहुंचाना और सामान्य स्थिति बहाल करना है।

