Friday, April 24, 2026

फरीदाबाद का लव जिहाद केस: पहचान छिपाकर रचा गया प्रपंच, पाकिस्तान कनेक्शन और पीड़िता का संघर्ष

फरीदाबाद का लव जिहाद केस: फरीदाबाद में सामने आया एक हालिया मामला लव जिहाद की उन कड़वी सच्चाइयों को आईना दिखाता है, जिन्हें अक्सर मुख्यधारा की बहसों में सिरे से नकार दिया जाता है।

यह महज एक प्रेम प्रसंग की विफलता नहीं, बल्कि एक सुनियोजित जाल, पहचान की धोखाधड़ी, जबरन धर्मांतरण और यातनाओं की एक ऐसी सूची है, जो सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ाने के लिए पर्याप्त है।

शबनम की भूमिका और जाल का आगाज़

पीड़िता, जो 2020 में फरीदाबाद की एक फैक्ट्री में मामूली वेतन पर कार्यरत थी, एक सोची-समझी साजिश का शिकार बनी।

उसकी सहकर्मी शबनम ने न केवल उसका भरोसा जीता, बल्कि उसे जम्मू-कश्मीर के पुंछ निवासी जुल्फिकर अहमद से मिलवाया।

शबनम ने पीड़िता का इंस्टाग्राम अकाउंट जुल्फिकर के साथ साझा किया। शुरुआती संदेशों की अनदेखी के बाद, जब पीड़िता ने बातचीत शुरू की, तो जुल्फिकर ने अपना जाल बुनना शुरू कर दिया।

उसने खुद को कृष्णा बताया और अपनी मुस्लिम पहचान पूरी तरह छिपाकर खुद को भारतीय सेना का जवान प्रदर्शित किया।

अपहरण, रेप और पहचान का खुलासा

जुल्फिकर ने दिल्ली आने का बहाना बनाकर पीड़िता से मुलाकात की। पीड़िता के अकेलेपन का फायदा उठाते हुए उसने कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसका शारीरिक शोषण किया और अश्लील वीडियो बना लिए।

इन वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करते हुए, उसने पीड़िता को जम्मू-कश्मीर चलने पर मजबूर किया।

सफर के दौरान सुरक्षा चेकिंग के समय जब जुल्फिकर ने पीड़िता को अपना नाम रूबिया बताने का दबाव डाला, तब पीड़िता को वास्तविकता का पता चला।

विरोध करने पर उसे जान से मारने और वीडियो वायरल करने की धमकियां दी गईं।

धर्मांतरण और अमानवीय यातनाएं

फरीदाबाद का लव जिहाद केस: पुंछ पहुंचने के बाद पीड़िता को 15 दिनों तक जुल्फिकर के चाचा के घर रखा गया, जहां उसे इस्लाम स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया।

बुर्का पहनने, मस्जिद जाने और निकाह करने के बाद उसे जुल्फिकर के परिवार के हवाले कर दिया गया।

अगले तीन महीनों तक जुल्फिकर के पिता अब्दुल गफार, मां सायरा बेगम, भाई जावेद और बहन अफसाना ने पीड़िता को बंधक बनाकर रखा।

इस दौरान उसे जबरन गोमांस खिलाने और पांच वक्त की नमाज पढ़ने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी कनेक्शन

फरीदाबाद वापस आने के बाद भी जुल्फिकर की गतिविधियां संदिग्ध बनी रहीं। वह अक्सर तकिया वाली मस्जिद के पास रहता था, जो संवेदनशील क्षेत्रों में गिना जाता है।

पीड़िता के अनुसार, जुल्फिकर अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े लोगों के संपर्क में था और अक्सर उसके बैंक खातों में मोटी रकम आती थी, जिसका स्रोत वह कभी स्पष्ट नहीं करता था।

बेटी होने पर जुल्फिकर ने पीड़िता का दो बार गर्भपात करवाया, जो उसकी क्रूर मानसिकता को दर्शाता है।

दूसरा निकाह और पाकिस्तान से धमकी

जुल्फिकर ने अपनी परिचित शबनम की बेटी समा के साथ दूसरा निकाह कर लिया और पीड़िता को छोड़कर उसी के साथ रहने लगा।

जब पीड़िता ने इसका विरोध किया, तो उसने बहुविवाह का तर्क देते हुए उसे प्रताड़ित करना जारी रखा।

पीड़िता ने खुलासा किया कि जुल्फिकर के पाकिस्तान के साथ गहरे संपर्क हैं और वह कई बार वहां जा चुका है।

वह अक्सर भारत विरोधी बयान देता था और कहता था कि युद्ध की स्थिति में वह पाकिस्तान के साथ खड़ा होगा तथा भविष्य में पाकिस्तान की नागरिकता ले लेगा।

न्याय की लड़ाई

फरीदाबाद का लव जिहाद केस: आज पीड़िता दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। फरीदाबाद के स्थानीय थानों में सुनवाई न होने पर उसने अदालतों का दरवाजा खटखटाया है।

बजरंग दल के संयोजक पुनीत वशिष्ठ उर्फ सोनू ने इस मामले में पीड़िता को समर्थन देते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बताया है।

उन्होंने आरोपित के पाकिस्तान कनेक्शन और देश-विरोधी गतिविधियों के कारण उसके खिलाफ UAPA या NSA जैसे सख्त कानूनों के तहत कार्रवाई की मांग की है।

यह मामला स्पष्ट करता है कि लव जिहाद केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक संगठित अपराध है जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका है।

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