जयपुर में छेड़छाड़ का मामला: जयपुर के मालवीय नगर इलाके में एक गर्भवती महिला से छेड़छाड़ की घटना ने पूरे शहर को हिला दिया।
शुरुआत में यह मामला एक सामान्य आपराधिक वारदात जैसा लग रहा था, लेकिन पीड़िता की शिकायत के बाद जब पुलिस ने आरोपी राहुल को गिरफ्तार किया,
तो जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे सामने आने लगे।
इस घटना ने न सिर्फ महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए, बल्कि शहर में सक्रिय एक बड़े आपराधिक नेटवर्क की भी परतें खोल दीं।
अवैध हथियारों के नेटवर्क से जुड़ा आरोपी
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी राहुल अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़ा हुआ था।
उसके पास से एक देसी पिस्टल बरामद की गई, जिसके बाद सांगानेर थाने में अलग से मामला दर्ज किया गया।
जांच में यह भी पता चला कि वह कई अपराधियों के संपर्क में था और हथियारों की खरीद-फरोख्त में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
इससे यह स्पष्ट हो गया कि मामला केवल छेड़छाड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा है।
सोशल मीडिया और विदेशी कनेक्शन का खुलासा
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि राहुल सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ अपनी तस्वीरें पोस्ट करता था।
इतना ही नहीं, वह कथित तौर पर पाकिस्तान की एक वेबसाइट के जरिए AK-47 जैसे खतरनाक हथियार हासिल करने की कोशिश में था।
इस खुलासे के बाद मामला और गंभीर हो गया और मध्यप्रदेश पुलिस भी सतर्क हो गई, क्योंकि आरोपी का संबंध वहां के अपराधियों से भी जुड़ा हुआ था।
सहयोगियों की गिरफ्तारी से नेटवर्क उजागर
इस नेटवर्क का पर्दाफाश होने के बाद प्रताप नगर थाना पुलिस ने राहुल के दो सहयोगियों—ओमप्रकाश उर्फ ओमी बन्ना और राज अहीरवाल उर्फ छोटा राज—को गिरफ्तार किया।
दोनों के पास से अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। इन गिरफ्तारियों से यह साफ हो गया कि यह एक संगठित गिरोह है, जो अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय होकर अवैध हथियारों की सप्लाई कर रहा था।
गिरफ्तारी से बचने के लिए बदलता रहा ठिकाने
राहुल मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले का रहने वाला है और उसके खिलाफ पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा और जयपुर के प्रताप नगर, सांगानेर और मानसरोवर इलाकों में छिपकर रह रहा था।
इस दौरान उसने एक स्पा सेंटर में काम करना शुरू कर दिया, ताकि किसी को उस पर शक न हो।
आखिरकार दबाव बढ़ने पर आरोपी ने मुरैना कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे प्रोडक्शन वारंट पर हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किन-किन लोगों को हथियार सप्लाई करता था।
अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं, जो अवैध हथियारों के कारोबार पर बड़ा असर डाल सकते हैं।

