Congress Protest: नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने मंगलवार 21 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास तक विरोध मार्च निकाला।
इस प्रदर्शन में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। कांग्रेस ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
पीएम आवास के बाहर कांग्रेस का धरना
प्रधानमंत्री आवास के बाहर पहुंचने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नीट पेपर लीक मामले में छात्रों के साथ न्याय होना चाहिए और इस पूरे मामले की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
धरने के दौरान कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी अलग अंदाज में विरोध जताया।
वह लोक कल्याण मार्ग पर जमीन पर लेट गए और सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
कई बड़े नेता प्रदर्शन में हुए शामिल
इस विरोध प्रदर्शन में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, कर्नाटक के
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, चरणजीत सिंह चन्नी, रणदीप सुरजेवाला, पवन खेड़ा सहित कई सांसद और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सांसद सुधाकर सिंह भी कांग्रेस के इस प्रदर्शन में शामिल हुए और छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज उठाई।
चरणजीत सिंह चन्नी ने सरकार पर साधा निशाना
धरना प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिए गए कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उन्हें दबाने का काम कर रही है।
उनका कहना था कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वालों के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है।
प्रधानमंत्री आवास के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा
कांग्रेस के विरोध मार्च को देखते हुए प्रधानमंत्री आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस नेताओं ने संसद भवन से प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकालने की योजना बनाई थी।
जैसे ही इसकी जानकारी दिल्ली पुलिस को मिली, सुरक्षा बढ़ा दी गई और पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए लगातार निगरानी की गई।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से की बातचीत
प्रधानमंत्री आवास के बाहर चल रहे प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से बातचीत की।
हालांकि दोनों नेताओं के बीच हुई चर्चा की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि बातचीत का संबंध प्रदर्शन और मौजूदा हालात से था।
एक दिन पहले संसद मार्च में हुआ था विवाद
इससे पहले सोमवार (20 जुलाई, 2026) को मानसून सत्र के पहले दिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर से संसद भवन तक मार्च निकाला था।
प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस का कहना है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया, जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया गया।
वहीं प्रदर्शन में शामिल लोगों और विपक्षी दलों का आरोप है कि छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया।
विपक्ष ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बाद कई विपक्षी दलों ने सरकार की आलोचना की। विपक्ष का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और नेताओं पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
विपक्षी दलों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

