Friday, July 24, 2026

PM मोदी के वीडियो पर कांग्रेस का पलटवार, खरगे ने शिक्षा मंत्री को हटाने की उठाई मांग

PM मोदी के वीडियो पर कांग्रेस का पलटवार: नीट पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजनीति लगातार गर्म बनी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देर रात जारी किए गए वीडियो संदेश के बाद कांग्रेस ने सरकार पर कई सवाल खड़े किए हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि इतने गंभीर मुद्दे पर प्रधानमंत्री को संसद के भीतर आकर जवाब देना चाहिए, न कि वीडियो संदेश के जरिए अपनी बात रखनी चाहिए।

उन्होंने यह भी मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाया जाए और छात्रों के साथ हुई कार्रवाई के लिए सरकार माफी मांगे।

संसद में जवाब देने की मांग

मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब संसद का सत्र चल रहा हो, तब प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी होती है कि वह सदन में उपस्थित होकर सांसदों और देश के सामने अपनी बात रखें।

उनका कहना था कि संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंच है और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा वहीं होनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संसद में विपक्ष के सवालों का सामना करने से बच रही है।

शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से अपील की कि संसद में आने से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाया जाए।

उनका कहना है कि नीट पेपर लीक जैसे बड़े मामले ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा तोड़ा है।

ऐसे में जवाबदेही तय होना जरूरी है और सरकार को इस मामले में राजनीतिक जिम्मेदारी भी स्वीकार करनी चाहिए।

छात्रों से माफी मांगने की बात

खरगे ने कहा कि सरकार को सबसे पहले उन छात्रों से माफी मांगनी चाहिए जो परीक्षा में हुई गड़बड़ियों से प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए बल प्रयोग किया गया।

कांग्रेस का कहना है कि जिन अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज या अन्य बल प्रयोग कराया, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

शिक्षा व्यवस्था पर व्यापक चर्चा की मांग

कांग्रेस का कहना है कि सरकार पहले छात्रों का विश्वास बहाल करे और दोषियों के खिलाफ ठोस कदम उठाए।

इसके बाद ही शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए।

पार्टी का मानना है कि केवल आश्वासन देने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि प्रभावी और जवाबदेह व्यवस्था बनानी होगी।

प्रधानमंत्री ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि सरकार पेपर लीक जैसी घटनाओं को बेहद गंभीरता से ले रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

प्रधानमंत्री ने बताया कि अधिकारियों ने ऐसे मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का मसौदा तैयार कर लिया है और इसे उनके समक्ष प्रस्तुत किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्रिमंडल में चर्चा होगी। सभी संबंधित मंत्रियों के सुझावों के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा

आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर जल्द से जल्द संसद में विधेयक लाने का प्रयास किया जाएगा।

राजनीतिक माहौल और आगे की राह

नीट पेपर लीक का मुद्दा अब केवल परीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन चुका है।

एक ओर केंद्र सरकार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और कानून को मजबूत करने की बात कर रही है,

वहीं विपक्ष सरकार की जवाबदेही तय करने, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्रों के साथ हुए व्यवहार पर सवाल उठा रहा है।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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