Tuesday, September 8, 2026

बुर्ज अल अरब समंदर के बीच खड़ा है, फिर भी सरिया को जंग क्यों नहीं लगती

बुर्ज अल अरब

समुद्र के बीच खड़ी बुर्ज अल अरब जैसी विशाल इमारतों को देखकर स्वाभाविक सवाल उठता है कि नमकीन हवा, लगातार नमी और समुद्री पानी के संपर्क के बावजूद इनके भीतर मौजूद हजारों टन सरिया दशकों तक जंग से कैसे सुरक्षित रहती है।

दुबई का बुर्ज अल अरब कृत्रिम द्वीप पर समुद्र के भीतर खड़ा है, इसलिए यहां संरचना को सामान्य इमारतों की तुलना में कहीं अधिक कठोर समुद्री वातावरण झेलना पड़ता है। इसकी मजबूती के पीछे बहुस्तरीय इंजीनियरिंग सुरक्षा प्रणाली लगातार काम करती है।

समुद्री नमक कैसे बनता है सरिया का सबसे बड़ा दुश्मन

समुद्री वातावरण में क्लोराइड आयन, नमी और ऑक्सीजन का मेल स्टील के क्षरण की बड़ी वजह बनता है। यही प्रक्रिया सरिया को कमजोर करती है। अमेरिका में केवल पुलों को जंग से होने वाला सालाना नुकसान लगभग 6 से 10 अरब डॉलर आंका गया है।

इंजीनियर सरिया को बचाने के लिए उसके चारों ओर पर्याप्त मोटाई का कंक्रीट कवर रखते हैं। यह परत नमक और नमी के खिलाफ पहली सुरक्षा दीवार बनती है। साथ ही कम पारगम्यता वाला कंक्रीट पानी और क्लोराइड की भीतर तक पहुंच धीमी करता है।

समुद्री निर्माण में एपॉक्सी कोटेड रीबार जैसी तकनीकें भी इस्तेमाल की जाती हैं, जिनमें स्टील को सुरक्षात्मक परत से ढका जाता है। अमेरिका में लगभग एक लाख संरचनाओं में ऐसे रीबार का उपयोग हो चुका है, जिससे जंग की रफ्तार देर तक नियंत्रित रहती है।

बुर्ज अल अरब के लिए अपनाई गई विशेष तकनीक

बुर्ज अल अरब के निर्माण में चुनौती और कठिन थी, क्योंकि होटल सीधे समुद्र में बनाए गए कृत्रिम द्वीप पर स्थित है। यहां Fosroc के विशेष एडमिक्सचर चुने गए, जो कंक्रीट में पानी के रिसाव को सीमित करें और पारगम्यता नियंत्रित रख सकें।

होटल की समुद्री दीवार के कुछ हिस्सों में Mateenbar की जंग प्रतिरोधी फाइबरग्लास रीइन्फोर्समेंट का उपयोग किया गया। इसका उद्देश्य इन हिस्सों को लंबे समय तक समुद्री क्षरण से बचाना और संरचना के लिए कम से कम 50 वर्ष की सेवा अवधि सुनिश्चित करना था।

इस परियोजना के लिए National Cement ने प्रीमियम मरीन ग्रेड सीमेंट की आपूर्ति की, ताकि समुद्री पानी और नमक के असर के सामने कंक्रीट अधिक टिकाऊ रह सके। यानी सरिया, सीमेंट, कंक्रीट मिश्रण और सुरक्षा सामग्री का पूरा संयोजन सोचकर तैयार किया गया।

कंक्रीट में छोटी दरार भी बन सकती है बड़ा खतरा

कंक्रीट में एक छोटी दरार भी समुद्री संरचना के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। दरार बनते ही नमकीन पानी और क्लोराइड को भीतर जाने का रास्ता मिल जाता है। इसके बाद सरिया में जंग शुरू होकर पूरे कंक्रीट तंत्र पर दबाव बढ़ाती है।

जंग लगने पर स्टील की सतह पर बनने वाला पदार्थ मूल स्टील की तुलना में अधिक जगह घेरता है। यह फैलाव कंक्रीट को भीतर से धकेलता है। दबाव बढ़ने पर कंक्रीट टूटकर झड़ने लगता है, जिसे इंजीनियरिंग की भाषा में स्पॉलिंग कहा जाता है।

जंग रुकती नहीं, उसकी रफ्तार को वर्षों तक रोका जाता है

इसलिए समुद्र किनारे या समुद्र के भीतर बनी इमारतों की सरिया को जंग कभी लगती ही नहीं, यह धारणा सही नहीं है। असली तकनीक जंग को रोकने के बजाय नमक, पानी और ऑक्सीजन की सरिया तक पहुंच को बहुत लंबे समय तक टालना है।

मोटा कंक्रीट कवर, कम पारगम्यता वाला मिश्रण, विशेष रीबार, वॉटरप्रूफिंग एडमिक्सचर, मरीन ग्रेड सीमेंट और जंग प्रतिरोधी फाइबरग्लास जैसी कई सुरक्षा परतें मिलकर संरचना की उम्र बढ़ाती हैं। इसी इंजीनियरिंग कारण से बुर्ज अल अरब दशकों बाद भी समुद्र के बीच मजबूती से खड़ा है।

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Mudit
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लेखक भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्येता हैं। वे पिछले एक दशक से सार्वजनिक विमर्श पर लेखन कर रहे हैं। समाज, राजनीति, विचारधारा, शिक्षा, धर्म और इतिहास पर रिसर्च बेस्ड विश्लेषण में वे पारंगत हैं। वे 'द पैम्फलेट' में दो वर्ष कार्य कर चुके हैं। उनके शोधपरक लेख अनेक मौकों पर राष्ट्रीय विमर्श की दिशा में परिवर्तनकारी सिद्ध हुए हैं।
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