अशोकनगर में धर्मांतरण का सिंडिकेट उजागर: मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के पिपरई थाना क्षेत्र में तीन नाबालिग हिंदू लड़कियों के साथ कथित जबरन धर्मांतरण, निकाह और बार-बार बलात्कार का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में भोपाल के तीन युवकों अल्तमश खान, आहत शेख और अरहान अली (या आहान खान) के खिलाफ FIR दर्ज की है। पीड़िताओं ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उन्हें प्रेम जाल में फंसाकर भोपाल ले जाया, ब्रेनवॉश किया, धर्म परिवर्तन कराया और फिर जबरन निकाह के बाद लगातार यौन शोषण किया।
पीड़िताओं के घर पहुंचने पर खुला राज
अशोकनगर में धर्मांतरण का सिंडिकेट उजागर: मामला तब सामने आया जब पीड़िता लड़कियां बुर्का पहनकर अपने घर पहुंचीं। परिजनों को जब बुर्के में देखकर हैरानी हुई और पूछताछ की तो पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ।
एक पीड़िता की मां ने पिपरई थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में तुरंत कार्रवाई शुरू की गई।
तीनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमों गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
कैसे शुरू हुआ प्रेम जाल
अशोकनगर में धर्मांतरण का सिंडिकेट उजागर: पुलिस जांच के अनुसार, मुख्य आरोपी अल्तमश खान (भोपाल निवासी) ने 17 वर्षीय हिंदू किशोरी से दोस्ती के बहाने संपर्क स्थापित किया।
5 नवंबर 2025 को वह उसे बहला-फुसलाकर पिपरई रेलवे स्टेशन से ट्रेन द्वारा भोपाल ले गया। वहां किशोरी का कथित तौर पर ब्रेनवॉश किया गया, जबरन धर्मांतरण कराया गया और फिर निकाह कर दिया गया।
इसके बाद अल्तमश ने लगभग 10 दिनों तक या कई महीनों तक पीड़िता के साथ बार-बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
पीड़िता को बुर्का पहनने के लिए मजबूर किया गया और उसकी पहचान बदलने की कोशिश की गई।
सहेलियों के जरिए फैला संगठित जाल
जांच में सामने आया कि आरोपी ने पीड़िता की दो सहेलियों के माध्यम से ही संपर्क बनाया था। ये दोनों सहेलियां पहले से ही आरोपियों के नेटवर्क से जुड़ी हुई थीं।
उनकी भी 2025 में जबरन धर्मांतरण कराया गया था और उनमें से एक का निकाह आहत शेख (जिंसी, भोपाल) से तथा दूसरी का अरहान अली (गल्ला मंडी क्षेत्र) से कराया गया।
तीनों आरोपी आपस में दोस्त हैं और उन्होंने एक ही पैटर्न अपनाकर तीनों नाबालिग लड़कियों को अपना शिकार बनाया। पुलिस को इसमें एक संगठित नेटवर्क होने का संदेह है।
पीड़िताओं पर हुए अत्याचार
अशोकनगर में धर्मांतरण का सिंडिकेट उजागर: पीड़िताओं के बयान के मुताबिक, उन्हें प्रेम के नाम पर फंसाया गया, भोपाल में अलग-अलग जगहों पर रखा गया और 10 से 15 बार या कई महीनों तक जबरन शारीरिक शोषण किया गया।
धर्मांतरण के बाद उन्हें इस्लामिक नाम दिए गए और बुर्का पहनाकर छिपाने की कोशिश की गई।
एक पीड़िता को मंडीदीप (रायसेन जिले) में मामा के घर रहने के दौरान भी इस जाल में फंसाया गया। जब वे घर लौटीं तो बुर्के में देखकर परिवार सदमे में आ गया।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
पिपरई थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), मध्य प्रदेश स्वतंत्रता धर्म अधिनियम, POCSO एक्ट और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत FIR दर्ज की है।
एसडीओपी विवेक शर्मा और एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने मामले की गंभीरता बताते हुए कहा कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जांच में नए खुलासे हो रहे हैं और पूरे नेटवर्क को उजागर करने का प्रयास किया जा रहा है।
यह मामला नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा, धर्मांतरण के तरीकों और संगठित अपराध पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। पुलिस जांच जारी है और पीड़िताओं को सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है।
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