पश्चिम बंगाल चुनाव: केतुग्राम में मतदान के दौरान उस वक्त सनसनी फैल गई जब पोलिंग बूथ के पास एक संदिग्ध बैग से 6 जिंदा देसी बम बरामद हुए।
यह घटना बीरुरी गांव के मतदान केंद्र संख्या 35 के पास सामने आई, जहां वोटिंग के लिए मतदाताओं की लंबी कतारें लगने वाली थीं।
सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता के चलते समय रहते इस बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया गया, जिससे किसी बड़े हादसे को टाला जा सका।
विधायक के गढ़ में सुरक्षा पर उठे सवाल
यह इलाका टीएमसी विधायक शेख सहोनवाज का मजबूत गढ़ माना जाता है, ऐसे में उनके ही निर्वाचन क्षेत्र में इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए बम काफी शक्तिशाली थे और इन्हें बेहद योजनाबद्ध तरीके से पोलिंग बूथ के पास छिपाया गया था।
शुरुआती जांच में इसे चुनाव के दिन अफरा-तफरी फैलाने की साजिश के रूप में देखा जा रहा है।
क्या मतदाताओं को डराने की थी साजिश?
पश्चिम बंगाल चुनाव: इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर इन बमों के पीछे किसका हाथ है।
स्थानीय लोगों और प्रशासन का मानना है कि इन विस्फोटकों का इस्तेमाल मतदाताओं को डराने, मतदान बाधित करने या हिंसा फैलाने के लिए किया जा सकता था।
पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित राजनीतिक या आपराधिक नेटवर्क तो नहीं है।
सुरक्षा बलों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। राज्य पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई और पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया।
मतदान केंद्र के आसपास लगभग 500 मीटर के दायरे को सील कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि उनकी प्राथमिकता शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना है।
बम निरोधक दस्ते ने किया डिफ्यूज ऑपरेशन
बम मिलने की पुष्टि होते ही बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया। विशेषज्ञों की टीम ने बेहद सावधानी से बमों को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर ले जाकर डिफ्यूज करने की प्रक्रिया शुरू की।
साथ ही पूरे इलाके की मेटल डिटेक्टर से दोबारा जांच की जा रही है ताकि कोई अन्य विस्फोटक सामग्री न छूट जाए।
दहशत के बीच भी नहीं डगमगाया वोटर्स का हौसला
घटना के बाद गांव में भय का माहौल जरूर बना, लेकिन इसका असर मतदान पर नहीं पड़ा।
भारतीय चुनाव आयोग की अपील के बाद मतदाता निडर होकर वोट डालने पहुंचे। दोपहर 3 बजे तक 78 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जो यह दर्शाता है कि लोकतंत्र के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत बना हुआ है।
जांच जारी, संदिग्धों से पूछताछ शुरू
पश्चिम बंगाल चुनाव: पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
प्रशासन का कहना है कि इस साजिश के पीछे शामिल सभी लोगों को जल्द ही बेनकाब किया जाएगा। फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।
यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिशें अब भी जारी हैं, लेकिन सतर्क सुरक्षा व्यवस्था और जनता के साहस के आगे ऐसी साजिशें ज्यादा देर टिक नहीं पातीं है।
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