Wednesday, April 29, 2026

आंध्र प्रदेश में दिनदहाड़े पत्रकार की हत्या, सुबह की सैर के दौरान मज़हबियों ने किया हमला

आंध्र प्रदेश में दिनदहाड़े पत्रकार की हत्या: आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में पत्रकारिता पर एक बेहद भयावह हमला सामने आया है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया।

ABN आंध्र ज्योति से जुड़े पत्रकार जगनमोहन रेड्डी की मंगलवार सुबह उस समय बेरहमी से हत्या कर दी गई, जब वे अपनी रोज़ाना की सैर पर निकले थे।

मस्जिद के पास बाइक सवार हमलावरों ने उन पर अचानक चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। गंभीर चोटों के चलते मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई।

इस हमले में उनके साथ मौजूद पत्रकार सुब्रमण्यम भी घायल हो गए, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।

घटना इतनी योजनाबद्ध थी कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने पहले से रेड्डी की रेकी की थी।

पुलिस के अनुसार, जैसे ही उन्हें अकेला पाया गया, हमला कर दिया गया। इस निर्मम हत्या ने न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी पत्रकार सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

जांच में जुटी पुलिस, हर एंगल पर हो रही पड़ताल

चित्तूर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए छह विशेष टीमें गठित की हैं, जो हत्या के पीछे के कारणों की जांच कर रही हैं।

पुलिस अधीक्षक ने पुष्टि की कि हमले में बाइक सवार शामिल थे और व्यक्तिगत रंजिश से लेकर अन्य संभावित कारणों तक हर पहलू की जांच की जा रही है।

फोरेंसिक टीमों को मौके पर भेजा गया है और खुफिया इकाइयों को भी जांच में लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

इस घटना के बाद पत्रकार संगठनों और नागरिक समाज में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।

झारखंड में सवाल पूछने पर पत्रकार की पिटाई

आंध्र प्रदेश में दिनदहाड़े पत्रकार की हत्या: दूसरी ओर, झारखंड से भी पत्रकारों पर हमले की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से सवाल पूछना एक पत्रकार को भारी पड़ गया।

हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में मंत्री के दौरे के दौरान News18 के पत्रकार सुशांत सोनी ने मुआवजे को लेकर सवाल किया, जिससे मंत्री के समर्थक भड़क उठे।

इसके बाद भीड़ ने पत्रकार को घेर लिया और लात-घूसों से बेरहमी से पीटा। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है,

जिसमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह भीड़ पत्रकार पर हमला कर रही है। यह घटना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला मानी जा रही है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और विरोध की चेतावनी

इस घटना के बाद मौके पर मौजूद अन्य पत्रकारों ने विरोध जताया और राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी।

झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

यह मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है और सरकार पर दबाव बढ़ता दिख रहा है कि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

पत्रकारों की सुरक्षा पर उठते सवाल

आंध्र प्रदेश में दिनदहाड़े पत्रकार की हत्या: आंध्र प्रदेश और झारखंड की ये दोनों घटनाएं यह दर्शाती हैं कि देश में पत्रकारों की सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा बनती जा रही है।

एक ओर सच सामने लाने की कीमत जान देकर चुकानी पड़ रही है, तो दूसरी ओर सवाल पूछना भी जोखिम भरा हो गया है।

लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, लेकिन जब उन्हीं पर हमले होने लगें, तो यह व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी है।

इन घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या देश में पत्रकार सुरक्षित हैं, और क्या उनकी आवाज़ को दबाने की कोशिशें बढ़ रही हैं?

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